संगीत की दुनिया में कुछ नाम ऐसे होते हैं जो सिर्फ कलाकार नहीं होते वह एक दौड़ होते हैं और जब ऐसे लोग जाते हैं तो सिर्फ एक इंसान नहीं एक पूरा युग खत्म होता है। आज ऐसी ही एक खबर ने देश को भावुक कर दिया है। मशहूर गायिका आशा भोसले का 92 साल की उम्र में निधन हो गया है। उनके बेटे आनंद महाराष्ट्र के सांस्कृतिक मंत्री और मुंबई के डॉक्टरों ने इस खबर की पुष्टि की।
बताया गया कि वह पिछले कुछ समय से बीमार थी और मुंबई के ब्रिज कैंडी अस्पताल में इलाज चल रहा था। जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। इस खबर के सामने आते ही फिल्म इंडस्ट्री, संगीत जगत और आम लोगों के बीच शोक की लहर फैल गई।
लेकिन इस पूरे घटनाक्रम में एक ऐसा संयोग भी सामने आया है जो लोगों को सोचने पर मजबूर कर रहा है। भारत की दो महान आवाजें लता मंगेशकर और आशा भोसले दोनों बहनें दोनों अपने-अपने में संस्थान लता मंगेशकर का निधन 6 फरवरी 2022 को हुआ था। वह भी रविवार का दिन था। वह भी 92 साल की उम्र और स्थान भी वहीं मुंबई का ब्रिज कैंडी अस्पताल। अब ठीक 4 साल बाद आशा भोसले का निधन भी रविवार को 92 साल की उम्र में और उसी अस्पताल में हुआ।
तार्किक रूप से देखें तो यह एक संयोग है। दोनों की उम्र लंबी रही। दोनों मुंबई में थी और इलाज के लिए एक ही अस्पताल में भर्ती थी। लेकिन भावनात्मक रूप से यह संयोग लोगों को अंदर तक छू रहा है क्योंकि यह सिर्फ दो बहनों की कहानी नहीं थी। यह भारतीय संगीत की दो मजबूत स्तंभ थी। आशा भोसले ने अपने करियर में आठ दशकों से भी ज्यादा समय तक संगीत को दिया। उन्होंने करीब 12,000 गाने गाए जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है। उनकी आवाज की खासियत थी विविधता। कभी रोमांटिक कभी कैबेरे कभी गजल हर अंदाज में उन्होंने खुद को ढाला पिया तू अब तो आजा दम मारो दम यह मेरा दिल जैसे कितने गाने और अलग-अलग दौर की वह पहचान बनी रहे। वहीं दूसरी ओर लता मंगेशकर को भारत कोकिला कहा जाता था।
जिनकी आवाज ने भक्ति, देशभक्ति और भावनाओं को एक नई ऊंचाई दी। दोनों ने मिलकर भारतीय संगीत को जिस ऊंचाई तक पहुंचाया वह शायद ही कोई और कर पाए। मुंबई के शिवाजी पार्क में राजकीय सम्मान के साथ आशा भोसले का अंतिम संस्कार हुआ। डॉक्टरों ने बताया कि मल्टी ऑर्गन फेलोर उनकी मौत की वजह बना। वहीं महाराष्ट्र के सांस्कृतिक मंत्री ने कहा आज युग का अंत हो गया जिसकी भरपाई संभव नहीं।
लेकिन सच यही है ऐसे कलाकार कभी पूरी तरह जाते नहीं क्योंकि जब भी उनके गाने गाए जाएंगे जब भी उनके गाने बजेंगे जब भी कोई पुराना सुर दिल को छुएगा तब महसूस होगा कि वह आज भी हमारे बीच है तो दो आवाजें और जीवन भर का साथ और संयोग देखिए कि एक ही तरह से दोनों एक ही उम्र में इस धरती को अलविदा कहा गया अलविदा आशा ताई
