विवादों में क्यों ड्रीमलाइनर…रोका जा सकता था हादसा ?

गुजरात के अहमदाबाद में विमान हादसा पूरी दुनिया स्तब्ध है पूरी दुनिया यूं कहे कि इस खबर को देख नहीं पा रही है हैरान है परेशान है कि आखिरकार इतनी बड़ी आपदा इतना बड़ा हादसा हो कैसे गया भारत से लेकर के ब्रिटेन अमेरिका हर तरफ इसी की चर्चा है इतने ज्यादा ह्यूमन लॉस विमान हादसे में सबसे ज्यादा भारतीय उसके बाद ब्रिटिश और फिर दूसरे नागरिकों की भी मौत हुई है जबकि हादसे का शिकार एयर इंडिया का यह बोइंग 787 ड्रीम लाइनर बोइंग कंपनी का था.

ड्रीम लाइनर तो ऐसे में जिस तरह से यह विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ वो भारत के लिए ड्रीम लाइनर तो बिल्कुल साबित नहीं हुआ कहते हैं कि मोस्ट सेफेस्ट प्लेन इन द वर्ल्ड ड्रीम लाइनर ड्रीम लाइनर नहीं भारत के लिए तो ये लाइनर साबित हुआ क्योंकि हाल के दशकों में इस तरह का भयावह विमान हादसा पूरी दुनिया में नहीं देखा गया है बोइंग 787 ड्रीम लाइनर विमान के इस तरह के हादसों ने ना सिर्फ भारत बल्कि पूरी दुनिया के लिए चिंता का सबब बना दिया है.

साथ ही यात्रियों की सुरक्षा को लेकर कई सवाल भी खड़े कर दिए हैं अब ऐसे में सवाल यह है कि दुनिया का सबसे सुरक्षित माना जाने वाला विमान बोइंग 787 ड्रीम लाइनर कैसे इतने बड़े हादसे का शिकार हो गया 265 लोगों को ले जा रहा था यानी कि अब तक टोल हो चुकी है 265 की निधन हो चुकी है. इस हादसे में इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा बोइंग के विमानों में कई तरह की तकनीकी खराबी के बावजूद भी उसे यात्रियों के लिए कैसे उड़ने की इजाजत दी जा रही है व दुनिया के किन-किन देशों में बोइंग के विमानों को ग्राउंड किया जा चुका है यह भी एक रियलिटी है।

यह भी एक सच है और क्या इस हादसे में इस हादसे के बाद भारत में भी बोइंग के विमानों को ग्राउंड किया जाएगा या इस पर विचार किया जाएगा आज इस पर जो कहेंगे सच कहेंगे [संगीत] तो अहमदाबाद में हुए बोइंग 787 विमान हादसे ने कई परिवारों को लेल लिया ऑफिशियल जानकारी के मुताबिक शाम तक जो ऑफिशियल फिगर आया था 265 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं वो शव भी क्या किस हालत में वो तो देख भी नहीं सकते यानी इस विमान हादसे में 265 लोगों की जान जा चुकी है।

29 यात्री थे पायलट और क्रू मेंबर 12 241 एक बच गए थे इसके अलावा एयरपोर्ट के पास बने डॉक्टर्स के हॉस्टल्स में डॉक्टर्स थे रेजिडेंट डॉक्टर्स थे उनकी भी मौत हुई है साथ ही आसपास रहने वाले 20 अन्य लोगों की भी मौत है चार डॉक्टर्स की भी मौत है हादसा इतना भयावह था अंदाजा 24 घंटे बाद भी मौके की तस्वीर अब भी आप देखेंगे ना अब भी रूह कांप जाए हादसे के दूसरे दिन भी रेस्क्यू ऑपरेशन चलता रहा सुबह से ही एनडीआरएफ की टीम डेड बॉडीज और घायलों की तलाश में अब भी लगी रही जरा पहले यह ग्राउंड रिपोर्ट देखते हैं अहमदाबाद प्लेन हादसे को 24 घंटे से ज्यादा का वक्त हो गया और अभी भी यहां पर रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा है।

एनडीआरएफ की टीम इसके अलावा फॉरेंसिक एक्सपर्ट की टीम स्पॉट पर मौजूद है तस्वीरें कितनी भयानक थी इसको देखकर आप अंदाजा लगा सकते हैं कि जो प्लेन क्रैश हुआ है वो कितना दर्दनाक हुआ होगा देखिए कि जो प्लेन क्रैश हुआ है वो मेस बिल्डिंग पर हुआ है वहां पर अभी भी प्लेन के टुकड़े के निशान हैं उनको हटाया जा रहा है इसके अलावा जो हॉस्टल बिल्डिंग है सफेद बिल्डिंग पूरी तरह से धुएं के गुबार के कारण काली पड़ गई है।

