हरीश राणा की मां ने बताया क्यों मांगी बेटे के लिए मृत्यु।

वो तो क्या बताऊं मैं अब मां-बाप को कैसे लगता होगा कुछ नहीं बोल सकते वो तो क्या बताऊं मैं अब मां-बाप को कैसे लगता है वो कुछ नहीं बोल सकते हम कुछ नहीं बोल सकते तो इसकी सेहत जो है बिल्कुल गिर चुकी है और बेड सोल हो गया है। बदबू आने लग पड़ी।

अब शरीर आए दिन तक तो हम यही सोचते हैं चल ठीक हो जाए। पर अब उम्मीद नहीं है क्योंकि इसलिए नहीं है क्योंकि शरीर इसका दिन प्रतिदिन मतलब गिरता ही जा रहा है और आगे फिर है ना अभी तो हम कर रहे हैं आगे हम ऐसे थोड़ी रहेंगे लड़का दूसरा भी जवान है उसकी भी शादी करनी है कल को हमसे हो ना हो सेवा और ऐसे पड़ा रहे फिर कौन करेगा तो आप आप या आपके परिवार के सारे लोग अभी आप क्या चाहते हैं अभी हम यही चाहते हैं भाई कोर्ट से आर्डर मिल जाए हमें या तो इसके अंग किसी को दान कर दें हम किसी के काम आ जाए कोई बेचारा ऐसा हो जिसको जरूरत हो क्योंकि अब इसका शरीर जो है वो तो बिल्कुल मतलब नहीं है अब इच्छा हां तो अब आगे हमारे से भी नहीं हो रही आगे हम भी देखो अभी हाथ का हुआ है उठता नहीं साथ में भी दर्द हो गई अब ये भी बाहर चले जाते बच्चे भी चले जाते कई बार मैं बिल्कुल अकेली होती हूं मेरे से उठता नहीं है फिर आगे आगे के लिए भी है। आज तो हम हैं। कल को हम ना रहे तो फिर कौन करेगा?

अच्छा मुझे जरा बताइए अभी उसकी हालत कैसी है? मतलब वो कैसे खाता पीता है? कैसे सांस लेता है? नली पड़ी है। खाने के लिए नली पड़ी है। गले में वो सांस के लिए नली पड़ी है। बाथरूम के लिए नली लगी हुई है। तो हम अपनी मर्जी से देते हैं। वो तो कभी बोलता नहीं है। चालता नहीं है। अब गीला पड़ा रहेगा तो बोलेगा नहीं मेरे को गीला लग रहा है। वो हम अपनी मर्जी से उठाते हैं। अपनी मर्जी से साफ करते हैं। वो नहीं बोलता कुछ भी। चाहे आप पूरा दिन खाने के लिए मत दो। वह कभी नहीं बोलेंगे मेरे को भूख लगी है। मैं अपनी तरफ से कुछ भी नहीं बोलता वह। बस हम अपनी मर्जी से अभी मैंने 4:00 बजे दिया। अभी मैं 6:00 बजे फिर इसको सीधा करके इसकी एक्सरसाइज वगैरह मालिश वगैरह करनी।

तो अब तो अभी हम कर रहे हैं। हमें जोर है थोड़ा कर रहे हैं। आगे छोटे बेटा भी 28 साल का होने वाला है। उसकी शादी भी करनी है। बिल्कुल। तो अभी तो हम हैं। आगे हम अगर 4 साल छ साल ये जीता भी है। अगर भगवान अगर होश में आ भी जाता है और शरीर इसका ऐसे रहेगा तो हम ना रहेंगे तो कौन करेगा आगे? हां आपको उसके भी भविष्य की चिंता हां उसके परिवार के परिवार के लिए आगे दूसरे बच्चे की भी है। कौन करेगा फिर कोई नहीं करेगा। जब तक हम हैं मां-बाप हमारे शरीर में जोर है जब तक हम कर रहे हैं पर आगे फिर मुश्किल हो जाएगा ना। तो अब जैसे हाई कोर्ट ने तो अभी आप लोगों को रुकने के लिए कहा मना किया है। तो इसके बाद आपने क्या सोचा है।

