24 घंटे के अंदर दूसरा बड़ा प्लेन हादसा और इस दूसरे बड़े प्लेन क्रैश के अंदर एक सांसद समेत कुल 15 लोगों की जान चली गई है। बारामती महाराष्ट्र के अंदर प्लेन क्रैश हुआ। उसमें पांच लोगों की जान गई। आज अजीत पवार का अंतिम संस्कार हुआ और यह मामला भी ठंडा पड़ा भी नहीं था कि इस बीच में एक और बड़ी खबर निकल कर के सामने आ गई और यह खबर निकल कर के सामने आई इस बार कोलंबिया से। कोलंबिया के अंदर एक सांसद और उनके साथ में बाकी लोग और थे। दो क्रू मेंबर थे।
टोटल 15 लोगों की जान चली गई है और कल जो हादसा भारत के अंदर हुआ वह 8:46 पर हुआ और कोलंबिया के अंदर जो ये हादसा हुआ है यह दोपहर में हादसा हुआ है। यानी महज कुछ घंटों का अंतर था और महज कुछ घंटों के अंतर में यह दूसरा हादसा कोलंबिया के अंदर हुआ। लेकिन कोलंबिया में प्लेन गायब हो गया था। रडार से प्लेन गायब हो गया था। अभी तक प्लेन का मलबा या प्लेन नहीं मिला था या कोई यात्री जीवित है या नहीं जीवित है यह कोई डायरेक्शन संकेत मिले नहीं थे ।
लेकिन बहुत ज्यादा मशक्कत की गई और 24 घंटे में आखिरकार उसका मलबा ढूंढा गया अब जाकर के मलबा मिला है और इस बात की पुष्टि हो गई है कि सभी लोग मारे गए।
आप अपनी स्क्रीन पर देखिए यह मरे हुए लोगों की तस्वीरें बताई जा रही हैं। कोलंबिया का यह बड़ा हादसा है। जहां पर एक सांसद और सांसद के साथ में बाकी यह लोग उस प्लेन के अंदर बैठे हुए थे। कमर्शियल प्लेन था और उस कमर्शियल प्लेन में यह लोग बैठे हुए थे। यह तस्वीरें हैं कोलंबिया प्लेन हादसे की और यह मलबा बरामद हुआ है। पहाड़ियों में से यह मलबा मिला है और पूरी तरह से चकनाचूर हो गया है प्लेन। और इस हादसे के अंदर 15 लोगों की जान चली गई है।
यह हादसा जो है वह वेनेजुएला कोलंबिया के बॉर्डर के पास में यह हादसा हुआ है। और इस हादसे को लेकर के जो जानकारी निकल कर के सामने आ रही है वो जानकारी मैं आपको बताने वाला हूं। लेकिन आप इस प्लेन के मलबे को आप देखिए। प्लेन के मलबे को आप देखेंगे इसी से आपको अंदाजा हो जाएगा कि कितना भयंकर यह क्रैश रहा होगा और इस क्रैश के बाद में किस तरीके से यहां पर लोगों की जान गई होगी। तो कोलंबिया से कुकोटा से ओकाना जा रहा था यह कमर्शियल विमान बीच क्राफ्ट 1900 इस प्लेन का विमान का नाम था। 15 लोगों के साथ में यह विमान गायब हो गया था और विमान का आखिरी संपर्क लैंडिंग से कुछ मिनट पहले ही हुआ था। बाद में कैटुंबा क्षेत्र में सघन खोज अभियान जो है इसको लेकर के चलाया गया। जहां पर विमान का मलबा मिला। यह प्लेन भी जैसे बारामती का क्रैश हुआ है। लैंडिंग से ठीक पहले बस लैंड होने ही वाला था अजीत पवार का प्लेन लेकिन ठीक पहले क्रैश हो गया। उसी तरीके से यह प्लेन भी लैंड होने वाला था।
लेकिन उससे कुछ देर पहले ही इसका संपर्क टूट गया। बुधवार लापता बीच क्राफ्ट 1900 विमान का मलबा कोलंबिया अधिकारियों अधिकारियों ने खोज निकाला है। स्थानीय मीडिया और बचाव दलों के अनुसार इस दुर्घटना में कोई भी जीवित नहीं बचा है। विमान में 13 यात्री और दो क्रू सवार थे। जिनमें कोलंबियाई संसद चेंबर ऑफ डिपटीज के एक सदस्य और आगामी चुनाव के एक उम्मीदवार भी शामिल थे। कोलंबिया और वेनेजुएला की सीमा के पास से 15 लोगों को ले जा रहा यह कमर्शियल जेट लापता हो गया था। कोलंबियाई विमान