इससे आप हादसा कितना दर्दनाक था उसका अंदाजा लगा सकते हैं अब तक इस हादसे में 265 लोगों की जान गई है जो ऑफिशियली आंकड़ा आया है 265 लोगों की जान गई है हालांकि अनऑफिशियल आंकड़े की बात करें तो यह संख्या 296 के करीब बताई जाती है प्रशासन की सबसे बड़ी चिंता यह है कि इस हादसे में जो शव है इस तरह से जल गए हैं शव छत बिछत हो गए हैं जिनको पहचान पाना मुश्किल हो रहा है यही कारण है कि जो लोग भी शवों का क्लेम कर रहे हैं उनके घर वालों का डीएनए टेस्ट कराया जा रहा है और डीएनए टेस्ट के मिलान के बाद ही उनको शव दिया जाएगा जिनमें 42 से 72 घंटे का वक्त लगेगा अंचल के साथ इंद्रजीत सिंह अहमदाबाद अपनों को तो अपनों ने खो दिया पूरी दुनिया स्तब्ध है अब बात आती है कोई रिस्पांसिबिलिटी लेगा इसके पीछे की वजह क्या है सबसे अहम पॉइंट आ जाता है जांच अब शुरू करते हैं घटनाक्रम घंटा के बाद अलग-अलग एजेंसियां जांच में लग गई हैं।

थ्री पॉइंट इन्वेस्टिगेशन इस वक्त जो हमारी रिपोर्ट्स हैं हमारे रिपोर्टर्स हैं हमारे जो एक्सपर्ट्स हैं उनसे जब हमने बात की थ्री पॉइंट इन्वेस्टिगेशंस इस वक्त चल रहा है एआईबी यानी कि एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो आईसीएओ यानी कि अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन द्वारा निर्धारित अंतरराष्ट्रीय प्रोटोकॉल के मुताबिक औपचारिक जांच इसने शुरू कर दी है एआईबी ने जो इंटरनेशनल नॉर्म्स होते हैं उसके मुताबिक ये शुरू हो गया है सेकंड जो हमें पता लगा विमानन सुरक्षा को मजबूत करने के लिए सरकार ने इस मामले में एएआईबी की जांच के अलावा विभिन्न क्षेत्रों के जो विशेषज्ञ हैं जो एक्सपर्ट्स हैं उनको बुलाया है एक उच्च स्तरीय समिति बना दी गई है व अमेरिका की नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड यानी एनटीएसबी है।

उसके नेतृत्व में अमेरिकी जांचकर्ताओं की एक टीम भारत आने वाली है भारत आएगी बहुत जल्दी और अहमदाबाद में एयर इंडिया के बोइंग 787 विमान के इस हादसे इस क्रैश की जांच में एएआईबी जो कर रही है जांच उसमें सहयोग करेगी इस बीच आज मौके पर जांच के दौरान गुजरात एटीएस को एयर इंडिया के विमान के मलबे से एक डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर जिसे कहते हैं डीवीआर ये देखिए यह मिल गया है माना जा रहा है कि यह भी जांच में बहुत अहम कड़ी साबित हो सकता है तो एयर इंडिया की फ्लाइट एआई71 बोइंग इसने उड़ान भरी थी और उड़ान भरते ही 7878 इतनी जल्दी हादसे का शिकार कैसे हो गया इससे पहले भी क्रशेस हुए हैं लेकिन यहां सबसे बड़ी बात जो कल से सामने आ रही है कि जैसे हुआ कुछ सेकंड इतनी जल्दी कैसे शिकार हो गया ये वीडियो देखते ही अपने आप में जैसे इतनी जल्दी कैसे कुछ समझने तक का मौका नहीं मिला टेक ऑफ किया नहीं कि हादसा हो गया अब किसी छोटी सी तकनीकी या ऑपरेशन से जुड़ी गलती यानी कि कॉन्फ़िगरेशन एरर एक आज जो है एक शब्द सामने आया अब इसका प्रमाण क्या है ये क्या होता है हम आपको बता दें तीन पॉसिबिलिटीज इस वक्त जो चल क्या रही है एरर कहां पर आया होगा जांच एजेंसियां तो जांच कर रही है।

फिलहाल जो थ्योरीज चल रही हैं जिसके हिसाब से जो एक्सपर्ट्स के हिसाब से आई हैं वो तीन एक तो कॉन्फ़िगरेशन एरर नंबर एक वो बताते हैं आपको कि होता क्या है अब टेक ऑफ के समय कॉन्फ़िगरेशन एरर का मतलब होता है कि विमान की उन सेटिंग्स की गलती जो उसे सही ढंग से उड़ान भरने में रोक देती है इसमें फ्लैप्स उसकी सेटिंग अगर गलत हो कम थ्रस्ट यानी कि वो जो पूरा प्रेशर लगाया जाता है जब विमान में अगर आप बैठे होंगे बैठते हैं तो बहुत तेजी से आवाज आती है जैसे कि बहुत ते स्पीड बढ़ाने की कोशिश की जाती है वो थ्रस्ट होता है प्रेशर थ्रस्ट का कम रहना समय से पहले टेक ऑफ यानी रोटेशन या लैंडिंग गियर का ठीक से ना उठना उसमें पायलट को पायलट को कहता है कि पुल अप द लैंडिंग गियर अब हो सकता है ऐसी कोई गलती शामिल हो ये सभी चीजें विमान के उठने और ऊंचाई पकड़ने की क्षमता पर असर डालती हैं जिससे विमान स्टॉल कर सकता है नियंत्रण खोज सकता है टेक ऑफ उड़ान का सबसे जोखिम भरा हिस्सा होता है टेक ऑफ जो होता है सबसे जोखिम भरा हिस्सा वही होता है सही फ्लैप सही स्पीड थ्रस्ट रोटेशन बहुत जरूरी होते हैं सिंक्रोनाइजेशन होना चाहिए।

