अमेरिका के डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस ने एक बार फिर से 30 लाख से ज्यादा नई एब्सिन फाइल्स रिलीज कर दी हैं। और अब इन फाइलों में जो सामने आया है उससे पूरी दुनिया चौंक गई है। और क्या है इन 30 लाख नई फाइलों में आपको बताएंगे। लेकिन उससे पहले आपको याद दिला दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप माइक्रोसॉफ्ट के कोफाउंडर बिल गेट्स जैसे बड़े नाम इस फाइल में शामिल है।
लेकिन इस बार जो यह नई तस्वीरें और नई फाइलें सामने आई हैं उससे पूरी कहानी पलट चुकी है और दुनिया दंग है। लेकिन साफ कर दें ये फाइलें किसी को दोषी नहीं घोषित करती हैं। लेकिन यह फैसला नहीं सुनाती हैं। लेकिन सच साफ-साफ नजर आता है।
सबसे पहले हम आपको बताते हैं कि आखिर क्या है यह नई एपस्टीम फाइल्स। दरअसल यह फाइलें कोर्ट में जमा किए गए डॉक्यूमेंट्स, ड्राफ्ट ईमेल्स, इंटरनल नोट्स और जांच एजेंसियों के रिकॉर्ड्स का हिस्सा है। इनका मकसद किसी को सजा देना तो बिल्कुल नहीं है, लेकिन एप्सन के नेटवर्क की मैपिंग करना जरूर है। यानी कि कौन कब किससे जुड़ा था और कौन मिल रहा था। कौन संपर्क में था और कौन दूरी बनाते बनाते बहुत देर कर चुका था।
हालांकि इन सभी नई फाइलों से एक सवाल काफी ज्यादा उठ रहा है और वो यह है कि बिल गेट्स का नाम क्यों सबसे ज्यादा चर्चा में है। तो आपको हम बता दें कि इन नई फाइलों में बिल गेट्स से जुड़े कुछ ड्राफ्ट ईमेल्स और नोट्स साफ-साफ जिक्र हो रहा है इनका। इनमें यह दावा किया जा रहा है कि एस्टीन और गेट्स के बीच रिश्ता सिर्फ औपचारिक नहीं था। दस्तावेज गेट्स की निजी मुलाकातों, एबस्टीन के घर आने जाने और उनके आसपास मौजूद लोगों की चर्चा करते हैं। हालांकि यहां एक बात बिल्कुल साफ है कि इन फाइलों में बिल गेट्स पर यौन शोषण या फिर किसी भी आपराधिक काम का सीधा आरोप नहीं लगता है।
लेकिन सवाल यह उठता है कि अगर सब कुछ इतना ही सीमित था, सब कुछ इतना ही नॉर्मल था तो दूरी बनाने में इतना वक्त क्यों लग गया? इन फाइलों से एक बात बिल्कुल साफ होती है कि एब्सस्टन कोई अकेला अपराधी तो बिल्कुल नहीं था। वो एक नेटवर्क था। एक सिस्टम था जहां ताकतवर लोग, पैसा, प्रभाव और कमजोर लड़कियां एक ही फ्रेम में देखी जाती थी। एब्सेंट रिश्ते बनाता था, जानकारी इकट्ठा करता था और फिर उसी जानकारी को लिवरेज में बदल देता था। और शायद यही वजह है कि उसकी मरने के सालों बाद भी उसके डॉक्यूमेंट्स दुनिया के सबसे ताकतवर लोगों को बेचैन कर रहे हैं। तो वहीं 2021 में आपको बता दें कि बिल गेट्स और मेलिंडा गेट्स का तलाक हुआ था।
मिलिंडा ने खुलकर कहा था कि एस्टीन से जुड़ा मामला उनके लिए स्वीकार्य नहीं था। नई फाइलें यह तो साबित नहीं करती हैं कि तलाक क्यों हुआ था? तलाक की वजह क्या थी लेकिन यह जरूर दिखाती है कि ऑबस्टीन गेट्स की जिंदगी में एक मामूली चैप्टर तो बिल्कुल नहीं था। हालांकि सी केस से जुड़ी एक एफबीआई रिपोर्ट भी एक नया विवाद खड़ा कर रही है और इस रिपोर्ट में एक सीक्रेट सोर्स के हवाले से दावा किया जा रहा है कि डोनाल्ड ट्रंप इजराइल के प्रभाव या समझौते से प्रभावित हो सकते हैं। फिर दोहराते हैं हम कि यह कोई कोर्ट का फैसला नहीं है।
यह सिर्फ एक सोर्स का दावा है। लेकिन इसके सार्वजनिक होते ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिकी राजनीति में तूफान खड़ा हो गया है। दरअसल एफबीआई दस्तावेज जारेड कुशनर की भूमिका को असामान्य रूप से प्रभावशाली बताती है। दावे किए गए हैं कि उनका असर सरकारी ढांचे से बाहर तक जाता है। रियलस्टेट डील्स, रूसी निवेश, कैरियर प्लेटफार्म और विदेशी फंडिंग को लेकर कई सवाल उठाए गए हैं।
हालांकि इन सब में कुछ भी अब तक अदालत में साबित नहीं हुआ है। इन फाइलों का सबसे बड़ा मैसेज यह है कि जेफरी एबस्टन सिर्फ यौन अपराधों की कहानी नहीं था। वह सत्ता, ब्लैकमेल और वैश्विक प्रभाव की एक खतरनाक कड़ी था और शायद यही वजह है कि आज भी उसकी फाइलें खुलते ही वाइट हाउस से लेकर वॉलस्ट्रीट तक खामोशी छा जाती है। यह 30 लाख फाइलें किसी को दोषी नहीं ठहराती हैं। लेकिन यह जरूर बताती हैं कि एब्सेंट केस के सवाल अब खत्म नहीं हुए हैं।