अधिकारियों और राज्य एयरलाइन सेटिना के अनुसार विमान का आखिरी रडार संपर्क कैटबा क्षेत्र के ऊपर दर्ज किया गया था। जिसके बाद में तलाशी अभियान शुरू किया गया था। फ्लाइट एनएससी849 ने बुधवार सुबह 11:42 पर कुकुटा से उड़ान भरी थी। लेकिन लैंडिंग से मात्र 11 मिनट पहले इनका संपर्क टूट गया। विमान का मलबा दुर्गम और पहाड़ी इलाके कैटुंबा में मिला है। यह क्षेत्र खराब मौसम और उबड़ खाबड़ पहाड़ियों के लिए जाना जाता है। जिससे तलाशी अभियान में काफी चुनौती आई। कोलंबियाई नागरिक उड्डन एजेंसी के जांचकर्ता अब मलबे की जांच कर रहे हैं ताकि दुर्घटना के सटीक कारणों का पता लगाया जा सके।
अभी तक आधिकारिक तौर पर तकनीकी खराबी या खराब मौसम को लेकर के कोई पुख्ता जानकारी साझा नहीं की गई है। अब हैरान करने वाली बात यह है कि दुनिया भर में हमने देखा था 2025 में किस तरीके से एक के बाद एक बड़े प्लेन हादसे हुए और अभी 2026 का साल का पहला महीना है और पहला महीना खत्म भी नहीं हुआ है कि दो बड़े हादसे एक ही दिन के अंदर वह सामने आ गए और इन दोनों हादसों ने पूरी दुनिया को झकझोर दिया है और सोचने को मजबूर कर दिया है कि चार्टर्ड विमान कमर्शियल विमान आखिरकार क्या वो सुरक्षित है या नहीं सुरक्षित है देखिए एक बहस बहुत पहले से लगातार जो है जारी रही है कि सिंगल इंजन विमान क्या वह सुरक्षित है या नहीं है। लेकिन यहां पर चाहे वो कोलंबिया का विमान हो चाहे भारत में बारामती में अजीत पवार का विमान हो दोनों डबल इंजन विमान थे और डबल इंजन विमान ज्यादा सुरक्षित माने जाते हैं। क्योंकि एक इंजन अगर काम करना बंद कर देता है कोई खराबी आ जाती है तो दूसरा इंजन ऑटोमेटिक काम करता है। लेकिन हैरान करने वाली बात है कि दोनों डबल इंजन विमान थे। पायलट वहां पर भी और यहां पर भी बताया जा रहा है कि अनुभ अनुभवी पायलट थे।
बारामती के अंदर तो फिर भी उतनी उबड़ खाबी उतनी उबड़ खाबड़ और उतना पहाड़ी क्षेत्र नहीं है जितना कोलंबिया के अंदर था। कोलंबिया में जो बड़ी वजह सामने आ रही है वो यही है कि वहां पर पहाड़ी क्षेत्र था। मौसम की वजह से संपर्क टूट गया और उस वजह से जो है वहां पर हो सकता है कि उस प्लेन ने अपना संपर्क खो दिया हो। लेकिन बारामती तो बारामती के अंदर तो ऐसा कुछ भी नहीं था। आज अजीत पवार का अंतिम संस्कार हुआ। बहुत बड़ी संख्या में लोग उमड़ करके आए। बहुत बड़ा जनसैलाब जो है उमड़ा। गृह मंत्री अमित शाह, देवेंद्र फडनवीस, मुख्यमंत्री एकनाथ शिंद, डिप्टी सीएम बहुत सारे नेता कांग्रेस पार्टी के भी उद्धव ठाकरे, उनके बेटे अक्रॉस द पार्टी और अक्रॉस पूरे देश से जो है वो लोग पहुंचे। लेकिन सवाल यह है कि अजीत पवार का प्लेन कैसे क्रैश हो गया? और अभी तक जो जानकारी निकल कर के सामने आ रही है बारामती प्लेन क्रैश को लेकर के वह कहीं ना कहीं पायलट की तरफ भी इशारा कर रही है। क्योंकि पायलट ने जो पायलट उसके अंदर बैठी हुई थी को पायलट सांभवी पाठक वो सांभवी पाठक कहती है ओ शिट ओ शिट उनके जो आखिरी शब्द सुनाई दे रहे हैं वो यही है। जबकि कोई भी पायलट होता है वह बोलता है मे डे कॉल मे डे मे डे मे डे और वह तीन बार जब मे डे मे डे कॉल देता है तो इसका मतलब यह होता है कि वो अपना संपर्क हो रहा है या उसका प्लेन क्रैश होने वाला है लेकिन यहां पर वो कहती है ओ शिट