गर्म मौसम में गलती की गुंजाइश तो और भी कम हो जाती है तो यानी कि इन सब की एक पॉसिबिलिटी हो सकती है अब आपके ज़हन में सवाल उठ रहा होगा कि आखिर अहमदाबाद में हुए Air इंडिया के विमान हादसे में किससे और ऐसी क्या गलती हुई कि एक मिनट भी नहीं लगा टेक ऑफ के कि विमान जमीन पर धराशाई हो गया आग के गोले में एक ब्लास्ट की तरह तब्दील हो गया वो भी आपको बताते हैं पॉसिबल मिस्टेक्स एक जैसा कि हमने आपको बताया पहले तो वो सेटिंग्स हमने कहा कॉन्फ़िगरेशन कॉन्फ़िगरेशन मतलब कि वो सब चीजें एक साथ नहीं थी वो कौन सी सब चीजें होती हैं एक तो ये फ्लैप्स का गलत चयन अगर फ्लैप्स बहुत कम लगाए गए हैं तो विमान के लिए लिफ्ट ऊपर उठना मुश्किल हो जाता है व ज्यादा फ्लैप्स जो पंखे के आकार के होते हैं ज्यादा फ्लैप से ड्रैग इतना बढ़ जाता है कि विमान ऊपर नहीं जा पाता इसका भी बैलेंस होना चाहिए अब अहमदाबाद जैसे गर्म मौसम में पायलट्स को बहुत सटीक सेटिंग्स रखनी होती है यहां फ्लैप्स अगर गलत चुन लिए गए या गए होंगे या हैं इफ एंड व्हाट तो विमान को सही ऊंचाई मिल ही नहीं पाएगी दूसरा ये हो सकता है पॉसिबिलिटी ह्यूमन फेलियर पायलट की गलती पायलट किसी अलर्ट या एटीसी से संपर्क में होते हैं जब तक टेक ऑफ नहीं हो जाता है एक उस हाइट तक नहीं पहुंच जाते तो एटीसी के संदेश में अगर उलझ गए हो कोई सेटिंग ना देख पाए हो आपस में क्रॉस चेक नहीं कर पाए हो एक पायलट ने कुछ कहा हो दूसरा पायलट को पायलट जो है वो हो सकता है उसे समझ ना पाया हो यह एक पॉसिबिलिटी हो सकता है।

तीसरा एफएमएस में कोई गड़बड़ी यानी ये जो पूरा सिस्टम आगे लगा ना ये हुआ फ्लाइट मैनेजमेंट सिस्टम अब इसमें कोई गड़बड़ी जैसे कि हमने थ्रस्ट की बात भली बताई और इंजन में कितनी ताकत होनी चाहिए उसकी भी एक सीमा होती है उसकी भी एक लिमिट होती है जो कि सेट की होती है टेक्निकल इंजीनियरिंग के हिसाब से जो कि पायलट्स को पता होती है विमान को उड़ान भरने के लिए कितनी ताकत की जरूरत पड़ेगी उस पर लेकर के आना यानी सब चीजों को इकट्ठा बताना है इसी वजह से विमान की गति 174 नोट्स और ऊंचाई कम रह गई होगी ये भी एक पॉसिबिलिटी है कि हो सकता है इसमें कुछ कमी रह गई हो अब थ्रस्ट में कमी गर्मी के कारण इंजन की ताकत कम हो जाती है अब वो जो धक्का दिया जाना है कि जो स्पीड जब मैंने कहा कि हु करके बहुत तेज आवाज आती है जब आप प्लेन में बैठते हैं कि जब वो बिल्कुल टेक ऑफ की तैयारी में होता है अब गर्मी के कारण अगर वो थ्रस्ट कम है तो फिर इससे गड़बड़ हो सकती है अगर पायलट्स ने गलती से कम थ्रस्ट यानी कि इसे कहते हैं अंग्रेजी में ड्यूरेटेड थ्रस्ट कम थ्रस्ट चुन लिया हो जितनी की वहां पर लिमिट है या जो होना चाहिए वजन के हिसाब से तमाम चीज के हिसाब से तो विमान तेजी से ऊपर नहीं जा पाएगा ये एक फार्मूला है जो हमने एक्सपर्ट से बात की भारी ईंधन भरा होता है भारी ईंधन भरा होने की वजह से अतिरिक्त ताकत चाहिए होती है यानी कि एक्स्ट्रा थ्रस्ट कम थ्रस्ट हो तो ये पॉसिबिलिटी हो सकती है।

