इस लड़के ने सिर्फ 300 रुपये से कैसे बना डाले 600 करोड़ ?

क्या ₹300 से ₹600 करोड़ कमाना पॉसिबल है? सुनने में तो नामुमकिन सा लगता है। पर एक कहानी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है जहां दावा किया जा रहा है कि एक इंसान ने महज ₹300 की इन्वेस्टमेंट से ₹600 करोड़ तक का सफर तय कर लिया और इसमें एआई का भी बड़ा रोल है। तो चलिए आज पड़ताल करते हैं इस वायरल दावे की क्या उत्कर्ष प्रताप सिंह और आप देख रहे हैं टीवी 9 भारतवर्ष। इस इंसान का नाम है आर्य सन इस्माइल।

सोशल मीडिया पर आर्य सन की स्टोरी आग की तरह फैल चुकी है। लोग शेयर कर रहे हैं कि मलेशिया के आर्यन इस्माइल जो 1993 में 10 साल के थे उन्होंने अपने मां के क्रेडिट कार्ड से महज $100 यानी कि तब के करीब $300 में ai.com डोमेन खरीदा। फिर 30 साल बाद अप्रैल 2025 में उसने यह डोमेन के सीईओ क्रिस मार्जले को 70 मिलियन यानी कि करीब ₹630 करोड़ों में बेच दिया और वो भी क्रिप्टो करेंसी में। सुनने में तो यह किसी फिल्म की स्क्रिप्ट सी लगती है। बच्चा जीनियस एआई का भविष्य देख लिया और आज करोड़पति बन गया।

लेकिन क्या यह सच है? चलिए जरा गहराई में उतरते हैं। सबसे पहले जरा डील की सच्चाई देखते हैं। हां, डील तो हुई है। अप्रैल 2025 में आरs इस्माइल ने ai.com डोमेन को क्रिस marzle को 70 मिलियन में बेचदिया। यह डील क्रिप्टो में हुई और यह अब तक की सबसे महंगी डोमेन सेल में से एक है। ने इसे सुपर बाउल एलेक्स के दौरान ल्च किया। जहां यह एक एजेंटिक प्लेटफार्म बना। यानी कि एक ऐसा एआई एजेंट जो मैसेज भेजें, स्टॉक ट्रेड करे और एप्स में काम कर सके।

अब आते हैं जरा वायरल क्लेम की पड़ताल पर। लोग कह रहे हैं कि आरएसएन ने 1993 में वर्ल्ड वाइड वेब के पब्लिक होने के ठीक कुछ दिनों बाद 4 मई को यह डोमेन रजिस्टर किया। लेकिन रुकिए कुछ लोग इस पर सवाल भी उठा रहे हैं कि उस वक्त मलेशिया में ऑनलाइन क्रेडिट कार्ड ट्रांजैक्शन बहुत लिमिटेड थे। मलेशिया में इंटरनेट और भी पिछड़ा हुआ था। वहां ब्रॉडबैंड जैसी चीजें बहुत बाद में आई। एक 10 साल का बच्चा मां की क्रेडिट कार्ड से डोमेन कैसे खरीदता?

यह क्लेम्स थोड़े डाउटफुल लगते हैं। असल में ai.com को 1993 में रजिस्टर तो किया गया था। यह बात सच है। तो, ₹300 से ₹630 करोड़ का सफर उस पर थोड़े सवाल खड़े होते हैं। लेकिन हां, 70 मिलियन में डोमेन बेचा गया। यह बात एकदम सच है। बस संदेह के दौर में यह बात आती है कि डोमेनखरीदा कितने में गया।

सोशल मीडिया पर यह क्लेम्स वायरल हो गए क्योंकि यह इंस्पायरिंग लगते हैं। जैसे कोई आम इंसान रातोंरात अमीर बन गया। लेकिन आर्य सन की स्टोरी भी कम इंटरेस्टिंग नहीं है। वो मलेशिया के टेक इकोसिस्टम में सालों से एक्टिव हैं। लेकिन लो प्रोफाइल रखते हैं। उनकी जर्नी शुरू होती है सोशल नेटवर्किंग वेंचर्स से। 2005 से 2006 में नुफना [संगीत] में सीनियर प्रोग्रामर रहे। फिर 2006 से 2008 में पैकेट वन नेटवर्क्स में सॉफ्टवेयर इंजीनियर बने।

फिर 2008 से 2010 में फ्रेंडस्टर में सीनियर वेब डेवलपर और 2010 से 2012 में वाईटीएल कम्युनिकेशंस में ऐप डेवलपर। इसके बाद उन्होंने 1337 नाम का एक टेक स्टार्टअप फाउंड किया। वो और डिजिटल एसेट्स के अर्ली अडॉप्टर भी हैं। जनवरी 2025 से वह इंडिपेंडेंटली ओपन एआई के साथ काम कर रहे हैं। वो कंपनी जो चैट जीपीटी बना चुकी है। 2023 में कुछ स्लूट्स ने उनके क्लाउड्स प्लेयर्स नेम सर्वर से गेस किया था कि का डोमेन नेम उनके पास है।

Leave a Comment