खुद गैर के साथ रील बनाते हो और…अदनान शेख की बीवी को हिजाब में देख उठे सवाल।

पर्दा खाली बीवी पर फर्ज है। तुम्हारे पर पर्दा फर्ज नहीं है। बीवी को बुर्खा पहना के खुद हराम काम वाह रे सच्चा मुसलमान। दरअसल इन दिनों सोशल मीडिया पर अदनान शेख का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसरर अदनान शेख की पत्नी मॉल में नजर आती हैं

जहां उन्होंने सिर से पांव तक काला हिजाब या नकाब पहना हुआ है और सिर्फ आंखें ही दिखाई दे रही हैं। इस वीडियो के बाद इंटरनेट पर एक बड़ी बहस छिड़ गई है। कुछ लोग कह रहे हैं कि शादी के बाद उनकी पत्नी ने इस्लाम अपनाया और अब पूरी तरह हिजाब में रहती हैं। वहीं कुछ लोग यह भी आरोप लगा रहे हैं कि उन पर ऐसा करने का दबाव हो सकता है। हालांकि इस मामले में कई तरह की राय सामने आ रही हैं। दरअसल सोशल मीडिया यूज़र्स का कहना है कि पहले अदनान शेख की पत्नी का नाम रिद्धि यादव था।

वह एक मराठी हिंदू परिवार से थी और एयरलाइन कंपनी इंडिगो में एयर होस्टेस के रूप में काम करती थी। वायरल पोस्ट में यह भी कहा जा रहा है कि पहले उनका लाइफस्ट काफी मॉडर्न था। लेकिन शादी के बाद उन्होंने इस्लाम कबूल किया और अब पूरा हिजाब पहनती हैं। हालांकि कुछ लोगों ने उनके वेट गेन को लेकर भी सवाल उठाए। लोगों ने कहा कि जो लड़की पहले बहुत फ्री थिंकिंग के साथ रहती थी। अपनी फिटनेस पर ध्यान देती थी।

आज वह लड़की बिल्कुल बदल चुकी है। हिजाब है, वेट गेन है और पूरी तरह से पर्दे में है। सोशल मीडिया पर यह सवाल उठाए जा रहे हैं कि जब अदनान शेख दूसरी लड़कियों के साथ काम करते हैं, रील्स बनाते हैं, डांस करते हैं, तो खुद की बीवी को इतना पर्दे में क्यों रखते हैं? क्या मर्दों के लिए कोई हिजाब नहीं होता?

इस्लाम में हिजाब का मतलब सिर्फ कपड़े नहीं बल्कि शालीनता से रहने का सिद्धांत माना [संगीत] जाता है। महिलाओं के लिए शरीर को ढकने वाली ढीले कपड़े, सिर को ढकना और सादगी से रहना इसी को हिजाब का हिस्सा माना जाता है। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि इस्लाम में पुरुषों के लिए भी हिजाब के नियम [संगीत] होते हैं। मर्दों के लिए नजरों को नीचे रखना, शरीर के एक हिस्से को ढक कर रखना और गुड बिहेवियर होना हिजाब का हिस्सा माना जाता है।

इस वायरल वीडियो के बाद कई यूज़र्स सवाल उठा रहे हैं। कुछ लोगों का कहना है कि अगर पत्नी को पूरी तरह हिजाब में रहना है तो पति को भी इस्लाम के नियमों का पालन करना चाहिए क्योंकि सोशल मीडिया पर अक्सर देखा जाता है कि इन्फ्लुएंसरर रील्स बनाते हैं, डांस वीडियो करते हैं और कई बार ऐसे इवेंट्स में जाते हैं जहां ग्लैमरस माहौल होता है। इसी वजह से लोग इस मामले में दोहरे मानदंड का आरोप [संगीत] लगा रहे हैं। एक यूजर ने लिखा भाई तुम्हारा रिलीजन में सारे रूल्स वुमेन क्यों फॉलो करती हैं? आई गेस यू आर डूइंग हराम टू। बट यू विल से इट्स माय वर्क हिपोक्रेसी। मेकर ने लिखा शर्म आनी चाहिए। तुम जैसे मर्दों को औरत [संगीत] बीवी को पर्दा करवाते हैं।

खुद गुनाह पे गुनाह कर रहे हो। बेशर्म। मेगा ने लिखा पर्दा खाली बीवी पर फर्ज है। तुम्हारे ऊपर फर्ज नहीं है। ने लिखा बीवी को बुर्खा पहना के खुद हराम काम कर रहे हैं। सच्चे मुसलमान है। मेक ने लिखा भाई नात बनाया है या सॉन्ग। म्यूजिक हराम है। खुद भी गुनाह कर रहे हैं और लोगों को भी गुनाह में डाल रहे हैं। मेगा ने लिखा जो लड़की एक जमाने में शॉट्स पहनकर मंदिर जाना चाहती थी आज त्रिपाल पहनकर शॉपिंग मॉल में घूम रही है। ना जाने कौन सी मजबूरी ने इतना मजबूर कर दिया। मेक ने लिखा उसको अपनी लाइफ जीने दीजिए। उसकी लाइफ है उसकी चॉइस है। मेगा ने लिखा खातून ना धर्म की रही ना नाम की पहचान भी। गई धर्म भी गया। चित्र और चरित्र अब तंबू में बंबू। नंगेज को कभी समर्थन नहीं लेकिन जिस धर्म में हो सकता है पालन करो। ज्ञान नहीं बगाड़ना ज्यादा। बहुत अच्छा है। ऐसी लड़कियों के लिए सबसे सही जगह इस्लाम में ही है। बिकॉज़ ने लिखा फ्रॉम माय बॉडी माय चॉइस टू माय फेस माय फ्यूनरल। वर्क फेमिनिस्ट रिद्धि यादव यूज्ड टू इंस्टिगेट हिंदू गर्ल्स गो टू टेंपल्स इन शॉट्स स्मैश पेट्रियाकी।

नाउ शी इज हैप्पीली वैनिश्ड अंडर अ फुल ब्लैक टेंट फॉर हर मैन अदनान शेख। सोशल मीडिया पर कुछ लोग भारतीय क्रिकेटर शिवम दुबे का भी एग्जांपल दे रहे हैं। शिवम दुबे की पत्नी मुस्लिम है.

लेकिन उन्होंने अपना धर्म नहीं बदला। कई लोग इसे अलग-अलग उदाहरण के तौर पर पेश कर रहे हैं कि अलग-अलग परिवार अपने तरीके से फैलते हैं। इस्लामी कानून के मुताबिक मुस्लिम महिला के लिए आमतौर पर मुस्लिम पुरुष से शादी करना जरूरी माना जाता है। जबकि मुस्लिम पुरुष को कुछ मामलों में अहले किताब धर्मों से शादी की अनुमति बताई जाती है। हालांकि अलग-अलग देशों और समाजों में इस पर अलग-अलग प्रैक्टिस देखने को मिलती।

इस पूरे विवाद के बीच सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या यह किसी व्यक्ति की व्यक्तिगत पसंद है या समाज और रिश्तों का दबाव? क्योंकि हर इंसान की जिंदगी और उसके फैसले अलग होते हैं। सोशल मीडिया पर चल रही बहस में कई बार पूरी सच्चाई सामने नहीं आती। फिलहाल यह मामला सोशल मीडिया पर चर्चा में है। आप क्या कहना चाहेंगे?

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