वही समय से पहले रोटेशन रोटेशन का मतलब होता है उड़ान भरते वक्त विमान के आगे वाले हिस्से जो कि नोज है उसका ऊपर उठना इस तरीके से अब जमीन से ऊपर उठ सके ये काम जो तय की गई रफ्तार है जो ट्रस्ट है उस पर किया जाता है जो 787 बोइंग जैसे विमान के लिए आमतौर पर 140 160 नॉट्स होती है अगर विमान इस रफ्तार से पहले ऊपर उठने की कोशिश करता है तो विमान को ठीक से लिफ्ट करना यानी ऊपर उठने की ताकत नहीं मिल पाती है अब जानकार हादसे की वजह इनमें से फ्लैप्स और लैंडिंग गियर की गलत सेटिंग एक वजह हो सकती है ये मान रहे हैं ये एक्सपर्ट एक बात सुनिए आई थिंक द पायलट फ्लाइंग सेड टू द को पायलट गियर अप एट द अप्रोप्रियट टाइम आई थिंक द को पायलट गैब द फ्लैप हैंडल एंड रे द फ्लैप्स इंस्टेड ऑफ़ द गियर इफ दैट हैप एंड दिस इज़ अ बिग इफ इफ दैट हैपन दिस एक्सप्ल लॉट दिस एयरप्लेन स्टॉप फ्ल लिफ्ट ओवर दिक पॉइंट्स एक्स्ट्रा गोलरेडी पावर पुल दिस बी दिस ग्रेट बिगिंग्स दिस कॉम्बिनेशन दिस पॉइंट यू सी द नो स्टार्ट टू कम ओवर द कम एयरप्ले क्रिएट मच ओवर दोप्स कम इट्स नो ओवर टू गेट मोर एो बीफी पायलट कंट्रोल बिकट ही गियर कम ही मोशन ओवर नेक्स्ट टू हिम ही लुकिंग आउटसाइड इट्स कन्फ्यूजिंग यानी कि एक पॉसिबिलिटी रही हो सकती है कि कहा हो कि गियर अप लेकिन हाथ जो है वो फ्लैप पे था गियर अप का मतलब ये होता है कि वो जो बता रहे थे जो एक्सपर्ट है वो कह रहे हैं कि नोज जो है वो ऊपर जा रही है विमान ऊपर होते गियर अप गियर अप के लिए कहा गियर अप हुआ नहीं फ्लैप अप हो गया।

शायद गलती से हुआ होगा यह पॉसिबिलिटी वो बता रहे हैं उससे क्या हुआ विमान का जो नोज है वो नीचे हो जाता है जो इस विमान में एक पॉसिबिलिटी दिखती है और वो ऐसे करके नीचे की तरफ आ जाता है ये कह रहे थे एिएशन एक्सपर्ट तो एयर इंडिया बोइंग विमानों का इस्तेमाल करती है ये एयर इंडिया का विमान था भारत में एिएशन के तौर पर जाहिर सी बात है उसके बेड़े में ये विमान है सबसे सुरक्षित और सबसे आधुनिक इसे ही माना जाता है ये तो ड्रीम लाइनर है अब इस बड़े हादसे के बाद एयर इंडिया के सीईओ भी आए उन्होंने भी साइट का जायजा लिया उनका भी बयान आया है कि एयर इंडिया भी हर तरीके से जांच एजेंसियों का सहयोग करेगा खुद भी इसकी जो है वो जांच करवाएगा क्या कहना है एयर इंडिया के सीईओ का आइए सुनते हैं दिस इज अ डिफिकल्ट डे फॉर ऑल ऑफ़ अस एयर इंडिया एंड इफ इट्स नाउ आर फोकस एंटायरली ऑन द नवर पैसेंजर्स क्रू मेंबर्स दे फंड लव वो देयर आर मेनी क्वेश्चन एंड एट दिस स्टेज आई विल नॉट बी एबल टू आंसर ऑल ऑफ़ देम बट आई डू वांट टू शेयर द इन वी हैव एट दिस टाइम वी आर एक्टिवली वर्किंग वि अथॉरिटी ऑन ऑल इमरजेंसी रिसर्न वे टू अहमदाबाद टू प्रोवाइड एडिशनल सपोर्ट इन्वेस्टिगेशन विल टेक टाइम बट एनीथिंग वी कैन डू नाउ वी आर डूइंग वी नो मेनी पीपल आर कंसर्न फॉर द वेलफेयर ऑफ दे लव व्स फॉर नाउ आवर टीम्स आर वर्किंग अराउंड द क्लॉक टू सपोर्ट पैसेंजर्स क्रू एंड दे इन्वेस्टिगेटवर वी कैन अब आ जाते हैं ग्राउंड पर ये तो इनकी किस्मत नहीं थी कोई नेचुरल डिजास्टर तो हुआ नहीं कि ऊपर से बिजली गिर गई या कुछ हो गया।

