कैसे माँ आशा भोंसले का नाम ही बना बेटी वर्षा के लिए जिंदगी भर बना रहा घुटन की वजह।

आशा भोसले जी फिल्म इंडस्ट्री की लेजेंड्री प्लेबैक सिंगर है। लेकिन यह भी सच है कि अच्छी टैलेंटेड होने के बावजूद भी उन्हें करियर वाइज और पर्सनल लाइफ वाइज बहुत ज्यादा स्ट्रगल झेलना पड़ा। करियर वाइज तो इसलिए कि वो शानदार गायिका थी। लेकिन इंडस्ट्री के सामने उनसे भी बड़ी शानदार गायिका उन्हीं की सगी बहन लता जी थी। फिल्म इंडस्ट्री में प्रोड्यूसर्स की प्रेफरेंस लता जी ही रहती थी और जब कोई गाना लता जी गाने से मना कर देती थी या फिर आशा भोसले का दिल खुश रखना होता था तो प्रोड्यूसर्स इनिशियल तौर पर आशा जी को गाना ऑफर कर दिया करते थे।

लेकिन धीरे-धीरे आशा जी की उम्र जैसे-जैसे बढ़ती गई, उन्होंने इस सिचुएशन से भी समझौता कर लिया और अपने आप को समझा लिया कि दीदी का टैलेंट अपना टैलेंट है। मुझे अपने टैलेंट को कैसे तराशना है वो मुझ पर रहा और धीरे-धीरे उन्होंने अपने सिंगिंग स्टाइल में एक अलग ही ग्लैमरस टच दिया और आशा जी की एक अलग ही पहचान बनी। इस सिचुएशन से वह निपटी तो उनकी पर्सनल लाइफ में एक अलग सिचुएशन शुरू हो गई। आशा जी ने बहुत ही कम उम्र में लता मंगेशकर के मैनेजर गणपतराव भोंसले से शादी की थी। इस शादी से उन्हें तीन बच्चे हुए। दो बेटे आनंद और हेमंत और एक बेटी वर्षा। इनिशियली तो सब कुछ ठीक-ठाक चला लेकिन बाद में गणपत राव आशा जी को टॉर्चर करने लगे।

यह टॉर्चर इस हद तक बढ़ गया कि आशा जी को गणपत राव का घर छोड़कर फिर से अपने मायके में शिफ्ट होना पड़ा। आशा जी ने अपने करियर पर फोकस किया। इस बार तीन बच्चों की जिम्मेदारी उन पर थी। अब आशा जी को अपने करियर पर ध्यान देना था। बढ़ते कंपटीशन को भी फाइट करना था और तीन बच्चों की देखरेख भी करनी थी। इसी बीच आशा जी को प्यार मिला पंचमदा से।

पंचमदा के साथ उनकी बहुत अच्छी जमी और एक अच्छी जिंदगी कुछ पलों के लिए उन्हें मिली। लेकिन पंचमदा भी बहुत जल्दी गुजर गए। जिसके बाद आशा जी फिर से अकेली हो गई। इस दौरान वो एक बार फिर से अपने बच्चों के बेहद क्लोज आ गई। लेकिन तभी आशा जी ने देखा कि कैसे उनका एक बच्चा उन्हीं के सामने से झूझ रहा है। बार-बार करने की कोशिश कर रहा है। और 2012 में तो आशा जी के उस बच्चे ने कर ही लिया। और आज आशा जी की उसी बेटी के बारे में हम बात करेंगे। आशा जी की बेटी वर्षा भोसले। हमआशा जी ने बचपन से ही वर्षा को अपने साथ गाना गवाना शुरू कर दिया था।

वर्षा ने बहुत ही कम एज से गाना गाना शुरू कर दिया था। इनफैक्ट देवानंद जी की एक फिल्म आई थी लूट मार। उसमें उन्होंने हंसू हरदम यह गाना गाया था बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट। आशा जी ने वर्षा के लिए करियर ऑप्शंस काफी खुले रखे थे। वो म्यूजिक की ट्रेनिंग तो वर्षा को घर पर दे ही रही थी। लेकिन बाहर कॉलेज और स्कूल में भी अच्छी पढ़ाई उन्हें मिले इसकी श्योरिटी कर रही थी। उन्होंने पॉलिटिकल साइंस में पढ़ाई भी कर ली थी और आगे चलकर वर्षा ने डिसाइड किया कि उनके घर से सिंगर्स तो इतने ग्रैंड निकले हैं कि वो उनसे ग्रैंड तो कभी हो ही नहीं सकती है। वर्षा का मानना था कि ऐसा काम पकड़ो जिसमें बहुत बड़ा नाम करो। जैसे कि सिंगिंग में लता जी ने नाम किया है। आशा जी ने नाम किया है।

