इस 15 मिनिट की कहानी से हुआ धर्मेंद्र का सुपरहिट कमबैक।

मैं कहानी कौन सी कहानी सुनाऊं? मेरे पास कोई कहानी नहीं है। धर्मेंद्र करेंगे मेरी पिक्चर। धर्मपाल जी के साथ बनाई हुकूमत। कैसे उनको कहानी सुनाई? कैसे कन्विंस किया उन्हें? सोच रहा था क्या करूं। तो मेरा छोटा भाई अनुज और वही मथुरा दास जी जिनका मैंने आपको जिक्र किया। मैं शशि कपूर साहब के साथ बैठा हुआ था और उनके साथ कोई प्रोजेक्ट की ऐसी बातचीत चल रही थी जो मैंने प्लान कर भी रहा था तो पृथ्वी थिएटर में तो अचानक हमारे पास एंबेसडर गाड़ियां हुआ करती अचानक देखा मेरी एंबेसडर बाहर आके खड़ी हो गई.

अच्छा मैं तो ऐसा कोई गाड़ियों में घूमता भी नहीं था मैं तो उस वक्त तक मुझे लगा ही नहीं था हुकूमत रिलीज हो गई थी पर मुझे लगता ही नहीं था मैं डायरेक्टर बना हूं मैं तो ऐसे ही ऑटो पकड़ता था ऐसे ही पृथ्वी थिएटर में आ जाता था ऐसे ही बस में बैठ के आ जाता था.

आपके अंदर वो फील नहीं किया आपने स्टार्ट नहीं हो रहा था कि मैं डायरेक्टर बन गया हूं बिकॉज़ आई वास वै यंग आल्सो और मैं तो फटाफट पैदल चलता था फटाक से बस चढ़ते चढ़ते चढ़ जाता था उतर जाता ये दिमाग में था ही नहीं कि आप डायरेक्टर हो यार आप फलाना और कौन कोई ऐसी तस्वीरें छपती नहीं थी वो जमाना कोई सोशल मीडिया का जमाना नहीं था नाम से मेरे को सब जानते थे शक्ल से कौन जानेगा शक्ल से जानने का कोई रास्ता नहीं था तो पृथ्वी थिएटर में बैठा हुआ था शशि कपूर साहब आए मैं उनको ऑफिस मैं चला गया सामने उनका गप्पे मार रहा था कि देखा मेरी गाड़ी आके रुकी कि मेरा भाई और मथुरा दास उतरे और बोले कि कुछ काम है.

आपसे तो हम लोग बाहर निकले गाड़ी में बिठाया बोले क्या काम है और मेरे को धर्म बोले धर्म जी से मिला टाइम लिया है आपका किस लिए क्यों मैं बात ही कर रहा हूं कि वो तो धर्म जी का घर आ गया अच्छा सामने से लेके गए हां लेके गए तो बोले उनको कहानी सुनानी है बोले कहानी कौन सी कहानी सुनाऊं मेरे पास कोई कहानी नहीं है धर्मेंद्र करेंगे मेरी पिक्चर धर्म जी के घर में मुझे ले गए। नीचे उनके हॉल में एक छोटा सा कमरा था जहां वो मीटिंग करते थे। धर्म जी मुझे एक दिन मिले थे बेताब की मिक्सिंग चल रही थी। मेरी भी मिक्सिंग चल रही थी। बंधन कच्चे आओगे तो राजक कमले में मिले थे। वो बर्निंग ट्रेन के बाद उससे कभी मिले ही नहीं। तो बहुत बोले बड़ा अच्छा है तो वहां मैं बैठा हूं तो उनका भाई जो अजीत से बोले तूने क्या पिक्चर बनाई श्रद्धांजलि धर्म जी को भी मैंने बोला बहुत अच्छी है मेरे को थोड़ी हिम्मत आई कि चलो यार इन्होंने मेरी श्रद्धांजलि देखी है ये वो सब है तो मैं तो अब मैं बैठा हूं क्या इनको सुनाऊं मन में मैंने कहानी कुक अप करना शुरू कर दी वहीं पे बैठे-बैठे बैठे-बैठे शुरू की तब 15 मिनट लगा दिए धर्म जी ने नीचे वो अच्छा रहा वही 15 मिनट से हुकूमत बना दी क्या बात है नीचे आए मैंने पांच मिनट में उनको एक कहानी सुनाई। मैंने कहा ऐसेसे एक पुलिस ऑफिसर है।

ऐसेसे ये उसका कंफ्रंटेशन है। ये ये है धर्म जी को कहानी आईडिया ठीक लगा। स्टेट के हुकूमत की कहानी राइट है। हम कररेक्टर भी एकदम अलग है। तुम डन हो गई हुकूम। और हुकूमत कहते हैं कि धर्मपाल जी की सबसे बड़ी कमबैक थी। बहुत बड़ी हिट थी। तो इंडस्ट्री कम कहती है लेकिन हां वही इंडस्ट्री में तो ऊपर नीचे होता रहता है इंडस्ट्री ऐसे कहती है पर धर्मेंद्र धर्मेंद्र था एट द एज ऑफ़ 55 वी गव द बिगेस्ट ब्लॉकबस्टर ऑफ दैट ईयर और आगे चलके आपने और फिल्में धर्मेंद्र के साथ ही बनाई जी हुकूमत ऐलानी जंग तहलका फरिश्ते और उसके बाद मेरे प्रोडक्शन में पुलिस वाला गुंडा फिर अपने यस

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