भारत के इस शहर में रहने के लिए नहीं होता कोई खर्च।

आजकल देश में महंगाई बढ़ती जा रही है, हर गांव, शहर में अलग अलग चीजों के अलग भाव होने लगे है। यहा तक की आजकल पीने के पानी के लिए भी पैसे चुकाने पड़ रहे है।

लेकिन ऐसे में अगर हम ये कहे की भारत में एक ऐसा शहर भी है जहा रहने, खाने या किसी भी चीज के लिए पैसा खर्च नही होता। जहां न कोई सरकार, न ही धर्म और न ही पैसा है, इस शहर का नाम है ‘ऑरोविले’. बता दें कि ये शहर चेन्नई से 150 किलोमीटर दूरी पर विल्लुपुरम डिस्ट्रिक तमिलनाडु में स्थित है. इस शहर को ‘भोर का शहर’ भी कहते है।

जानकारी के मुताबिक, ऑरोविले शहर सन 1968 में मीरा अल्फाजों द्वारा बसाया गया था. मीरा अल्फाजों 1914 में पुडुचेरी के श्री अरबिंदो स्पिरिचुअल रिट्रीट में आई थीं. प्रथम के वक्त वह वापस जापान चली गईं, लेकिन सन् 1920 में दोबारा वापस लौटने के बाद 1924 में श्री अरबिंदो आध्यात्मिक संस्थान से जुड़ीं और जनसेवा में लग गईं.

इस शहर में रहने के लिए बस एक ही शर्त है कि आपको यहां सेवक के रूप में रहना पड़ेगा.यह अब तक 24000 आबादी है.

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