सुप्रीम कोर्ट पे आप दस्तक देंगे? टांग दे देंगे हम साइन कर देंगे तो मैं तो तैयार है बिल्कुल क्योंकि आगे के लिए नहीं दिख रहा है ना मेरे को कोई अब नहीं है अब हमने 11 साल में देख लिया मतलब जितना करना था कर लिया पर अब पहले मेरे को लगता था भाई यहां ठीक हो जाएगा पर अब उम्मीद की ये जो डोर थी हम वो कब टूटी 11 साल में कब अब ये पिछले साल से जब से इसका शरीर बिल्कुल कमजोर होता चला ना और ये बेड सोल हो गया बदबू आने लग पड़ी अब तो बदबू नहीं आने तो सुबह उठाते हैं तो बदबू आती है जैसे चूहा सड़ा हो जी फिर वो नर्स से हमने मैंने बात करी मैंने ऐसे-से कह रहे आप खुला रहने दो जख्म अब उसको बंद मत करो तो हमने सफाई करके खुला छोड़ते हैं वो कई बार ये कोई होते नहीं है वो कल भी दो बार ना पाइप छूट गई तो मेरे को अकेली को बदलना पड़ती बड़ी परेशानी होती बिल्कुल तो आज तो चलो मैं कर रही है मां है मैं तो कर रही है कल को भगवान ना करे मैं ही पहले चली जाऊं और ये ऐसे पड़ा रहे कौन करेगा अच्छा जैसे मैंने देखा आप लोग बहुत धार्मिक हैं इतनी तकलीफ इतने संघर्ष के बाद तो इंसान का पैका कई बार भगवान से भी भरोसा उठ गया। मेरा तो उठ गया जी। मेरा उठ गया भरोसा। मेरा उठ गया भगवान से तो क्योंकि भगवान इतनी कष्ट थोड़ी देता अब 11 साल है। अगर मैं तो चाहती आप ठीक नहीं कर रहे हैं तो इसको मुक्त तो करो।

मेरा तो मैं तो इनसे भी मेरी लड़ाई हो जाती है। मेरा भरोसा उठ गया अब। क्योंकि हमने कुछ नहीं छोड़ा आज दिन तक। और आपके पतिदेव हस्बैंड साहब वो तो बहुत धार्मिक हैं अभी भी। हां, वह तो है यह तो बिचारे इनको तो मैं हालांकि मेरे से लड़ाई भी हो जाती इस बारे में क्योंकि अब जब हम इतना कर रहे हैं, इतना सब कुछ कर रहे हैं फिर हम यह नहीं बोल रहे हैं कि आप ठीक कर दो।

हम अपने आप ही मुक्त कर दो इसको। क्योंकि अब नहीं देखा जाता। जैसे इसके तकलीफ नहीं देखी जाती। जिस तरीके से इसकी परेशानी है। बेड सोल है पीछे हाथ पैर बिल्कुल टेढ़े हो गए हैं। पहले से आप लोगों ने भी मेरे ख्याल से कोई पूजा पाठ दरबार सब कुछ जी कुछ नहीं छोड़ा जी हमने अब बस यही था बस लास्ट अब ये लग रहा है भगवान अब अपने आप मुक्ति दे दे बस बाकी हम नहीं बोल रहे आप ठीक करो मुक्ति दे दे अब क्योंकि अब नहीं है इसके शरीर में कुछ नहीं है चलिए ठीक है मतलब वही है देखिए हम हम क्या कोई भी कुछ आपकी तकलीफ कम नहीं कर सकते।

