नए लफड़े में फंसी लाफ्टर क्वीन भारती सिंह। खूब हुआ भारती के घर पर हंगामा। बहस के बाद बुरी तरह मायूस हुई गोला की मम्मी। काजू की पहली लोरी पर बिगड़ा माहौल। पूरी कहानी जान उड़ेंगे आप सभी के होश। जी हां, कॉमेडियन भारती सिंह इस वक्त अपनी मदरहुड जर्नी को एंजॉय कर रही हैं।
दूसरी बार भी बेटे की मां बनी भारती सिंह अपनी डिलीवरी के बाद से ही खबरों में छाई हुई है। बोला के बाद काजू के आने से जहां लिंबाचिया परिवार पूरा हो गया है तो भारती की बेटी की मां बनने की ख्वाहिश भी अधूरी रह गई है। हमेशा किसी ना किसी वजह से खबरों में बने रहने वाली भारती सिंह अब अपने नए लफड़े को लेकर फिर से खबरों का हिस्सा बन गई है।
अब क्या है भारती की उदासी और नए लफड़े के पीछे की कहानी आइए आपको बताते हैं। सबसे पहले आपको बता दें कि नए लफड़े में फंसी भारती सिंह का यह लफड़ा लोहड़ी के खास त्यौहार से जुड़ा हुआ है। यह तो आप सभी जानते हैं कि लोहड़ी का त्यौहार हर पंजाबी का सबसे पसंदीदा फेस्टिवल माना जाता है। तो ऐसे में भारती के लिए भी साल 2026 की लोड़ी काफी स्पेशल और खास थी क्योंकि इस बार भारती के साथ दूसरा बेटा काजू जो था। दूसरे बेटे की पहली लोड़ी के लिए भारती सुबह से ही खूब एक्साइटेड थी और काफी तैयारियां भी कर रही थी। लेकिन लोड़ी सेलिब्रेशन से पहले हुई बहस और कहासनी से ना सिर्फ भारती सिंह के चेहरे पर मायूसी आ गई थी बल्कि लाफ्टर क्वीन का दिल भी टूट गया था।
हुआ कुछ यूं कि लोरी का त्यौहार सेलिब्रेट करने के लिए जैसे ही हर्ष आग जलाते हैं तो इस बात से पड़ोसियों को आपत्ति हो जाती है और सोसाइटी में आग जलाने के लिए पड़ोसी खूब हंगामा करने लगते हैं और शिकायतें का दौर भी शुरू हो जाता है। आग जलाने को लेकर शुरू हुई यह कहासनी और बहस से भारती के चेहरे पर उदासी आ जाती है और काजू की पहली लोड़ी पर यह हंगामा भारती और हर्ष को बड़ा झटका दे देता है। जिसके बाद दोनों डर डर कर त्यौहार को सेलिब्रेट करने पर मजबूर भी हो जाते हैं। अब नन्हे काजू की पहली लोरी पर इस कहासनी और बहस के बाद भारती को अमृतसर की याद भी आ जाती है और कॉमेडियन काफी इमोशनल भी हो जाती है। अपने ब्लॉग में इस बारे में बात करते हुए भारती ने बताया कि बड़ी याद आती है अमृतसर की। बड़ी याद आती है। बाबा जी बुला लो। फटाफट दर्शन करने हैं।
दोनों बच्चों और पति के साथ बुला लो। शब्द सुनने हैं, कड़ा प्रसाद करवाना है। इतना सुकून है ना वहां? अमृतसर का दूसरा नाम सुकून है। यह फेस्टिवल अमृतसर में मनाए जाने चाहिए ना कि इस बिल्डिंग में हमने फेस्टिवल मनाने के लिए कुछ लकड़ियां जलाई लेकिन बिल्डिंग में रहने वाले लोगों ने शिकायत करना शुरू कर दिया कि आग से परेशानी हो सकती है। वो सही कह रहे हैं। लेकिन त्यौहार मनाते समय हम डरे हुए थे। असली मजा तो अपने होमटाउन में त्यौहार मनाने में ही आता है।
तो सुना लोगों की परेशानी को समझते हुए भारती ने उन्हें भी सही बताया। साथ ही साथ अपने रिचुअल्स सेलिब्रेशन को भी अधूरा और डरडर कर सेलिब्रेट करने का जिक्र किया। खैर फिर भी आप सभी तस्वीरों में भारती सिंह और काजू की पहली लोड़ी सेलिब्रेशन की तस्वीरें देख सकते हैं। जहां पूरे लिंबाचिया परिवार ने एक साथ मिलकर इस त्यौहार को छोटे ही अंदाज में सेलिब्रेट करा। काजू की पहली लोड़ी को ग्रैंड तरीके से ना सही लेकिन भारती ने सेलिब्रेट जरूर किया। लेकिन अब बस सभी लोगों को इंतजार है काजू के दीदार का। देखना होगा कि भारती सिंह कब तक काजू का फेस रिवील करती हैं और फैंस को सरप्राइज़ देती हैं।
