16 की उम्र में घर से भागीं आशा ताई अत्याचार का हुईं थी शिकार, फिर…

बता दें सिंगर आशा भोसले जी का 92 साल की उम्र में निधन हो गया। रविवार दोपहर मुंबई के ब्रिज कैंडी अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली। आपको बता दें कि शनिवार शाम को ही उन्हें यहां पर भर्ती कराया गया था। ब्रिज कैंडी हॉस्पिटल के डॉक्टर प्रतीत समदानी ने न्यूज़ एजेंसी को बताया कि कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया था। जिसके कारण जो है मशहूर सिंगर आशा ताई का 92 साल की उम्र में निधन हो गया। आपको बता दें कि आश्रताई संगीत की दुनिया में एक अलग ही नाम थी।

काफी सारे गाने 12,000 से ज्यादा गाने उन्होंने भारत को दिए और भारत में सभी लोग आशा ताई को आज नम आंखों से याद कर रहे हैं। आशा भोसले ने अपने करियर में 12,000 से ज्यादा गाने गाए हैं।

उनके दम मारो दम पिया तू अब तो आजा और चुरा लिया है तुमने जैसे गानों ने आज सदा बहार हैं और सभी के मुंह पर यह गाने जो हैं हमेशा आपको सुनाई पड़ेंगे। वहीं आशा भोसले के लिए संगीत का सफर इतना भी आसान नहीं था। आशा भोसले जी ने 14 से अधिक भाषाओं में गाने गाए थे। वहीं आशा भोसले मशहूर थिएटर और क्लासिकल सिंगर दीनाना मंगेशकर की बेटी और महान गायिका लता मंगेशकर की छोटी बहन हैं। जब वह सिर्फ 9 साल की थी तब उनके पिता का निधन हो गया था। जिसकी वजह से उन्होंने बहन लता मंगेशकर के साथ मिलकर परिवार को सपोर्ट करने के लिए सिंगिंग शुरू की थी और आज दोनों बहनों ने संगीत की दुनिया में इतना नाम कमाया है कि सभी लोग आज लता ताई हो या फिर आशा ताई हो दोनों बहनों को सदियों तक याद रखने वाले हैं।

वहीं आशा ताई के अह करियर की बात की जाए तो आपको बता दें कि 8 सितंबर 1933 को महाराष्ट्र के सांगली में उनका जन्म हुआ था। 10 साल की उम्र में आशा भोसले ने पहली बार मराठी फिल्म माझा बाल 1943 के लिए चला चल नवबा गीत गाया था। वहीं हिंदी में पहली बार आशा ताई ने फिल्म चुनरिया 1948 में गाना गाया था जिसका नाम था सावन आयारी। इसके बाद आशा भोसले फिल्म, संगीत, पॉप, गजल, भजन, क्लासिकल संगीत सहित कई सारी शैलियों में उन्होंने 14 से ज्यादा भाषाओं में 12,000 से ज्यादा गाने रिकॉर्ड कर चुकी हैं।

वहीं 2011 में आशा ताई का नाम जो है गिनीज वर्ल्ड ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज हुआ था। 2008 में उन्हें पद्म विभूषण पुरस्कार से नवाजा गया था और 2000 में उनको दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था। वहीं 1997 में ग्रेमी पुरस्कार के लिए नॉमिनेट होने वाली आशा ताई पहली भारतीय गायिका बनी थी। तो लगातार आपको बड़ी खबर बता दें जहां पर आशा ताई के निधन से इस समय पूरे बॉलीवुड और पूरे संगीत की दुनिया में शोक की लहर है। सभी लोग आशा ताई को नम आंखों से श्रद्धांजलि दे रहे हैं। साथ ही साथ आपको बता दें कि उनके बेटे अनंत भोसले ने उनके अपनी मां के निधन की पुष्टि भी की है।

साथ ही साथ बताया है कि कल शाम लगभग 4:00 बजे शिवाजी पार्क में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। आपको बता दें कि सभी आशा ताई को याद कर रहे हैं। आशा भोसले ने दूसरी शादी जो है आर डी बर्मन से की थी। दोनों की पहली मुलाकात 1956 में हुई थी।

वहीं उनकी गहरी दोस्ती और संगीत का सफर फिल्म तीसरी मंजिल के दौरान जो है वह शुरू हुआ था। उसके बाद लगातार काम करते हुए दोनों की अच्छी दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में बदलना शुरू हो गई थी। वहीं आर डी बर्मन ने एक दिन मौका पाकर आशा के सामने शादी का प्रस्ताव रखा था और आशा ताई ने तुरंत उन्हें हां कर दी थी। लेकिन बर्मन की मां ने इस शादी से साफ इंकार कर दिया था। उन्होंने बर्मन से कहा कि अगर यह शादी होती है तो वह मेरी लाश पर होगी। वहीं बर्मन ने मां बर्मन की मां ने इसलिए इंकार किया था क्योंकि आशा ताई उनसे 6 साल बड़ी थी और पहले से वह तीन बच्चों की मां थी।

वहीं तब आर डी बर्मन ने चुपचाप मां की बात मानी हालांकि जब बर्मन के पिता एसडी बर्मन का निधन हुआ तो मां मां की मानसिक स्थिति बिगड़ गई थी। ऐसे में मां की हालत में सुधार के लिए बर्मन ने आशा ताई से 1980 में शादी कर ली थी। वहीं उनकी पहली की पहली शादी की बात की जाए तो साल 16 साल की उम्र में आशा ताई ने बड़ी बहन लता के 31 साल के सेक्रेटरी गणपत राव भोसले से भागकर शादी की लता जी और उनका परिवार इस शादी के सख्त खिलाफ था और इसके कारण उन्होंने आशा ताई से लंबे समय तक बातचीत भी नहीं की थी।