अब जब फैमिली से ऑलरेडी इतने बड़े सिंगर्स निकल चुके हैं तो वर्षा के ऊपर प्रेशर होता लता मंगेशकर की भांजी और आशा भोसले की बेटी होने का। यही वजह है कि उन्होंने म्यूजिक को बैक सीट लिया और वो जर्नलिज्म में आगे बढ़ी। वो पॉलिटिकल कॉलम्स लिखती थी। वो बॉलीवुड इंडस्ट्री पर भी कॉलम्स लिखती थी और उनके कॉलम्स बताते थे कि वो निष्पक्ष है, वो निडर है और एक जर्नलिस्ट का जो काम होता है कि हार्ड हिटिंग सच्चाई चाहे वो फिर कितने ही बड़े आदमी के बारे में क्यों ना हो वो लोगों के सामने पेश करें। वर्षा के कॉलम्स को इसीलिए लोग पसंद करते थे और उनके कॉलम्स पॉपुलर होने लगे। वो बड़े-बड़े अखबारों और मैगजीनंस के लिए कॉलम्स लिखने लगी जिसमें टाइम्स ऑफ इंडिया जेंटलमैन रेडफ जैसे नाम शामिल है।

इनफैक्ट रेडफ पर लिखे गए उनके कुछ कॉलम्स तो आज भी वायरल है क्योंकि उस दौरान उन्होंने सलमान खान के हिटन केस और ब्लैक बग केस पर जो कुछ लिखा था वो किसी भी मीडिया में हिम्मत नहीं थी लिखने की। वर्षा ने पूरा एक्सपोज कर दिया था कि किस तरह से सलमान के करियर को यह जो डैमेज लगा है इन केसेस से उसे कवर अप करने की कोशिश की जा रही है और किस तरह से कवर अप किया जा रहा है। यह उन्होंने बहुत ही डिटेल्ड तरीके से लिखा था। अक्सर ऐसा होता है कि जब कोई फिल्म इंडस्ट्री से होता है तो वो फिल्म इंडस्ट्री के ही बंदे के बारे में इस तरह से खुलकर नहीं लिखता है। वो भी तब जब आप खुद एक बड़ी फैमिली से हो मंगेशकर फैमिली से और आप लिख रहे हो सलीम खान साहब के परिवार के बारे में। लेकिन वर्षा ने एज अ जर्नलिस्ट अपना रोल सच्चाई से निभाया वैसे ही जैसे सलमान खान कैमरा के सामने अपना किरदार सच्चाई से निभाते हैं।

तो इसीलिए लोगों ने उनके उस कॉलम को पसंद किया। खैर उन कॉलम्स के बारे में डिटेल में हम किसी और एपिसोड में बात करेंगे। अभी हम बात करेंगे वर्षा के बारे में। आखिर जब वर्षा इतने अच्छे परिवार से थी, इतना अच्छा वो काम कर रही थी, तो फिर उनकी जिंदगी में ऐसा क्या हुआ कि उन्होंने तलाक लिया?

वर्षा की पर्सनल लाइफ काफी उतार-चढ़ाव से भरी रही। इनिशियली उन्होंने एक पीआर ऑफिसर से शादी की थी जिसका नाम था हेमंत कैनकरे। लेकिन हेमंत से शादी के कुछ ही सालों बाद उनकी बनती नहीं थी। यही वजह है कि दोनों सेपरेट हो गए। वर्षा एक बार फिर से अपने कॉलम्स में बिजी हो गई और अपने करियर पर ध्यान देना शुरू कर दिया। लेकिन उनकी मेंटल स्थिति धीरे-धीरे उन्हें चैलेंज कर रही थी। डिप्रेशन में वो जा रही थी। इसी दौरान वर्षा को एक अच्छा दोस्त मिला। फिल्म इंडस्ट्री के नामी फोटोग्राफर गौतम राजदक्ष के रूप में। वर्षा की जिंदगी में एक दोस्त की कमी थी जो उन्हें इस से निकाल पाए। यह काम गौतम राजदक्ष कर रहे थे। लेकिन इसी दौरान गौतम राजदक्ष की भी डेथ हो जाती है और इससे वर्षा बहुत ज्यादा टूट जाती है और कभी ना बाहर आने वाला उन्हें लग जाता है। वर्षा ने ईयर 20078 के आसपास भी एक बार सुसाइड करने की कोशिश की।