प्लेन हादसा हो गया ठीक है मशीन है खराब हो सकती है लेकिन एक कंपनी बनाती है उसकी जिम्मेदारी है सेफ लैंडिंग और सेफ जो है चीजों को बनाना कमर्शियल कंपनी है जो कि विमान को बनाती है और पूरी दुनिया में हजारों जो है सैकड़ों जो है इस तरीके से ही विमान उड़ते हैं तो ऐसे में अब आ जाते हैं उस कमर्शियल एस्पेक्ट पर बोइंग बोइंग कंपनी का विमान था सबसे लेटेस्ट अब आपको बताते हैं बोइंग के बारे में बोइंग विमानों की कंपनियां और कंपनी की लापरवाही इससे पहले बहुत ज्यादा सामने आती रही है एक रिसर्च हमने की ये आंकड़ा विमान हादसों की नेचर से दरअसल जुड़ा है प्लेन हादसा होने से पहले की नेचर और उसमें क्या इन्वॉल्व होता है उससे जुड़ा है जो हमने किया एक रिपोर्ट के मुताबिक 47% विमान हादसे में लैंडिंग के वक्त शिकार होते हैं फट जाते हैं जबकि 20सदी जो क्रैश हुए होते हैं वो जब उड़ान भर रहे होते हैं टेक ऑफ कर रहे होते हैं जैसे कि ये था तब उसका शिकार हो जाते हैं 10% उड़ान के दौरान जब उड़ान चल रही होती है 2सदी फ्लैग खुलने के बाद होते हैं ये पॉसिबिलिटी थी अब इस केस में क्या हुआ होगा यह तो जांच के बाद पता लगेगा जांच हो रही है लेकिन ड्रीम लाइनर बनाने वाली कंपनी बोइंग का इतिहास बनाना बताना बहुत जरूरी है बोइंग का इतिहास ये बताता है कि इसमें कहां चूक हुई होगी पहले आपको बोइंग कंपनी के बारे में बताते हैं हमने तो कहा है जो कहेंगे सच कहेंगे क्योंकि वहां पर इतनी ह्यूमन लॉसेस हुए हैं इतने परिवार हुए हैं तो बताना थोड़ा सा कंपनी का इतिहास तो बोइंग एक बड़ी अमेरिकी एयररोस्पेस कंपनी है स्थापना हुई थी 1916 में विल बोइंग अमेरिका के सीएटल में इन्होंने इस कंपनी की स्थापना की थी यह कमर्शियल विमान यात्री विमान जिसे कहते हैं वाणिज्यिक विमान रक्षा अंतरिक्ष और सुरक्षा के उत्पाद का निर्माण करती है अब इसके कुछ मॉडल्स जैसे गाड़ियों के मॉडल होते हैं तमाम मॉडल होते हैं ।

इसमें 737 है 767 बोइंग ट्रिपल7 बोइंग और अब 787 जो कि सबसे ज्यादा आधुनिक और सुरक्षित ये बोइंग बना रही है दुनिया भर में ऐसा नहीं है दुनिया भर में एयरलाइंस बोइंग्स का इस्तेमाल करती है उनके बेड़े में बोइंग है यह दुनिया की सबसे बड़ी एरोस्पेस कंपनीज में से एक है इसका व्यापार वाणिज्यिक जेट लाइनर सेना के विमान हथियार प्रणाली और तमाम चीजों से जुड़ा हुआ है न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट हमने पढ़ी वो यह बताती है कि यूरोप एशिया और उत्तरी अमेरिका जैसे महावीतों में बोइंग के विमानों का ही इस्तेमाल किया जाता है ज्यादातर बोइंग ही है यहां पर वर्तमान में दुनिया के कम से कम 150 कंट्रीज हैं 150 कंपनीज़ हैं जो इस कंपनी के विमानों का इस्तेमाल कर रही हैं और 40% जो पूरा बाजार है यात्री विमानों का उस पर बोइंग का कब्जा है कंपनी की वेबसाइट पर बताया गया है कि दुनिया के कुल यात्री विमानों में बोइंग के विमानों की संख्या 14,000 है और कुल संपत्ति बोइंग की है 6 जून तक 2025 तक 158 के करीब बिलियन डॉलर बिलियन डॉलर ये इसकी एसेट कंपनी है अब भारत आते हैं क्योंकि एयर इंडिया ने खरीदा वो था एयर इंडिया का विमान था भारत में भी बोइंग का बड़ा बाजार है बोइंग के कई विमानों का इस्तेमाल भारत में होता है।

हालांकि भारत में मौजूद एयर इंडिया की बोइंग 787 ड्रीमलाइन नर फ्लट के खराब रखरखाव को लेकर भी कई रिपोर्ट सामने आई हैं सब कुछ जांच होती है सब होता है लेकिन इसके खराब रखरखाव को लेकर भी कई रिपोर्ट्स सामने आई हैं जबकि बोइंग 787 को दुनिया का सबसे सुरक्षित विमान उनमें से एक माना जाता है अपने इतिहास में इससे पहले बोइंग 787 कभी बड़े हादसे का शिकार नहीं हुआ यानी कि ड्रीम लाइनर जब से आया है पहला हादसा हुआ है ये सबसे लेटेस्ट मॉडल का सबसे पहला क्रैश जो कि भारत में हुआ अहमदाबाद में बोइंग 787 की बात करते हैं इसमें गड़बड़ियों का लंबा इतिहास रहा है ऐसा नहीं कि यह विमान उड़ा और इसमें कोई गड़बड़ी आई होगी जिसकी जांच होगी और ये हो गया इसी में जब ये फ्लाइट आई है इसको लेकर के कई रिपोर्ट्स आती रही हैं ये देखिए मई 2025 में हैदराबाद से फ्रैंकफर्ट जा रही थी लुस्तांसा की एक फ्लाइट थी यही बोइंग 7 87 तो नोज व्हील में समस्या आ गई बहुत तेजी से उड़ते हुए तेज गति से उड़ान भरने से उसने मना कर दिया 24 जनवरी 2025 को यूनाइटेड एयरलाइंस का जिक्र आता है वही बोइंग 787 विमान कोर्ट डी आइबर से गुजर रहा था हवा में था जब दोनों इनर्शियल रेफरेंस यूनिट जो थे आईआरयू उसमें खराबी आ गई ऊंचाई पर अब क्या करें जांच तो पहले भी की होगी यही 7 87 तेजी से विमान को इमरजेंसी की तरह नीचे लाया गया इस दौरान 38 लोग घायल हो गए हालांकि विमान सुरक्षित नाइजीरिया के लागोस लौट गया था जनवरी 2024 एक और इंसिडेंट आया था बांग्लादेश में बीमार एयरलाइंस वही 7 87 ही यही जो कल क्रैश हुआ है सऊदी अरब जा रहा था कॉकपिट के विंड स्क्रीन में कॉकपिट के विंड स्क्रीन में दरारें आनी शुरू हो गई चलते-चलते 2023 में लंदन जाने वाली 787 विमान में आग की चेतावनी वाली लाइट्स अचानक शुरू हो गई इसी ड्रीम लाइनर में इस कारण विमान को वापस नई दिल्ली उतारना पड़ा था और 18 जून 2021 को हथ्रो एयरपोर्ट पर पार्किंग में ही खड़ा हुआ था।

