रिसेंटली जो स्क्रीन अवार्ड हुआ है उससे लेकर जो खबरें सामने आ रही है उससे यही कहा जा सकता है कि चाहे यह अवार्ड फंक्शन स्क्रीन का हो लेकिन इसमें सबसे ज्यादा जिक्र धुरंधर का ही हुआ। हां धुरंदर को लेकर जाकिर खान ने जो स्टेटमेंट दिया वो तो ट्रेंड हुआ ही लेकिन इसी बीच इस स्क्रीन अवार्ड में धुरंधर फिल्म को 14 अवार्ड्स दिए गए और ताज्जुब की बात यह है कि धुरंधर की पूरी टीम ने इस अवार्ड शो को बॉयकॉट किया ऐसा कहा जा रहा है।
इनफैक्ट फिल्म मेकर संजय गुप्ता ने एक पोस्ट की जिससे यह कंफर्म होता है कि धुरंधर फिल्म वालों को पता था कि उन्हें 14 अवार्ड्स मिल रहे हैं। उसके बावजूद अपनी डिग्निटी के लिए उन्होंने इस अवार्ड शो को बॉयकॉट किया। रीज़न यह था कि इस फिल्म को हर एक अवार्ड मिला लेकिन बेस्ट फिल्म का अवार्ड स्क्रीन वालों ने धुरंधर को नहीं दिया बल्कि करण जौहर की होम बाउंड को दिया।
संजय गुप्ता ने लिखा कि ताज्जुब के बाद है धुरंधर फिल्म को 14 अवार्ड्स मिले इंक्लूडिंग बेस्ट डायरेक्टर लेकिन बेस्ट फिल्म का अवार्ड नहीं मिला। यह मेरी समझ के बाहर है। उन्होंने एक और पोस्ट की जिसमें उन्होंने कहा कि धुरंधिंदर की टीम की तरफ से कोई भी अवार्ड शो में नहीं आया। उन्हें पता था कि उन्हें 14 अवार्ड्स मिल रहे हैं, लेकिन बेस्ट फिल्म का अवार्ड उनकी फिल्म को नहीं मिल रहा है। इसीलिए उन्होंने यह एक डिग्निफाइड प्रोटेस्ट किया है इस अवार्ड शो के अगेंस्ट। मुझे लगता है कि जरी की तरफ से किसी ने यह इंफॉर्मेशन धुरंधर वालों को लीक कर दी।
इसीलिए धुरंधर वाले इस अवार्ड शो में आए ही नहीं। तो 14 अवार्ड्स मिलने के बावजूद धुरंधर की टीम का कोई भी मेंबर इस अवार्ड शो में नहीं आया। और दूसरी बात जो सवाल खड़ा करती है वो यह कि करण जौहर की होम बाउंड का बहुत हाइप बना था।
इस फिल्म को कई इंटरनेशनल अवार्ड शो में प्रेजेंट किया गया था और इस फिल्म को ऑस्कर्स के लिए भी भेजा गया। लेकिन यह फिल्म तो कॉपीड फिल्म है। एक शॉर्ट फिल्म दिहाड़ी की। फ्रेम टू फ्रेम कॉपीड है।
इसकी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल भी हुई थी। आखिर अवार्ड शो पर ऐसा क्या प्रेशर था कि उन्हें धुरंधर को छोड़कर एक कॉपीड फिल्म को अवार्ड देना पड़ा बेस्ट फिल्म का। यह तो सोचने वाली बात