हालांकि इस बार भगवान की दया से वह बच गई। लेकिन 2012 में वर्षा ने आखिरकार वो कदम उठा ही लिया। l की वजह से वर्षा से ज्यादा परिवार में कोई बात नहीं करता था और कोई स्ट्रांग क्वेश्चंस भी नहीं कर सकता था। सिर्फ आशा जी को ही पता था कि वर्षा से कैसे बात करनी है और उन्हें कैसे बातों में लगाए रखना है। लेकिन वर्षा ने दिसंबर आज 2012 को सुसाइड कर लिया। 8 दिसंबर 2012 आशा भोसले जी अपने किसी काम से सिंगापुर गई हुई थी अपने बेटे आनंद के साथ और वहीं पर उन्हें कॉल मिलता है कि उनकी बेटी वर्षा ने कर लिया है। बताया जाता है कि वर्षा प्रभुकुंज में ही रहती थी। वही बंगला जहां पर लता मंगेशकर जी रहती थी। प्रभु कुंज में आशा भोसले का भी घर था और उनके साथ ही वर्षा रहती थी। वर्षा के घर पर काम करने वाली मेड जब उनके रूम का दरवाजा खटखटाती है तो अंदर से कोई आवाज नहीं आती है और ना ही कोई दरवाजा खोलता है।

जिसके बाद मेड परिवार वालों को इन्फॉर्म करती है। लता जी के घर से वर्षा के फ्लैट में रास्ता जाता था। इसके बाद वर्षा का ड्राइवर उसी रास्ते से वर्षा के फ्लैट में जाने की कोशिश करता है। दरवाजा नहीं खुलता है तो दरवाजे को तोड़ा जाता है और जैसे ही अंदर जाते हैं सभी लोग तो देखते हैं कि पूरे फ्लोर पर ही l है और वर्षा की बॉडी में लथपथ है। उनके पास में एक भी रखी थी। पुलिस को इन्फॉर्म किया जाता है। पुलिस तुरंत आती है। वर्षा की बॉडी को जस्ट लुक हॉस्पिटल पहुंचाया जाता है के लिए। खुलासा होता है कि वर्षा ने सुसाइड किया है। खुद ही को मार दी है। घर में दो ही थी।

एक तो वर्षा के मामाजी हृदयनाथ मंगेशकर के पास और दूसरी आनंद जो वर्षा के भाई है उनके पास। कमरे में टेबल पर कुछ खाना रखा हुआ था जो आधा ही खाया हुआ था। वर्षा ने पिछली रात चाइनीस रेस्टोरेंट से खाना आर्डर किया था और वह खाना भी उन्होंने पूरा नहीं खाया। बताया जाता है कि रात में ही वर्षा ने खुद को खत्म कर दिया था। वो तो सुबह मेड आई तब पता चला कि वर्षा ने आत्महत्या कर ली है। पुलिस मौका मुआयना करती है। जो कुछ सबूत पुलिस को चाहिए होता है वह सारी डिटेल्स वो लेती है। परिवार वालों के स्टेटमेंट्स लेती है और फोन रिकॉर्ड्स भी चेक किए जाते हैं कि वर्षा ने आखिर में किससे बात की थी। लेकिन परिवार को कहीं ना कहीं यह आईडिया था कि वर्षा डिप्रेशन में थी और उन्होंने कई बार अपने आप को खत्म करने की कोशिश की थी।

बस लता जी को इस बात की चिंता थी कि मेरी बहन आशा को जब यह बात पता चलेगी तो वह कैसे रिएक्ट करेगी। खैर तब तक ड्राइवर ने आशा जी को सिंगापुर में कॉल करके बता ही दिया था कि उनकी बेटी के साथ यह सब हो गया है। आशा जी तुरंत सब कुछ कैंसिल करके इंडिया पहुंची और उन्होंने अपने ही हाथों से अपनी बेटी वर्षा का अंतिम संस्कार किया।

यह एक पेरेंट के लिए बहुत ही ज्यादा टफ सिचुएशन है। जब अपने सामने वो अपने जवान बच्चों को से जूझते हुए देखते हैं और खुद को खत्म करते हुए देखते हैं। आशा भोसले जी कई इंटरव्यूज देती है। लेकिन वो अपनी बेटी की इस परिस्थिति के बारे में बात नहीं कर पाती है क्योंकि जब भी वह यह करने की कोशिश करती है, उनका गला भर आता है। यह उनकी जिंदगी का एक दुखद पल है जो वह कभी याद नहीं करना चाहती

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