787 नो जमीन से काफी नीचे टकरा गया नुकसान पहुंचा वहां पर भी काफी लोग घायल हुए थे यानी समस्याएं आ रही थी पब्लिक डोमेन में नहीं थी ना आपको नहीं पता होगा ना इसी 7 87 ये समस्याएं आ रही थी कि कभी चलते हुए कभी नीचे हुए खुद ना खास्ता ना होता ऐसा कोई हादसा नहीं हुआ हालांकि बोइंग 787 जो कंपनी बनाती है उसके विमानों का इतिहास तो हादसों से भरा रहा है बोइंग हमने सर्च किया आपको बोइंग विमानों के कुछ बड़े हादसे बताते हैं एक तो कल हुआ अब आपको बताते हैं पिछले साल दिसंबर में बोइंग 737 बोइंग का एक मॉडल है 737 मैक्स ये उस वक्त सबसे आधुनिकतम और सुरक्षित माना जाता था यह दक्षिण कोरिया में रनवे से फिसल कर एक कंक्रीट की दीवार से टकरा गया विमान में लग गई 180 लोगों की मौत हो गई थी 2018 में बोइंग 737 मैक्स का एक विमान इंडोनेशिया में दुर्घटनाग्रस्त हो जाता है ।

189 बोइंग का विमान इसके अगले साल 2019 में वही 737 जो दो आपने घटनाएं बताई ये 737 मैक्स का इस्तेमाल हो रहा है इथोपिया में हादसे का शिकार हो जाता है 157 लोग जान गवा देते हैं फिर एक और बोइंग आता है लुथवानिया में 737 मालवाहक विमान उतरते समय नियंत्रण खो बैठता है एक घर से टकरा जाता है एक व्यक्ति की मौत होती है तीन घायल हो जाते हैं एिएशन सेफ्टी जो होती है उसके एक आंकड़ों के मुताबिक 2017 से 2023 के बीच बोइंग सिर्फ बोइंग का हम नाम ले रहे हैं।

2017 से 2023 के बीच की बोइंग विमानों से जुड़े 6000 से अधिक विमान हादसे हुए हैं और 9000 से ज्यादा निधन हुई हैं अब बोइंग 737 मैक्स विमानों के लगातार दुर्घटनाग्रस्त होने से तमाम एजेंसियां हड़कंप मच गया एक्शन में आ गई कि सबसे सेफ 737 मैक्स और सबसे बड़ी कंपनी और ये कैसे कितने कितने लोग मारे जा रहे हैं ऐसे क्रैश हो रहा है कैसे इसकी जांच की गई अब जांच की गई तो 737 मैक्स में मैनुअरिंग कैरेक्टरिस्टिक आगमेंटेशन सिस्टम जो लगा होता है उसमें समस्या थी एक तरीके से लगा लीजिए पूरी उसकी फंक्शनिंग में समस्या थी उससे पहले डिटेक्ट ही नहीं हुई थी तीन जो है देखिए इतने बड़े चार इतने बड़े हादसे हमने आपको बता दिए वास्तव में सिस्टम विमानों की मैनुअली लैंडिंग पर निर्भरता घटाई थी इसने इसमें पायलट्स को इस सिस्टम के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दी गई थी ये इस रिपोर्ट में सामने आया 18 और 19 में इथोपिया और इंडोनेशिया में हुए बोइंग विमानों के हादसे की जांच में यह पता लगा इन हादसों का मुख्य कारण तो यही था एमसीएस मैनुरिंग कैरेक्टरिस्टिक ऑर्गुममेंटेशन सिस्टम सॉफ्टवेयर की खराबी थी पायलट क्या करता उसे प्रशिक्षण ही ढंग से नहीं दिया था तो बाद में ऑडिट रिपोर्ट से पता लगा विमान को गलत तरीके से नीचे की ओर धकेला पायलट को सिस्टम के बारे में पूरा प्रशिक्षण ही नहीं था और उसके बाद हुआ क्या दो साल के लिए दो साल के लिए ग्राउंड कर दिया ग्राउंड का मतलब पता है क्या होता है ग्राउंड का मतलब होता है कि जब तक ठीक नहीं हो जाते उड़ेंगे नहीं बैन कर दिया बोइंग को बहुत ज्यादा इसमें लॉस भी हुआ था व फेडरल एिएशन एडमिनिस्ट्रेशन यानी एफएए ने ऑडिट किया ये पाया कि बोइंग ने तो 737 मैक्स प्रोग्राम जो था उसका जो क्वालिटी कंट्रोल होता है 37 ऑडिट्स में तो वो फेल था ये सामने नहीं आया ये तो जांच में बाद में सामने आया कि 737 उड़ रहा था।