वहीं शादी के बाद आशा ताई को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा और वह घरेलू हिंसा का भी शिकार हुई। वह जिंदगी से इतनी निराश हो चुकी थी कि उन्हें खुद को खत्म करना चाहती थी। लेकिन 1960 में वह अपने पहले पति से अलग हो गई और फिर उन्होंने आर डी बर्मन से शादी की। जब आशा ताई की पहली शादी टूट गई और वो अपने तीनों बच्चों के साथ वापस अपने परिवार के पास आई तब वे धीरे-धीरे दूरियां कम होने लगी। वहीं आपको बता दें कि लता मंगेशकर और आशा भोसले जी ने साथ मिलकर मैं चली मैं चली और मन क्यों बहकाे जैसे 50 से ज्यादा गाने एक साथ गाए हैं।

वहीं डॉक्टर प्रतीत समदानी ने बताया है कि बहुत दुखद है कि आज आशा भोसले जी का निधन हो गया। उन्हें कई सारी मेडिकल समस्याएं थी और मल्टी ऑर्गन फेलियर के कारण जो है उनका निधन हो गया है। तो लगातार आपको बड़ी खबर बता दें आज सुरों की दुनिया सुनी हो चुकी है। आशा ताई का 92 साल की उम्र में निधन हो गया है। चलिए आपको सुनवाते हैं महाराष्ट्र के सीएम और बाकी सारे लोगों ने आशा ताई को किस तरीके से श्रद्धांजलि दी है। मैं आनंद भोसले मेरी माताजी श्रीमती आशा भोसले।

इनका आज निधन हो चुका है। कल सुबह 11:00 बजे वो जहां रहती थी कासा ग्रैंड लोअर पर एक वहां पर जिनको अंतिम दर्शन लेने हैं वो आप वहां आइए और 4:00 बजे कल दोपहर को शिवाजी पार्क में इनके अंतिम संस्कार होंगे।

यह पूरे भारत के लिए और विश्व के संगीत प्रेमियों के लिए बहुत ही दुख की बेला है। सबसे वर्सटाइल आर्टिस्ट के रूप में जिनको जाना गया। ऐसी आशाताई भोसले इनका दुखद निधन हुआ है। भारत के इतिहास में उन्होंने जो संगीत की सेवा की है। मंगेशकर परिवार ने जो संगीत की सेवा की है। लता दीदी के रूप में पहला सितारा पहला तारा लुप्त होते हमने देखा और आज संगीत का दूसरा तारा भी लुप्त हुआ है। यह हम सबको इसका बहुत दुख है। बाल्यावस्था से संगीत की सेवा करते-करते 92 साल की उम्र तक लगातार उन्होंने सेवा की। अपने 90वें जन्मदिन पर 3 घंटे कॉन्सर्ट करने वाली यह दुनिया की एक मेंव गायिका है और आखिरी दम तक संगीत की सेवा उन्होंने की।

हम सभी लोग जानते हैं कि शास्त्रीय संगीत से लेकर पॉप रॉक सभी प्रकार के संगीत उन्होंने हम लोगों को दिया। सभी प्रकार के गीत उन्होंने गाए। विशेषता आर डी बर्मन जी और उन्होंने संगीत को एक अलग जोन में पहुंचाने का काम किया और ऐसा कोई ऐसी कोई भाषा नहीं है भारत की जिसमें उन्होंने गाने ना गाए हो 12,000 से ज्यादा गाने 20 से ज्यादा भाषाओं में उन्होंने गाए इस प्रकार की एक गायिका कि जिनके सुरों में परमेश्वर बसते थे उनका चला जाना बधाई भारत के लिए हम सभी के लिए बहुत बड़ी हानि है। उनके परिवार के दुख में हम सब लोग सम्मिलित हैं। स्वर्गीय आशा ताई का और मेरा पिछले अनेक सालों का बहुत ही नजदीकी संबंध रहा है। आशा ताई ने अपने जीवन में अनेक भाषाओं में अनेक गीत गाए और संगीत के अनेक प्रकार के गीत गाए। सब प्रकार के गीतों में उनकी मास्टरी थी। उन्होंने जो गीत गाए हैं आज भी हम उसको विश्व में इतनी प्रसिद्धि मिली है कि आज पूरे विश्व में उनका नाम पहुंचा है।

जिस प्रकार से लता दीदी ने अपने गायन कला के द्वारा हमारे देश का नाम बड़ा किया है वैसा ही आशा ताई ने भी बड़ा किया है। मुझे बहुत खुशी है विशेष रूप से कि जब वो संगीत में गाती थी और जब उनका एज हुआ था तो मैं उनको कहता था कि आप मत गाइए वो मुझे कहती थी कि नहीं मैं जब तक हूं तब तक मैं गाती रहूंगी ये जिद्द मैंने उनके व्यक्तित्व में देखी और आखिरी तक उन्होंने संगीत और गीत इस विषय के लिए अपना जीवन समर्पित किया था और बड़े आनंद और खुशी के साथ वो गाती थी और आखरी आखरी में चलना भी नहीं होता था तो भी उनका यही श्रद्धा कमिटमेंट उनके प्रोफेशन के बारे में थी।

उनके जाने से उनके परिवार को भी बहुत बड़ा धक्का लगा हुआ है और विशेष रूप से पारिवारिक संबंध में होने के कारण हम सब लोगों को भी एक धक्का पहुंचा है। मैं यह दुख सहन करने की शक्ति भगवान उनके परिवार को दे। यही ईश्वर चरण प्रार्थना करता हूं और आशाताई को दुखद अंतकरण से श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।

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