पिता के चहेरे से आज तक अनजान है भारती सिंह, एक तस्वीर भी नसीब न होने का है अफसोस।

[संगीत] अपने पिता से आज तक अनजान है भारती सिंह। भारती के घर में नहीं है पिता की एक भी तस्वीर। पापा की वजह से बचपन से ही सहा दुनिया का भेदभाव। जिंदगी में पापा की गैर मौजूदगी को लेकर बरसों बाद छलके भारती के दर्द भरे जज्बात। आप सभी ने लाफ्टर क्वीन भारती सिंह को दर्द में भी हंसते मुस्कुराते देखा होगा। भारती की स्ट्रगल और फिर लाफ्टर क्वीन बन सफलता की ऊंचाइयों तक पहुंचते भी देखा। कई बार तो ऐसा भी हुआ जब लाफ्टर क्वीन को मोटापे की वजह से दुनिया के ताने सुनने पड़े।

हर ताने पर मुस्कुराते हुए भारती आगे बढ़ती चली गई। लेकिन अब पहली बार भारती ने अपने पिता को लेकर वो राज खोला है जिसे कॉमेडी क्वीन ने कभी दुनिया के सामने बयां नहीं किया। भारती ने एक इंटरव्यू के दौरान उन बातों का जिक्र किया जिससे वह शायद ही कभी दुनिया के सामने करती। पहली बार भारती ने बताया कि वह आज तक अपने पिता से अनजान है। उनके जहन में पिता से जुड़ी कोई याद नहीं है। वो यह भी नहीं जानती कि उनके पिता कैसे दिखते हैं। उनके घर में भी पिता की एक भी फोटो नहीं है। पिता को अपने लिए अजनबी बताते हुए भारती ने कहा। मैं 2 साल की थी जब मेरे पिता चल बसे।

उन्हें कोलरा हो गया था और के बाद उन्हें की खांसी होती थी। मुझे उनकी कोई याद नहीं है। आज भी घर पर उनकी एक तस्वीर है लेकिन मैं उन्हें पहचान नहीं पाती। वो मेरे लिए एक अजनबी हैं। मैं मां से कहती हूं कि पापा की तस्वीर उतार दे। वो मेरा मजाक नहीं उड़ाते। मुझ पर तरस आता था। टीचर हमें इस आधार पर अलग करते थे कि किसके पिता हैं और किसके नहीं। क्योंकि जिन बच्चों के पिता नहीं होते थे उन्हें स्कूल की किताबें दे दी जाती थी। मुझे नहीं पता था कि पिता क्या होता है। मैं अपने दोस्तों को अपने पिता के बारे में बात करते सुनती थी। मैंने सीखा कि पिता सख्त होते हैं और तोहफे लाते हैं। मेरे साथ यह सब नहीं होता था। इसलिए मुझे लगता था कि मैं अलग हूं।

दरअसल भारती ने कभी अपने पिता को नहीं देखा तो वह उन्हें अजनबी लगने लगते हैं। इसीलिए उनके घर पर पिता की फोटो ही नहीं है। इसलिए उनके पास पिता की कोई धुंधली याद तक नहीं है। इस इंटरव्यू के दौरान एक्ट्रेस ने बताया कि किस तरह उनके पिता की मृत्यु के बाद उनकी मां ने उन्हें और उनके भाई-बहन को पालपस कर बड़ा किया। पति की मौत के बाद भारती की मां दूसरी शादी कर सकती थी। लेकिन अपने बच्चों की खातिर उन्होंने ऐसा नहीं किया। भारती ने बताया कि उनकी मां घर चलाने के लिए काम वाली तक बन गई और लोगों के घरों में साफ सफाई करने लगी।

भारती ने साथ ही बताया कि उनकी मां की शादी सिर्फ 15 साल की उम्र में हो गई थी और 20 साल की उम्र तक उनके तीन बच्चे थे। 22 साल की उम्र तक उनके पिता का निधन हो चुका था। इतना ही नहीं उन्होंने इस बात का भी जिक्र किया कि किस तरह उनके पिता के जाने के बाद बचपन से ही स्कूल में उनके साथ भेदभाव किया जाता था।

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