आधे हिंदू आधे मुसलमान हैं गोविंदा। एक नहीं दो धर्मों से है चीची का नाता। हिंदू नहीं मुस्लिम थी गोविंदा की मां निर्मला। प्यार के लिए बदला धर्म फिर बन गई साध्वी। मरकर भी नहीं छोड़ा बेटे को अकेला। गोविंदा फिल्मों से ऑलमोस्ट गायब हो चुके हैं। लेकिन खबरों में से नहीं। बीवी सुनीता के साथ अनबन, तलाक के रूमर्स, अफेयर के आरोप और बच्चों की अनदेखी।
यह वो सारी वजह हैं जिनके चलते गोविंदा की निजी जिंदगी का तमाशा बना हुआ है। जिसके चलते गोविंदा और उनके परिवार के अतीत को भी इंटरनेट पर खूब कुरेदा जा रहा है। इसी बीच चर्चा में आ गई है उनकी मां निर्मला देवी और उनका धर्म। गोविंदा की बातों में अक्सर उनकी मां का जिक्र आता है। लेकिन बहुत कम लोग गोविंदा की मां से जुड़ा यह सच जानते हैं कि वह जन्म से मुस्लिम, धर्म से हिंदू और कर्म से एक साध्वी थी। बता दें कि निर्मला देवी के नाम से मशहूर हुई गोविंदा की मां पहले मुस्लिम थी।
लेकिन बाद में उन्होंने अपना धर्म बदल लिया और हिंदू बन गई। गोविंदा की मां निर्मला देवी का जन्म 7 जून 1927 को बनारस में हुआ था। उनका असली नाम नजमा था और वह बनारस के एक मुस्लिम संगीत घराने से ताल्लुक रखती थी। गोविंदा की मां को बचपन से ही घर में संगीत का माहौल मिला। 7 साल की उम्र में उन्होंने पटियाला घराने के उस्ताद अब्दुल रहमान खान से संगीत की शिक्षा ली। और फिर आगे चलकर हिंदी फिल्मों में किस्मत आजमाई। आप यह जानकर हैरान रह जाएंगे कि गोविंदा की मां ना सिर्फ एक जानी मानी क्लासिकल सिंगर थी बल्कि उन्होंने कई बॉलीवुड फिल्मों में भी काम किया था। फिल्म सवेरा के सेट पर नजमा की मुलाकात अरुण आहूजा से हुई। इस फिल्म में दोनों एक दूसरे के अपोजिट कास्ट हुए थे और यहीं से इनका प्यार परवान चढ़ा।
साल 1941 में नजमा और अरुण कुमार आूजा ने शादी करने का फैसला लिया। नजमा ने धर्म बदलकर हिंदू धर्म अपना लिया और निर्मला देवी बन गई। बता दें कि गोविंदा अपने माता-पिता की छठी संतान हैं। गोविंदा के जन्म के बाद उनकी मां का झुकाव धर्म और अध्यात्म की तरफ हो गया था और पति की मौत के बाद तो जैसे उनकी पूरी जिंदगी ही बदल गई। निर्मला देवी ने फिल्मी दुनिया और सांसारिक जीवन से पूरी तरह से दूरी बना ली और साध्वी बनकर जीने लगी। गोविंदा की जिंदगी पर उनकी मां का गहरा प्रभाव रहा। कहा जाता है कि गोविंदा अपनी मां की कोई बात नहीं टालते थे। मां का फैसला गोविंदा के लिए आखिरी होता था। गोविंदा अपनी मां को देवी की तरह पूजते थे। जब वह जिंदा थी तब कुछ साल तक एक्टर अपनी मां के अंगूठे को धोकर पीते थे। आज जबकि उनकी मां जिंदा नहीं है तब भी वह अपनी मां की तस्वीर के दर्शन किए बिना घर से बाहर नहीं निकलते। अपनी मां को याद कर वह आज भी इमोशनल हो जाते हैं। ऐसा भी कहा जाता है कि गोविंदा की मां निर्मला देवी ने अपनी मौत की भविष्यवाणी पहले ही कर दी थी।
अपने एक इंटरव्यू में गोविंदा ने खुद बताया था कि उनकी मां ने अपनी मौत की भविष्यवाणी कर दी थी। उनकी मां ने उन्हें बताया था कि उनकी मौत 3 महीने बाद हो जाएगी और ऐसा ही हुआ भी। ठीक 3 महीने बाद 15 जून 1996 को उनका निधन वैसे ही हुआ जैसा कि उन्होंने कहा था। गोविंदा और उनकी मां से जुड़ा यह किस्सा भी बेहद मशहूर है। जब कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि गोविंदा को अपनी मरी हुई मां दिखती थी और वह उनसे बातें भी करते थे।
यह किस्सा साल 2009 में आई फिल्म लाइफ पार्टनर की शूटिंग के दौरान का है। बताया जाता है कि गोविंदा ने एक खाली कुर्सी मंगवाई और उस पर अपनी मां के होने का एहसास करते हुए लगभग 2 घंटे तक उनसे बातें की। उन्होंने अपनी मां के पैर भी छुए और भाई से उन्हें अकेला छोड़ने को कहा। हालांकि हकीकत यह थी कि उस वक्त उनके साथ कोई नहीं था। गोविंदा को हमेशा अपनी मां के साथ होने का एहसास होता है।