इसके तो 37 ऑडिट्स जो थे क्वालिटी कंट्रोल फेल थे अब बोइंग के विमानों में लूज या मिसिंग बोल्ट सामने आ रहे थे टूल्स ऐसे थे कि जो कि ठीक से काम नहीं कर रहे थे यहां पर जो क्वालिटी कंट्रोल है उसमें लापरवाही थी अब ना सिर्फ फेडरल एिएशन एडमिनिस्ट्रेशन बल्कि कई विसल ब्लोर भी सामने आए थे विसल ब्लोअर और उन्होंने कहा कि विमान बनाने वाली जो कंपनी है उसमें बहुत गड़बड़ी हो रही है ये ठीक नहीं है विसल ब्लोअर थे जो कि जिसे कहते हैं खोजी पत्रकारिता वो संस्था के भीतर गड़बड़ियों को उजागर करते रहे अब बोइंग के मामले में जॉन बोनेट और जोशुआ डीन ये विसल थे बोइंग से ही जुड़े थे इनमें से जॉन बने ने क्या कहा कि चार्जिंग यूनिट जो है उससे खिलवाड़ किया जा रहा है ये अहम सुरक्षा उपकरण है उसमें बहुत सी खामियां हैं ये सामने लाया गया दूर नहीं की गई है जोशुआ ने दावा किया था कि 737 मैक्स और 787 ड्रीम लाइनर इसको भी कोट किया था उन विसल ब्लोर ने कि जो सुरक्षा मानक है उसकी अनदेखी हुई है विसल ब्लोर जॉन बोनेट ने दावा किया था कि सब स्टैंडर्ड पार्ट्स इंस्टॉल किए गए हैं प्रॉफिट के कारण ऑक्सीजन सिस्टम जो लगाए गए हैं उसमें भी खामियां हैं एक में से चार आपातकालीन सांस लेने वाले जो मास्क है वो फेल हो सकते हैं।

ऐसे सब स्टैंडर्ड हैं ये विसल ब्लोअर कह रहे थे उन्होंने इसे नाम दिया था जब कंपनी की तरफ से सफाई आई होगी तो उन्होंने कहा था कि ये क्रिमिनल कवर अप है हालांकि 204 और 25 में इन दोनों विसल ब्लोअर अब आप रिलेट करेंगे जॉश बर्नट एंड जोश डीन इनकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो जाती है ये विसल ब्लो कर रहे थे बोइंग के लिए मैक्स के लिए भी ड्रीम लाइनर के भी 2024 में एक होटल में मृत पाए जाते हैं पुलिस कहती है आत्महत्या है लेकिन उनके परिवार और उनके वकील अधिवक्ता कहते हैं कि रहस्यमई मौत एक ऐसी बीमारी से हुई है जैसे उन्हें कुछ जहर दिया गया हो उनका स्वास्थ्य अचानक ऐसे कैसे बिगड़ा बहुत से लोगों को संदेह हो गया इस वोट के आने के बाद अब सिर्फ यह विसल ब्लोर नहीं बोइंग कंपनी के कैटेगोरिकली कई इंजीनियर कर्मचारी ओपनली आए हैं और कहा है कि यहां पर लापरवाही हो रही है क्वालिटी कंट्रोल ठीक से नहीं हो रहा बोइंग के पूर्व इंजीनियर सैम सलेपो आप बकायदा इसे वेरीफाई कर सकते हैं कि 787 और ट्रिपल7 ड्रीम लाइनर मॉडल में निर्माण के दौरान सुरक्षा मानकों से समझौता किया जा रहा है।

ये खुद बोइंग के इंजीनियर कह रहे थे उन्होंने कहा कि लंबे समय से ये मॉडल जो सचात्मक रूप से असुरक्षित हो सकता है बड़े हादसों को जन्म दे सकता है उसे अप्रूव किया जा रहा है फ्यूज लेस के हिस्सों को ठीक से जोड़ा नहीं गया है ये कैटेगोरी के लिए उन्होंने कहा था इस विमान के लिए ड्रीम लाइनर के लिए दावा किया था इंजीनियर ने कि मुख्य हिस्से को जोड़ने में उचित तरीका ही नहीं अपनाया गया है कुछ हजार उड़ानों के बाद ये उन्होंने अंदेशा ये खतशा जताया था कि कुछ हजार उड़ानों के बाद यह विमान बीच में से टूट सकता है चलते-चलते अब विमान के हिस्से अलग करके जो है इसके जेट बनते हैं फिर उन्हें जोड़ा जाता है इस कारण कई गैप आ जाते हैं ये उसकी उम्र घटा देते हैं सुरक्षा के लिहाज से भी खतरा उत्पन्न होता है।

