आजाद सिंह। 10 सालों से फर्जी दरोगा बनकर घूम रहे हैं। कैरेक्टर में इतने घुस गए कि 5 साल पहले खुद को प्रमोशन भी दे चुके हैं। मां ने खुद की भर्ती पहले सिपाही के पद पर की थी और प्रमोशन देकर दारोगा बना दिया।
भर्ती हुई साल 2015 में और प्रमोशन हो गया साल 2020 में। फर्जी वर्दी के बाद झूठ बोलकर शादी तक कर ली। भौकाल भी इतना टाइट के पत्नी के भाई यानी साले को अपना फॉलोअर बना लिया।
इलाके में रोड पर गाड़ियां रोक-रोक कर वसूली करता रहा। लेकिन फिर एक दिन ऐसा आया कि असली पुलिस ने इनको धर लिया। खुद तो गिरफ्तार हुए ही साथ में फॉलोअ साले को भी ले डूबे। यह हो गया खबर का बैकग्राउंड। अब जरा विस्तार से समझते हैं।
मामला उत्तर प्रदेश के कानपुर का है। चोरी के केस में पुलिस जांच करने सजेते इलाके पहुंची थी। तारीख थी 27 अगस्त। आज तक से जुड़े रंज सिंह की रिपोर्ट के मुताबिक आसपास के लोगों ने बताया कि एक दारोगा है जो कार से घूमता है और रोड पर दूसरी गाड़ियों को रोक कर वसूली करता है। बताया कि दूसरों को नौकरी का झांसा देकर लाखों रुपए भी ऐठता है।
शिकायत मिली तो सजेती के थानेदार अवधेश सिंह ने फर्जी दरोगा आजाद और उसके फॉलोअर सौरभ को थाने बुलाया। बुलावे पर दोनों वर्दी पहनकर थाने आ गए। आजाद सिंह ने थानेदार से कहा, “मैं आजाद सिंह हूं।” इटावा के फ्रेंड्स कॉलोनी थाने में पोस्टेड हूं। यह मेरा साला है सौरभ सिंह। थानेदार अवधेश सिंह ने बताया उसकी दाढ़ी हल्की बढ़ी हुई थी। लेकिन हावभाव और एक्शन से वह बिल्कुल पुलिसकर्मी नहीं लग रहा था। मेरी पोस्टिंग पहले इटावा में थी। इसलिए तुरंत अपने सूत्रों से उसके बारे में पूछा। संपर्क करने पर पता चला कि आजाद सिंह नाम का तो कोई दरोगा है ही नहीं और ना पहले कभी पोस्टेड था। मुझे तुरंत समझ आ गया कि यह फर्जी दरोगा है। उसके साले सौरभ सिंह से बात की तो वह बोला कि मेरे जीजाजी तो दरोगा है ही।
इसलिए तो 5 साल पहले अपनी बहन की शादी की थी। आजाद के साले सौरभ सिंह की उम्र 21 साल बताई जा रही थी। वो आजाद सिंह के साथ काम करता था। लेकिन उसे यह नहीं पता था कि वह खुद भी एक फ्रॉड का हिस्सा बन रहा है। पूछताछ के बाद पुलिस आजाद के घर गई। जांच में कुछ बिल, फर्जी यूनिफार्म, एक एयर पिस्टल और पुलिस से जुड़ा बाकी फर्जी सामान भी मिला है। आगे की जांच में खुलासा हुआ कि आजाद कौशांबी का रहने वाला है। 2015 में फर्जी सिपाही बना था और अपने ही जिले में घूमता रहता था। वहीं के एक थाने के पास कमरा लेकर रहता था। फिर 5 साल बाद उसने खुद को प्रमोशन दिया और दारोगा बना लिया।
फर्जी यूनिफार्म दिखाकर अपने शहर की सुजाता नाम की लड़की से शादी भी कर ली। ससुराल वालों को भी लगता था कि दामाद दारोगा है। फिर कुछ दिनों बाद उसने पत्नी के भाई सौरभ को अपना फॉलोअर बना लिया। सौरभ के साथ मिलकर वसूली भी करता था। गाड़ियों से वसूली के साथ-साथ आसपास और गांव के लड़कों से भी पैसे लिए थे। यह कहकर कि पुलिस में भर्ती करवा दूंगा।
थानेदार अवधदेश ने कहा कि कोई आने जाने की टाइमिंग को लेकर टोके ना। इसलिए वह लोगों से कहता था कि थाने नहीं जाता क्योंकि स्पेशल जांच टीम में हूं। पुलिस ने बताया कि आजाद के पास से एक मोबाइल फोन और तीन नेम प्लेट भी बरामद हुए हैं। फिलहाल आजाद और सौरभ दोनों पुलिस हिरासत में हैं। इस खबर में फिलहाल इतना ही। आगे जो भी अपडेट्स इस खबर से जुड़ाएंगे हम आप तक वो भी पहुंचाएंगे।