ओ शिट ये उनकी तरफ से जैसे कि हम कहीं पर कुछ हो जाता है तब बोल देते हैं कहीं बच्चे ने दूध गिरा दिया या अचानक से मुंह से निकल जाता है ओह शिट यह क्या कर दिया लेकिन यह प्लेन क्रैश हो रहा था प्लेन हादसा होने वाला था और पायलट इस तरीके से कैसे हरकत कर सकते हैं या कैसे इस तरह की बातें कह सकते हैं क्योंकि वह अनुभवी पायलट है। उनको पता होता है कि अगर इमरजेंसी के हालात आ गए हैं अगर इस तरह के हालात आ गए हैं तो आपको कैसे क्या करना है? लेकिन सवाल यही है कि क्या अजीत पवार पायलटों की नासमझी या बेवकूफी की वजह से मारे गए? महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजीत पवार के प्लेन क्रैश की शुरुआती छानबीन में कहीं कोई गड़बड़ी दिखाई नहीं दे रही है। सब कुछ ठीक दिखाई दे रहा है।
एिएशन कंपनी कह रही है कि विमान ठीक था, विजिबिलिटी 3000 थी। फिर चूक कहां हुई? पीआईबी ने उयन मंत्रालय का एक बयान जारी किया है जिसके अनुसार बारामती एक अनकंट्रोल्ड एयर फील्ड है और यहां ट्रैफिक की जानकारी बारामती स्थित फ्लाइंग ट्रेनिंग ऑर्गेनाइजेशन के इंस्ट्रक्टर या पायलट देते हैं। डीजीसीए भारतीय नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने भी एक्स पर एक विस्तृत बयान जारी किया है और इस बयान के अनुसार एयर ट्रैफिक कंट्रोल यानी एटीसी संभाल रहे व्यक्ति के अनुसार 28 जनवरी 2026 की सुबह 8:18 पर विमान वीएसआर ने पहली बार बारामती से संपर्क किया। बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक इसके बाद में विमान ने बारामती से 30 नोटिकल मील पहले कॉल किया था और उस समय उसे पुणे अप्रोच से रिलीज किया गया। पायलट को विवेक के अनुसार विजुअल मेट्रोलॉजिकल कंडीशन पर उतरने की सलाह दी गई। क्रू ने हवा और विजिबिलिटी के बारे में जानकारी मांगी।
उन्हें बताया गया कि हवा शांत है और विजिबिलिटी 3000 मीटर है। बीबीसी रिपोर्ट में बताया गया है कि इसके बाद में विमान ने रनवे पर फाइनल अप्रोच की सूचना दी लेकिन क्रू को रनवे दिखाई नहीं दे रहा था। पहले अप्रोच में उन्होंने गो अराउंड किया। गो अराउंड के बाद में विमान से उनकी पोजीशन पूछी गई। क्रू ने फिर रनवे 11 के फाइनल अप्रोच पर होने की जानकारी दी। उन्हें रनवे दिखाई देने की सूचना देने को कहा गया। इस पर उन्होंने कहा कि फिलहाल रनवे दिखाई नहीं दे रहा है। दिखाई देने पर कॉल करेंगे। कुछ सेकंड के बाद में उन्होंने बताया कि रनवे दिखाई दे रहा है। सुबह 8:43 पर विमान को रनवे पर 11 पर लैंडिंग करने की क्लीयरेंस दी गई। लेकिन क्रू की ओर से लैंडिंग क्लीयरेंस का कोई रीडबैक नहीं दिया गया। इसके बाद में सुबह 8:44 पर एटीसी ने रनवे 11 के थ्रेशहोल्ड के पास में आग की लपटें देखी। इसके बाद में इमरजेंसी सेवाएं मौके पर पहुंची। यानी विमान क्रैश हो चुका था।
यह विमान दो पायलट साथ उड़ाते हैं और दोनों पायलट ने एक बार भी मेडे कोल नहीं दिया। अब देखिए सबसे बड़ी बात यह है जो पायलट थे वो एक्सपीरियंस पायलट थे। 