इस कारण से ये बहुत ज्यादा समस्या पैदा कर सकता है ये उसके खुद इंजीनियर्स ने कहा और कर्मचारी ये एक वीडियो सामने आया था कर्मचारी बोइंग के यात्रा कर रहे थे कहां इंटरनेशनल फ्लाइट लैंड करनी थी लेकिन ऐसा वीडियो सामने आया कि उन्होंने ऑब्जेक्शन कर दिया कि नहीं हमें बोइंग में नहीं बैठना है हमें बोइंग में नहीं बैठना है क्योंकि इसमें तो बहुत सारी खामियां हैं हम बोइंग के ही कर्मचारी हैं और बोइंग की कई ऐसे उड़ान है कई ऐसी चीजें हैं जो कि यहां पर सामने आती रही हैं तो यानी कि जो सवाल है बोइंग विमानों की सुरक्षा पर सवाल बहुत पहले से उठता रहा है नॉर्थ चार्ल्सन प्लांट जो है वो उसको लेकर के 2019 में जांच के दायरे में आया था कि सीटें ढीली हैं नट बोल्ट ठीक से नहीं है फ्यूल लाइन क्लैप असुरक्षित है इसका जो जो पूरे मानक है वो पूरे नहीं किए जा रहे हैं पिछले साल अक्टूबर में तब और इसकी सीमा बढ़ा दी गई एक इटालियन जांच एजेंसी को कोट करते हुए अधिकारियों ने पाया कि दो एरोस्पेस आपूर्तिओं ने 787 के निर्माण के लिए इस्तेमाल किए टाइटेनियम धातु और एलुमिनियम मिश्रित धातु का इस्तेमाल किया जो कि असुरक्षित था जो कि पूरे तरीके से ठीक नहीं था अब ड्रीम लाइनर इसकी खासियत क्या है ये हमने आपको बताई थी इसकी बहुत सी खासियत है इसमें लंबाई इसकी 56.7 मीटर है विंग स्पैन 60 है ऊंचाई 16 मीटर है इंजन दो दो इंजन होते हैं फ्यूल कैपेसिटी 1 लाख 26,000 लीटर जो कि ये लेकर के चल रहा था मैक्सिमम रेंज 200 994 है तो कुल मिलाकर के कीमत 2.8000 करोड़ है इतना महंगा इसीलिए कहते हैं ये सबसे सुरक्षित है लेकिन इसके बावजूद बोइंग के विमानों में बहुत सी खामियां आई बहुत से देश इसे ग्राउंड कर चुके हैं बैन कर चुके हैं।

2019 में बोइंग 737 मैक्स को ग्राउंड किया गया ईएसए मार्च 2019 में 737 मैक्स 8 और 9 को अपने क्षेत्र में बैन कर देता है कनाडा 2019 में 737 मैक्स को अपने क्षेत्र में ऊपर से भी उड़ान भरने से मना कर देते हैं ग्राउंड तो करते-करते हैं इंडोनेशिया लयन एयर हादसे के बाद विशेष रूप से सख्त नियम अपनाता है सिंगापुर 2019 में अपने हवाई क्षेत्र में कहता है कि बोइंग का 737 उड़ा नहीं भरेगा इथोपिया मंगोलिया मोरक्को मार्च 2019 में 737 मैक्स को ग्राउंड कर देता है दक्षिण कोरिया 737 मैक्स के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा देता है अब बात आती है क्या भारत ड्रीम लाइनर 787 के इस हादसे के बाद ऐसा का विचार कर सकता है ग्राउंडेड टिल ठीक नहीं हो जाता पूरा सुनिश्चित नहीं हो जाता अब किसके पास कितने ड्रीम लाइनर है।

यह जान लीजिए भारत के पास 27 है चीन के पास 26 है जापान के पास 67 है ऑस्ट्रेलिया के पास 11 है सिंगापुर के पास 12 है कतर 30 है अमेरिका 82 है यूके के पास 25 है अब जाते-जाते सबसे पहले एक चीज हम आपको बताते हैं विमानों की स्थिति क्या है एक थोड़ा आंक क्योंकि इस ये बहस तो छिड़ गई पूरी दुनिया में बोइंग का हमने आपको चिट्ठा बताया देश में विमानों की स्थिति यह है कि करीब हमारे पास लगभग 750 हवाई जहाज है उड़ने लायक की बात करें लगभग 650 है वाइड बॉडी एयरक्राफ्ट जिसमें ये ड्रीम लाइनर आता है वो 60 से 70 है जो वाइड बॉडी है वो तो एक आम एयरपोर्ट पर लैंड भी नहीं कर सकते वो सिर्फ 60 से 70 है चीन के पास है 5000 हवाई जहाज अमेरिका के पास 22,000 हैं।

अब इनमें से अगर एक भी ऐसा चला जाता है जो सबसे सुरक्षित हमने लिया हो और ऐसा लॉस हो जाता है ऐसा लॉस हो जाता है इतनी ह्यूमन लाइफ्स का तो यह सोचने पर मजबूर तो करता ही है।

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