जब ऊपर वाला ही कम नहीं कर रहा है तो हम इंसान क्या कम करेंगे? लेकिन बस मैं इतना कहूंगा कि आप फिर भी हौसला रखिए अब तक जिस तरह नहीं हौसला तो खैर रखा हुआ है ऐसी बात नहीं है नहीं रखा हुआ है पर आगे जो आने वाला टाइम है ना उसके लिए देख रहे हैं ना हम क्योंकि कल को अगर मान लिया पांच छ साल 4 साल छ साल और भी पड़ा रहता है तो कल को दूसरे बच्चे की भी हमने शादी करनी है बहू भी आएगी तो हम तो कर रहे हैं कल को हमारे से ना हो तो हम उसको थोड़ी बोलेंगे तू इसका टट्टी पेशाब उठा कुदरती हमारे से नहीं बोला जाएगा जब हमारे शरीर नहीं चलेगा तो हम कैसे उठाएंगे तो हम यही चाहते हैं आगे आने वालों को तो नहीं हो सकता ना जो बच्चे जॉब करेंगे वह कब करेंगे इसकी सेवा कल को हम ना रहेंगे जब तक हम मैं और ये हैं जब तक तो हम कर रहे हैं ये बाहर का कर रहे हैं मैं अंदर का कर रही हूं कल को हम ना रहे आप मैं ना रहूं या ये ना रहे फिर कौन करेगा आगे बच्चे नहीं खर्चा भी कैसे चलेगा तो खर्चा भी कैसे चलेगा बताओ अभी तो कर रहे हैं कभी लड़ भी पड़ते हैं आपस में क्योंकि थक जाते काम नहीं होता ये तो बहुत देखिए ये स्वाभाविक बात है तो लड़ाई कई बार लड़ाई भी हो जाती है आपस में क्योंकि थक जाता है शरीर झुमाने लगता है ना ये हां जब आदमीता नहीं लेकिन कई बार आदमी हां कुदरती हो जाता है ना तो मैं हम तो इसका इस मारे मैंने बोला इनको हालांकि ये तो अभी भी राजी नहीं है खैर ये तो अभी भी मना करे पर मैंने बोला मैं मां हूं ये अभी भी राजी नहीं है मैं मां हूं मैं कह रही आपने नहीं साइन करी मैं करूंगी साइन जब मैंने 9 महीने पेट में रखा है जन्म दिया है तो मैं साइन करूंगी क्योंकि आगे का फ्यूचर इसका नहीं है ना कुछ भी नहीं है इसके आगे क्योंकि आगे नहीं होगा हम नहीं रहेंगे तो कौन करेगा इसका अगर कल होश में आ भी जाता है रिकवर करना बॉडी से जब तक हम है जब तो चलो रगड़ घसीट के हम करते रहेंगे फिर बाद में कौन संभालेगा आज तो हम बोल देंगे जी हम नहीं करना चाहते हैं कुछ भी पर कल कौन संभालेगा ठीक है फिर ऐसे पड़ा रहे फिर वो हिसाब है बिस्तर में पड़े पड़े सड़े तो फिर क्या फायदा है?

ऐसी जिंदगी जीने का क्या फायदा है? आप ही बताओ कुछ फायदा है? नहीं है फायदा कोई तो इससे तो ये है जो उन्होंने अपना मन खड़ा किया है और ये सोच कम से कम अपने मन में बनाई है कि जो ऑर्गन है वो डोनेट करें। हां हम यही चाहते हैं। बच्चे में कम से कम बस हम यही चाहते हैं। अब इसकी ये भी एक उम्मीद है। उम्मीद है। और दूसरी बात ये है वो देखो इसकी जिंदगी तो खराब हो ही चुकी है। अब दूसरा बेटा भी है। उसकी जिंदगी के बारे में भी हमने सोचना है। कल को उसकी शादी भी होगी। उसका परिवार भी होगा। अब उसको हम ज्यादा जोर डालेंगे तो वो बोलता है मैं शादी कर लूं। कल को मैं टाइम ना दे पाऊं।

अब वही उठाता है। वही बिठाता है। मैं तो ये उसके साथ हेल्प कर देती। जैसे आज सुबह नल आया तो उसके साथ हेल्प कर दी। हमारे बस की उठा। अगर वो दो दिन ना आए तो दो दिन बिस्तरे में रहता ये। बिल्कुल। हमारे बस की तो है नहीं उठाना। गर्मियों की छुट्टी होने वाली थी। मेरे पापा आने वाले थे तो हम लोग सभी खुश थे। तो मैं एक बेड पे चढ़ के डांस कर रहे थे।

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