दिल्ली और आसपास के इलाकों में पिछले कुछ दिनों से ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं जो सिर्फ खबर नहीं बल्कि कई सवाल खड़े कर रही हैं। एक के बाद एक युवक लापता होते हैं और फिर कुछ दिनों बाद उनकी मिलती है। ताजा मामला 23 साल के फैज का है जो दिल्ली के ओखला इलाके के मदनपुर खदर का रहने वाला था।
7 मार्च को फैज अपने घर से निकला। शुरुआत में सब कुछ नॉर्मल था। लेकिन 8 मार्च को जब उनके परिवार से आखिरी बार बात हुई तो उन्होंने एक चौंकाने वाली बात कही। उन्होंने बताया कि वह ट्रेन से मुंबई जा रहे हैं और कुछ अनजान लोगों के बीच खुद को फंसा हुआ.
महसूस कर रहे हैं। इसके बाद अचानक उनका फोन बंद हो गया। परिवार ने तुरंत तलाश शुरू की। रिश्तेदारों से कांटेक्ट किया। पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई लेकिन कई दिनों तक कोई सुराग नहीं मिला। फिर 21 मार्च को हरियाणा के पलवल जिले से खबर आती है। एक नहर में एक शव मिला है। पहचान होने पर वो फैज़ का निकला।
यह सभी जानकारी सोशल मीडिया पर लोग वायरल कर रहे हैं। पोस्ट लिख रहे हैं। एक यूजर ने लिखा द सेम पैटर्न सेम थिंग हैपन विद अरीब एंड अनस मिसिंग फॉर सम डेज एंड देन देयर बॉडी फाउंड इन सम कैनल मुस्लिम लीडर्स एंड मुस्लिम लॉ मेकर्स नीड्स टू डू दिस वेरी केयरफुली। ने लिखा सर जी कुछ इसी तरह का हादसा कुछ सालों पहले हुआ। एक मुस्लिम भाई मुंबई से गाजियाबाद जा रहे थे।
उनका चोला चौकी जाना था। उन्हें रात जाने से मैंने मना किया। वहां खतरनाक मुस्लिम रहते हैं। किसी का लिहाज नहीं। उन्होंने कहा कि वह मुसलमान हैं। खतरा कैसा? उनका भी कत्ल हो गया था। ने कहा कोई रहस्यमई चाल हो रही है। एक धर्म विशेष के खिलाफ ऐसे ही पैटर्न से और भी मर्डर हुए हैं। पिछले कुछ [संगीत] दिनों से कोई तो है जो गुप्त रूप से मुसलमान लड़कों को टारगेट करके मार रहा है। मुझे ऐसा लग रहा है कि एक बहुत बड़ा खेल खेला जा रहा है। एक और यूजर ने लिखा यह लगता है टारगेट किलिंग हो रही है। सरकार और पुलिस प्रशासन को इस पर ठोस कार्यवाही करनी चाहिए और गहनता के साथ जांच करनी चाहिए।
ये चुन-चुन कर मुस्लिमों को निशाना बनाया जा रहा है। एक और लिखा जो कुछ भी देश में हो रहा है उसे पूरी दुनिया देख रही है। एक और लिखा ये एक साजिश के तहत किया जा रहा है टारगेट कर। एक ने लिखा यह संपत्ति का मामला लगता है। एक और लिखा बहुत दुख की बात है। जब तक इस तरह के घटना करने वालों को सजा नहीं मिलेगी घटना होती रहेगी। एक ने लिखा आरएसएस वाले बनकर टारगेट किलिंग कर रहे हैं। अब लग रहा है। अब सवाल यहां पर यह उठता है कि क्या यह एक अकेला मामला है?
या ऐसी घटनाएं लगातार हो रही हैं। मार्च महीने में ही इससे पहले अरीब का मामला सामने आया। फिर अनस का और अब फैज तीनों मामलों में एक बात कॉमन दिखती है लापता होना और कुछ समय बाद शव मिलना। इन घटनाओं के बाद लोगों में डर और चिंता बढ़ गई है। सोशल मीडिया पर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। क्या यह सिर्फ इत्तेफाक है या इसके पीछे कोई बड़ी कहानी छिपी है? कुछ लोग इसे जोड़कर देख रहे हैं। लेकिन अभी तक पुलिस या जांच एजेंसियों की तरफ से इन मामलों को जोड़ने वाला कोई पुख्ता सबूत सामने नहीं आया है।
हर केस की जांच अलग-अलग एंगल से की जा रही है और अभी कोई निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। ऐसे मामलों में कई संभावनाएं हो सकती हैं। व्यक्तिगत विवाद भी हो सकता है। अपराध या फिर कोई और कंडीशन। लेकिन सच्चाई वही होती है जो जांच में साबित हो। इस तरह के मामलों में अफवाह फैलाना या बिना जानकारी के कोई भी निष्कर्ष पर पहुंचना गलत है।
स्थिति को और गंभीर बना सकता है। इसलिए जरूरी है कि हम सिर्फ वेरीिफाइड जानकारी पर भरोसा करें। एक परिवार के लिए यह सिर्फ एक खबर नहीं बल्कि उनकी पूरी दुनिया का टूट जाना है और इसलिए जरूरी है कि सच्चाई सामने आए और न्याय मिले।
