हमारे सामने ऐसी कितनी खबरें आती हैं कि जब लगता है यह तो अमानवीयता की परकाष्ठा है। इससे बदतर तो कुछ हो ही नहीं सकता। हम यह सोच ही रहे होते हैं कि फिर एक ऐसी खबर सामने आ जाती है जो रोंटे खड़े कर दे। शुरुआत इस हरकत के पीछे नजर आ रही दो महिलाओं की क्या मंशा रही होगी? क्या स्थिति रही होगी?
फिलहाल स्पष्ट नहीं है लेकिन में साफ नजर आ रहा है कि एक बुजुर्ग महिला को आधी रात में सड़क किनारे छोड़ दिया गया। बिल्कुल अकेला। उम्र की सटीक जानकारी तो पता नहीं चल पाई है लेकिन चादर से बाहर निकली टांगे बता रही हैं कि महिला बुजुर्ग थी और उम्र के उस पड़ाव पर थी जहां उन्हें एक सहारे की जरूरत थी। इसलिए बोल रहे हैं क्योंकि अब उनकी निधन हो चुकी है। जिस रात उन्हें सड़क किनारे छोड़ा गया उसके अगले ही दिन शाम को उनकी मौत हो गई थी।

रिपोर्ट के मुताबिक सीसीटीवी फुटेज की लोकेशन अयोध्या के किशन दासपुर की है। तारीख 24 जुलाई समय रात के 1:30 से 2:00 बजे के बीच का। पहले एक आदमी और महिला चादर में लिपटी बुजुर्गों को ऐसे लाते हैं मानो कोई जानवर। उन्हें जमीन पर लिटाते हैं और लौटने लगते हैं। फिर वही महिला वापस मुड़ती है और बुजुर्ग को सिर से पांव तक चादर से ढक देती है। इस दौरान साड़ी पहनी एक और महिला वहां खड़ी रहती है। वह बुजुर्ग के पास आती है और उनके मुंह से चादर हटा देती है ताकि सांस ली जा सके। इसके बाद तीनों ई रिक्शे में बैठकर वहां से लौट जाते हैं। फिर बुजुर्ग खुद ही अपने ऊपर से कपड़ा हटा देती हैं।
इसके बाद वह करीब 6- सात घंटे तक ऐसे ही सड़क किनारे पड़ी रही। आसपास के लोगों ने जब महिला को देखा तो तुरंत पुलिस को फोन किया। पुलिस ने बुजुर्ग को दर्शन नगर ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया।

पुलिस ने बताया कि उनका स्वास्थ्य काफी ज्यादा खराब था। वह अपना नाम, पता, उम्र कुछ भी नहीं बता पाई। यह भी जानकारी नहीं दे पा रही थी कि उन्हें सड़क पर छोड़कर जाने वाले लोग कौन थे। मामले पर एसपी सिटी का बयान आया है। प्रातः काल 9:30 बजे डायल 112 पर एक वृद्ध महिला के अस्वस्थता की दशा में एक स्थान पर मिलने की सूचना प्राप्त हुई। जिस पर तत्काल पुलिस द्वारा उनको दर्शन नगर ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया। जहां सायंकाल 6:30 बजे उनकी निधन हो गई है। मौके पर एक सीसीटीवी फुटेज प्राप्त हुआ है। जिसमें एक व्यक्ति और दो महिला द्वारा वृद्ध महिला को छोड़ करके जाते हुए दिखाई दे रहे हैं। उन व्यक्तियों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही मृतका के भी पहचान करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
शीघ्र ही इसमें पोस्टमार्टम पंचायतनामा की कारवाई के साथ उक्त दोषी व्यक्तियों की पहचान सुनिश्चित कर उनके विरुद्ध कठोर विधिक कारही की जाएगी। इस वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर यूज़र्स वीडियो को शेयर कर अलग-अलग तरह की बातें लिख रहे हैं। कोई इसे इंसानियत की मौत बता रहा है तो कोई ऐसे लोगों पर थूक रहा है। संजीव नाम के यूजर ने लिखा थू है ऐसी औलादों पर जो अपनों को ही यूं बेसहारा छोड़ दें। अयोध्या में एक बुजुर्ग मां को उनके ही परिजन सड़क किनारे लाचार छोड़कर भाग गए। शरीर से लाचार आंखों में बेबसी के आंसू और अपनों से मिले धोखे का जख्म।
एक और यूजर ने लिखा, एक औरत जन्म देती है, परिवार पालती है, सब कुछ त्याग देती है और एक रात उसके अपने बच्चे उसे कूड़े की तरह सड़क किनारे फेंक देते हैं। यह गरीबी नहीं है, यह मानवता की मौत है। सीसीटीवी के आधार पर बुजुर्ग महिला को छोड़कर जाने वाले तीन लोगों की तलाश पुलिस कर रही है। बुजुर्ग के शव को भी पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
