कौन था हुमा कुरैशी का भाई आसिफ कुरैशी पार्किंग विवाद में हुई जिसकी दर्दनाक निधन दो शादियां का कारोबार आसिफ का था दिल्ली में खूब नाम भाई की कलाई पर राखी बांधने की तैयारियों के बीच निधन की दर्दनाक खबर का सामना करने वाली बॉलीवुड एक्ट्रेस हुमा कुरैशी अपने परिवार में छाए मातम को लेकर खबरों में बनी हुई हैं।
यह तो आप सभी जानते ही हैं कि एक्ट्रेस हुमा कुरैशी के कजिन भाई आसिफ कुरैशी की दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके में बेरहमी से मार दिया है। त्यौहार की रौनक से पहले आए मातम की लहर ने हुमा कुरैशी के परिवार को तोड़ कर रख दिया है।
आपको पिछली रिपोर्ट्स में यह बता ही चुका है कि स्कूटर पार्किंग के मामूली विवाद में बेरहमी से मार के घाट उतरने वाले आसिफ कुरैशी की निधन से राजधानी दिल्ली में दहशत का माहौल बना हुआ है। तो कौन है पार्किंग विवाद में दर्दनाक निधन का शिकार हुए आसिफ कुरैशी? क्या है आसिफ का एक्ट्रेस हुमा से रिश्ता? सबसे पहले आपको बता दें कि आसिफ कुरैशी एक्ट्रेस हुमा कुरैशी के चाचा का बेटा था। 42 साल की उम्र में दर्दनाक निधन का शिकार हुआ आसिफ दिल्ली के नामी मीट व्यापारी भी थे। सामने आ रही जानकारी के मुताबिक आसिफ कुरैशी का अपना बिजनेस था। वो रेस्टोरेंट और होटल्स में चिकन सप्लाई का काम किया करते थे और राजधानी दिल्ली के निजामुद्दीन थाना इलाके के रहने वाले थे। बता दें कि अपनी बीवी के साथ निजामुद्दीन इलाके में रहने वाले आसिफ की कोई औलाद नहीं है।
अपने पीछे रोती बिलखती बीवी शाइना को छोड़कर दुनिया से चल बसे आसिफ कुरैशी की दो शादियां हुई थी। जी हां, दूसरी पत्नी का नाम शाइना था। आसिफ ने साल 2018 में शाइना से लव मैरिज की थी। गौर करने वाली बात है कि शाइना जैन धर्म की थी और उनका नाम रेनू जैन था। आसिफ की पहली पत्नी भी निजामुद्दीन इलाके में ही रहती हैं। जिससे आसिफ का तलाक अभी तक नहीं हुआ था और इस बात की जानकारी साझा करते हुए हुमा कुरैशी के पिता सलीम ने बताया कि आसिफ अपनी पहली पत्नी के साथ नहीं बल्कि शाइना के साथ ही रहा करता था।
लेकिन कभी-कभी वह पहली पत्नी के पास भी मिलने जाया करता था। बहरहाल अब हुमा कुरैशी के चचेरे भाई की मौत से परिवार में दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और राखी से पहले भाई को खोने के बाद बेशक हुमा के लिए भी यह वक्त बेहद मुश्किल है। फिलहाल देखना होगा कि मुश्किल वक्त में एक्ट्रेस हुमा कुरैशी कब तक दिल्ली आकर अपने भाई के आखिरी दर्शन करती हैं और अपनी भाभी को इस दुख से लड़ने की हिम्मत कब और कैसे देती हैं।