15,000 घंटे का एक्सपीरियंस को पायलट के पास में था। और जो कैप्टन थे सुमित कपूर उनके पास में 16,000 घंटे का एक्सपीरियंस था। फिर आखिरकार ये कैसे हो गया? फिर क्यों जो है वो प्लेन क्रैश हो गया? इतने सीनियर पायलट और वहां पर कैप्टन मौजूद थे और उनके साथ में एक कैबिनेट स्तर के मंत्री बैठे हुए थे और जब कोई भी इस तरह का मंत्री कैबिनेट स्तर का मंत्री बैठा हुआ होता है आपके साथ में कोई वीआईपी वीवीआईपी आपके साथ में होता है तो प्रोटोकॉल ये कहते हैं कि आपको कम से कम 5000 मीटर यानी 5 किलोमीटर की विजिबिलिटी क्लियर दिखाई देनी चाहिए तभी आप लैंडिंग करें लेकिन यहां पर 3000 मीटर यानी 3 कि.मी. की विज़िबिलिटी दिखाई दे रही थी। फिर भी लैंडिंग के लिए तैयार हो गए। एक्सपर्ट यह भी कहते हैं कि अगर पहली लैंडिंग आपकी फेल हो जाती है तो दूसरी लैंडिंग के लिए तुरंत रिस्क ना लें। आधे घंटे का कम से कम आप वेट करें। अपने विमान को आप हवा में उड़ाते रहें और आधे घंटे के बाद में आप फिर से ट्राई करें। और अगर फिर भी संभव दिखाई नहीं दे रहा है तो फिर आप अपने वापस लौट जाइए जहां से आप वहां आए थे।
या फिर और कोई दू दूसरा नियरेस्ट एयरपोर्ट आपको दिखाई दे रहा है तो वहां पर आप चले जाइए। लेकिन यहां पर महज 10 मिनट के अंतराल में दूसरी बार लैंडिंग की गई। अब ये दूसरी बार लैंडिंग क्यों हुई? और रनवे तस्वीरें देखिए आप। यह रनवे से बिल्कुल ठीक बगल में विमान जो है वह क्रैश हुआ है। ज्यादा दूरी नहीं है रनवे की और जहां पर विमान क्रैश हुआ है उसके बीच में। महज कुछ मीटर की दूरी है और रनवे के ठीक बगल में यह विमान क्रैश हो गया। तो बहुत सारे सवाल यहां पर उठते हैं कि क्या वाकई पायलट की गलती से ये सब कुछ हुआ है? सीसीटीवी फुटेज जो आज सुबह भी नजर आए जरा यह सीसीटीवी फुटेज आप देखिए। एक मकान के ऊपर से प्लेन आता हुआ दिखाई दे रहा है और प्लेन अचानक से पलट जाता है। टेढ़ा हो जाता है। अब अचानक से प्लेन कैसे पलट गया?
यह बड़ा सवाल है क्योंकि अगर मशीन में भी कोई खराबी हुई है तो मशीन ऐसे कैसे रिएक्ट कर रही है कि वह अचानक से टेढ़ी हो जाए जब तक कि उसे टेढ़ी ना किया जाए। जैसे आप यह मान करके चलिए कि कहीं पर अगर आपकी गाड़ी का ब्रेक फेल हो गया है तो आपकी गाड़ी जो है वो सीधी की सीधी नीचे चली जाएगी। लेकिन गाड़ी के अचानक से टायर चारों के चारों बिना टकराए कैसे ऊपर हो सकते हैं? तो यहां पर यह चीज समझ में नहीं आ रही है एक्सपर्ट्स के भी कि ये प्लेन कैसे एकदम से टेढ़ा हो गया पलट गया। हवा के अंदर ही प्लेन जो है वो टेढ़ा हो चुका था और फिर उसके बाद में सीधा जमीन पर आ गया। तो बहुत सारे सवाल जो है खड़े हो रहे हैं। बारामती प्लेन हादसा को लेकर के और उसके बाद में दूसरा प्लेन हादसा कोलंबिया से निकल कर के सामने आया। जहां पर एक सांसद सिंग सांसद उनके साथ में एक उम्मीदवार थे भावी उम्मीदवार सांसदीय के और कुछ और लोग उनके साथ में टोटल 15 लोगों की जान चली गई है। अपने आप में बहुत दुखद हादसा है।
इस साल का यह पहला महीना है। दो दिन अभी बाकी है और इस बीच में दो बड़े हादसे वो सामने आ चुके हैं। वाकई डराने का काम करते हैं। हालांकि जो एिएशन सेक्टर है उसके हिसाब से हवाई सफर सबसे सुरक्षित माना जाता है। सबसे कम कैजुअल्टी हवाई सफर में होती है। सबसे ज्यादा सड़क पर होती है। लेकिन सड़क पर बचाव के कई रास्ते होते हैं। आप खिड़की खोल के कूद जाइए या आपकी गाड़ी खत्म हो जाए आप बच जाए। लेकिन प्लेन हादसा में अगर प्लेन क्रैश हुआ तो बहुत ज्यादा संभावना है कि शायद कोई ना बचे। और यह दोनों ही हादसे जो हुए हैं इनमें कोई जिंदा नहीं बचा।
