संगीत के एक सुनहरे दौर का अंत हो गया है। वो आवाज जिसने दशकों तक अपने सुरों से दिलों को धड़कनासिखाया। अब हमेशा के लिए खामोश [गला साफ़ करने की आवाज़ हो चुकी है। आशा भोसले इस दुनिया को अलविदा कहकर अपने अंतिम सफर पर निकल चुकी हैं। आशा ताई को आज पूरा देश नम आंखों से विदाई दे रहा है और इसी बीच उनकी जिंदगी से जुड़े कई अनसुने किस्से भी चर्चा में हैं। इन्हीं में से एक है वह किस्सा जब आशा भोसले को उन्हीं के भाई ने शापित बताया था।
तमाशा भोसले के छोटे भाई हृदयनाथ मंगेशकर ने उन्हें शापितगंधर्व कहा था। क्या है यह किस्सा? इसके बारे में हम आपको अपने इस रिपोर्ट में बताने जा रहे हैं। दरअसल आशा भोसले को यह चुभते हुए शब्द तब ताने के तौर पर नहीं बल्कि उनकी जिंदगी के संघर्ष और दर्द को बयान करने के लिए कहे गए थे। जब आशा ताई अपनी इकलौती बेटी के निधन के गम से टूट चुकी थी। उन्होंने लोगों से मिलना-जुलना छोड़ दिया था। यहां तक कि संगीत से भी अपना रिश्ता तोड़ लिया था। तब बड़ी बहन को जिंदगी की तरफ दोबारा लौटाने के लिए आशा भोसले के भाई हृदयनाथ मंगेशकर ने उन्हें शापित गंधर्व कहा था। एक ऐसी दिव्य आवाज जिसे दुनिया ने सराहा लेकिन उसने निजी जिंदगी में गहरा दर्द सहा।
इस बात का खुलासा खुद आशा भोसले ने अपने एक इंटरव्यू में किया था। साल 2012 में एक इंटरव्यू में आशा भोसले ने अपनी बेटी वर्षा भोसले के निधन के बाद के हालातों [संगीत] के बारे में बात की थी। इसी दौरान उन्होंने इस बात का खुलासा भी किया था कि कैसे बेटी की मौत के बाद उनके भाई ने उन्हें बेटी की मौत के गम से उभरने में मदद की थी। बेटी वर्षा भोसले की खुदकुशी करने के बारे में बात करते हुए [संगीत] आशा भोसले ने कहा था कि जब यह घटना घटी मैं सिंगापुर में थी। वो मुझे इसके बारे में कुछ भी नहीं बताना चाहते थे। लेकिन मेरे बेटे आनंद को लगा कि मुझे पता होना जरूरी है। जब मुझे बताया गया तो मैं जमीन पर गिर पड़ी। मैं पहली फ्लाइट से वापस [संगीत] लौटना चाहती थी। इसके आगे आशा भोसले ने बताया कि बेटी वर्षा की मौत का उन्हें गहरा सदमा लगा था। उन्होंने खुद को दुनिया और संगीत [संगीत] सबसे दूर कर लिया था और उनका यह हाल देख छोटे भाई ने उन्हें हिम्मत [संगीत] दी। वो दोबारा उन्हें जिंदगी की तरफ लेकर आए। आशा ने कहा कि मैं बुरी तरह टूट चुकी थी। मेरा भाई ही मुझे वापस होश में लाया। नहीं तो उस रात के [संगीत] बाद से मैंने लोगों से मिलनाजुलना बंद कर दिया था। बात करना बंद कर दिया और यहां तक कि फोन भी नहीं उठाती थी। मेरे लिए कुछ भी मायने नहीं रखता था। मेरे भाई ने आकर मेरे हाथों में तानपुरा [संगीत] थमा दिया। उसने मुझे गाना शुरू करने को कहा। वो मुझसे छोटा है लेकिन मेरे लिए गुरु समान है। तब भाई ने उन्हें शापित गंधर्व कहा था। जिसके बारे में उन्होंने कहा था कि भाई ने मुझसे कहा कि हम भगवान के दरबार में गंधर्वों के समान हैं। कभी-कभी भगवान उन्हें श्राप देकर पृथ्वी पर भेज देते हैं। वो महान कलाकार बनते हैं।
खूबसूरत गीत गाते हैं पर वह कभी सच्चे सुखी नहीं होते। वो शापित हैं। तुम्हारा कर्तव्य है कि जो तुम्हें सौंपा गया है उसे निभाओ। छ या आठ साल की उम्र से तुम म्यूजिक सीख रही हो और गा रही हो। तुम उन्हीं शापित गंधर्वों [संगीत] में से एक हो। इसलिए तुम्हें दुख सहना पड़ेगा। वह दुख कभी पूरी तरह दूर नहीं होगा।
जानकारी के लिए बता दें कि आशा भोसले ने साल 2012 में अपनी जवान बेटी वर्षा को खो दिया था। वर्षा एक जानी-मानी पत्रकार थी जो अखबारों और वेब पोर्टल्स के लिए लिखती थी। उन्होंने कई हिंदी और मराठी फिल्मों में गाने भी गाए थे। लेकिन शादी टूटने के बाद वर्षा का शिकार हो गई थी। उन्होंने कई बार अपनी जान देने की कोशिश की थी।
अक्टूबर 2012 में वर्षा भोसले ने मुंबई में पैड रोड स्थित अपने घर पर खुद को गोली मारकर जान दे दी थी। इस घटना ने आशा भोसले को बुरी तरह से झकझोर दिया था।
