निधन के बाद इंस्टाग्राम प्रोफाइल का क्या होता है?

एक्टर धर्मेंद्र की निधन के बाद कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव चर्चा में आ गए। 2022 में राजू श्रीवास्तव की निधन हो चुकी है। लेकिन उनके अकाउंट से हाल ही में आया एक पोस्ट वायरल हुआ। लिखा था आप हमारे दिलों में हमेशा राज करते रहेंगे धर्म जी ओम शांति। कुछ मामला नहीं समझे। कुछ ने समझकर भी ट्रोल किया और कुछ ने देखा राजू श्रीवास्तव का इंस्टा बायो जिस पर लिखा है पेज मैनेज्ड बाय हिज फैमिली।

इसके बाद एक बहस भी शुरू हुई जो पहले भी चलती आई है। किसी की निधन के बाद उसके अकाउंट का क्या होना चाहिए? आजकल लोग रियल लाइफ से ज्यादा वक्त डिजिटल लाइफ में बिताते हैं। सीक्रेट चैट्स, फोटोस, डॉक्यूमेंट्स, मेहनत से जुड़े हुए फॉलोअर्स इन सब का क्या होना चाहिए? क्या एथिकली, टेक्निकली और लेगसी को बनाए रखने के लिए यह सही है? बड़ी-बड़ी टेक कंपनियां जैसे मेटा, गुगल, लेक्स एटसेटरा ने आपकी इस डिजिटल लेगसी को संभालने के लिए कुछ नियम बनाए हैं जो प्राइमरली दो कैटेगरी में आते हैं। पहला है मेमोरियलाइजेशन। किसी के जाने के बाद फैमिली मेमोरलाइजेशन की रिक्वेस्ट कर सकती है। जब अकाउंट मेमोरियलाइज कर दिया जाता है तो उसके नाम के आगे रिमेंबरिंग या रिमेंबर्ड दिखने लगता है। फिर कोई इस अकाउंट में लॉगिन नहीं कर सकता और कोई नई स्टोरी या पोस्ट अपडेट नहीं होता लेकिन पुरानी पोस्ट, फोटोज और कमेंट्स वैसे ही रहते हैं। तो ये किसी भी इंसान की एक स्क्रैपबुक जैसा बन जाता है। दूसरा है डिलीशन। अगर फैमिली चाहती है कि किसी मरे हुए इंसान का अकाउंट हमेशा के लिए बंद हो जाए तो वह प्लेटफार्म से उसे हटाने की रिक्वेस्ट कर सकती है। इसके लिए उन्हें कुछ सरकारी डॉक्यूमेंट्स जैसे डेथ सर्टिफिकेट और उनसे अपने रिलेशनशिप का प्रूफ देना पड़ता है। यह थोड़ा हेक्टिक हो सकता है लेकिन अगर आप प्राइवेसी चाहते हैं तो यह एक अच्छा अल्टरनेटिव है। अब अलग-अलग एप्स पर क्या ऑप्शंस हैं यह समझते हैं। पहला Instagram Instagram पर मेमोरलाइजेशन का ऑप्शन है। रिककैप ऐसे अकाउंट में लॉग इन नहीं किया जा सकता। लेकिन अगर परिवार को लगता है कि अकाउंट पर कोई ऐसा कंटेंट है जिसे हटाना जरूरी है तो वह अपने डॉक्यूमेंट्स दिखाकर इसे हटाने की रिक्वेस्ट कर सकते हैं। फैमिली मेंबर अपना प्रूफ देकर अकाउंट के परमानेंट डिलीशन की रिक्वेस्ट भी कर सकते हैं। दूसरा है Facebook। बड़े बूढ़े लोग Facebook ज्यादा यूज करते हैं तो Facebook में एक और अल्टरनेटिव भी है। लेगसी कांटेक्ट। आप जिंदा रहते हुए किसी ट्रस्टेड इंसान को अपना लेगसी कांटेक्ट बना सकते हैं। यह इंसान आपके जाने के बाद आपके अकाउंट को मेमोरलाइज करवा सकता है। आपके लिए एक लास्ट पिन की हुई पोस्ट लिख सकता है और आपके अकाउंट को डिलीट करने की रिक्वेस्ट भी कर सकता है। और अगर आपने लेगसी कांटेक्ट यूज ना किया हो तो फैमिली आपके अकाउंट के मेमोराइजेशन या डिलीशन की रिक्वेस्ट अलग से भी Facebook को भेज सकती है। तीसरा है एक्स या Twitter। एलॉन मस्क के एक्स यूजुअली थोड़ा एोगेंट प्लेटफार्म है। इसलिए इस पर मेमोराइजेशन जैसी कोई सुविधा नहीं है। लेकिन अब वे किसी के जाने के बाद ऑफिशियल रिक्वेस्ट मिलने पर अकाउंट डीएक्टिवेट जरूर कर देते हैं। चौथा Google। इसमें Gmail, ड्राइव, YouTube सब होता है। ईमेल्स, फोटोज, डॉक्यूमेंट्स, शीट्स जो सब आप ऑफिस में इस्तेमाल करते हैं वो सभी मटेरियल होता है। इसलिए इसके पास एक अच्छा टूल है। इसे बोलते हैं इनएक्टिव अकाउंट मैनेजर। आप इसमें टाइम लिमिट सेट कर सकते हैं। जैसे तीन या छ महीने की अगर आपने इसमें टाइम लिमिट सेट की है और इतने टाइम तक अगर आप अकाउंट यूज ना करें तो Google आपका अकाउंट ऑटोमेटिकली डिलीट कर देता है। लॉन्ग टाइम इनक्टिविटी हो तो आप 10 लोग चूज़ भी कर सकते हैं जिन्हें आपके डेट डेटा का एक्सेस मिल जाएगा। अगर यह ऑप्शन नहीं एक्टिवेटेड है तो फैमिली वाले डेथ सर्टिफिकेट के साथ Google को रिक्वेस्ट भेजकर डाटा एक्सेस या डिलीशन की मांग भी कर सकते हैं ताकि कोई जरूरी डाटा जैसे बैंक स्टेटमेंट या टैक्स का कोई डॉक्यूमेंट खो ना जाए। तो कुल मिला के अपने डिजिटल इंश्योरेंस की तैयारी आपको ही करनी है। Facebook पर एक ट्रस्टेड लेगसी कांटेक्ट चुन लीजिए। Google अकाउंट में एक इनक्टिव अकाउंट मैनेजर सेट कर लीजिए। बता दीजिए कि कौन डाटा ले सकता है और कब आपका अकाउंट डिलीट हो जाना चाहिए। और इंश्योर कर लीजिए कि एक सीक्रेट डॉक्यूमेंट किसी डिजिटल वॉलेट या कागज पर जिसमें आप सभी जरूरी अकाउंट्स, ईमेल, सोशल मीडिया, बैंक की जानकारी रखते हो। सेफ जगह पर हो जिसका एक्सेस बस आपके ट्रस्टेड एक व्यक्ति के पास हो और उन्हें पता होना चाहिए कि इसका यूज कब करना है।

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