हाल ही में ऑस्कर विनिंग म्यूजिक कंपोजर एआर रहमान ने बीबीसी को इंटरव्यू दिया। इस इंटरव्यू में ए आर रहमान ने कुछ ऐसे जवाब दिए हैं जिनकी वजह से अब यह सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो गया है। इसमें आर रहमान ने इंडस्ट्री में काम मिलने को लेकर बातें बताई। पावर शिफ्ट को लेकर चीजें कही। उनकी बीती फिल्म छावा और आने वाली फिल्म रामायण पर भी बात की।
साथ ही इंडस्ट्री में कम्युनल यानी सांप्रदायिक भेदभाव को लेकर उन्होंने क्या कहा? इन सभी चीजों पर अब जोरदार चर्चा हो रही है। कुछ लोग उनके बयान पर सवाल उठा रहे हैं तो कुछ लोग कह रहे हैं कि ए आर रहमान ने सच कहकर बड़ी हिम्मत वाला काम किया है। बात यहां तक पहुंच गई कि फेमस राइटर और लिरिसिस्ट जावेद अख्तर ने इस पर रिएक्शन दिया। मशहूर सिंगर हरिहरण और शान भी सामने आए और अब एक्ट्रेस व सांसद कंगना रनौत ने भी प्रतिक्रिया दे दी है। क्या-क्या कहा जा रहा है यह समझने के लिए इंटरव्यू के उन हिस्सों पर नजर डालते हैं जिन्हें लेकर सुर्खियां बनी हुई है। यह इंटरव्यू 14 जनवरी 2026 को बीबीसी एशियन नेटवर्क ने पब्लिश किया। इसे बीबीसी रेडियो के जर्नलिस्ट हारून रशीद होस्ट कर रहे थे। हारून रशीद पाकिस्तानी मूल के पत्रकार हैं।
इंटरव्यू में उन्होंने कुछ ऐसे सवाल पूछे कि जवाबों ने खबरें बना दी। मसलन बीबीसी ने ए आर रहमान से पूछा आज भी मैं देख रहा हूं कि हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में काफी भेदभाव मौजूद है। खासकर उन लोगों के खिलाफ जो महाराष्ट्र से नहीं है जो वो भाषा नहीं बोलते। आज भी बॉलीवुड में तमिल कम्युनिटी के खिलाफ भी काफी भेदभाव है। इसलिए मैंने आपसे पूछा कि 90 के दशक में कैसा माहौल था? क्या आपने कभी यह सब फेस किया? इस सवाल पर ए आर रहमान बताते हैं कि उन्होंने ऐसा कुछ नहीं देखा। इसी में वो कुछ लाइंस हैं जिन पर चर्चा हो रही हैं। सिंगर कम म्यूजिक कंपोजर रहमान ने कहा शायद मैंने नहीं फेस किया। शायद मुझे यह सब पता ही नहीं चला। हो सकता है खुदा ने ये सारी बातें मुझ तक आने ही नहीं दी। मैंने खुद के लिए कभी ऐसा कुछ महसूस नहीं किया है। लेकिन पिछले आठ सालों में क्योंकि शायद इंडस्ट्री में पावर शिफ्ट हुआ है।
जो लोग क्रिएटिव नहीं है। अब वही लोग इंडस्ट्री में पावर में हैं। वही डिसाइड करते हैं। हो सकता है ये सांप्रदायिक चीज भी हो शायद। लेकिन मेरे मुंह पर कभी नहीं किया गया। हां, मैंने सुना जरूर जैसे कानाफूसी और अफवाहों वाली बातें होती हैं कि यह हुआ। उन्होंने आपको बुक कर लिया और दूसरी म्यूजिक कंपनी गई और उसने मूवी की फंडिंग कर दी और अपने पांच कंपोजर्स ले आए। तो मैंने कहा ओह ग्रेट। मुझे तो आराम मिल गया। मैं अपनी फैमिली के साथ चिल कर सकता हूं। ये जवाब सुनकर बीबीसी के इंटरव्यूअर हैरान रह गए। शायद उन्हें इस जवाब की उम्मीद नहीं थी। तो उन्होंने इसके बाद कहा मगर इस नजरिए के लिए तो बहुत पॉजिटिव सोच चाहिए। फिर ए आर रहमान काम तलाशने को लेकर जवाब देते हैं। यह भी वो एक टॉपिक है जो अभी सोशल मीडिया पर बहस का कारण बना हुआ है। ए आर रहमान ने कहा क्योंकि मैं काम की तलाश में नहीं रहता। मैं चाहता हूं कि काम मेरे पास आए। मैं चाहता हूं कि जो मैं कर रहा हूं, मेरी ईमानदारी, मेरा काम वही चीजें मुझे आगे काम दिलाएं। मैं काम की तलाश में नहीं जाता। मुझे लगता है जब मैं खुद काम ढूंढने जाता हूं उसका उल्टा असर हो जाता है। हर बार जब भी मैं तलाश करता हूं तो वो जिंक्स यानी अपशगुन की तरह बन जाता है। जो भी मैं डिर्व करता हूं वो मुझे खुदा से खुद मिल जाता है। हो सकता है आपने कई सोशल मीडिया पोस्ट पर ये देखा पढ़ा हो जहां ये दावा किया जा रहा है कि ए आर रहमान काम ढूंढने जा रहे हैं लेकिन उन्हें कोई काम नहीं दे रहा। तो उन दावों की असल सच्चाई ये है। असल में ए आर रहमान ने ये बातें कही थी। उन्होंने छावा, भेदभाव, मजहब और रामायण पर क्या कहा वो भी आपको आगे इसी वीडियो में बताएंगे। मगर फिलहाल पहले रिएक्शंस की बात करते हैं जो इस वीडियो पर आ रहे हैं। सबसे पहले राइटर और लिरिसिस्ट जावेद अख्तर का रिएक्शन। जावेद अख्तर ने न्यूज़ एजेंसी आईए एएस से कहा मुझे कभी ऐसा नहीं लगा। मैं यहां पर मुंबई में सभी लोगों से मिलता हूं। लोग उनका यानी ए आर रहमान का बहुत आदर करते हैं। हो सकता है लोग ये समझते हो कि अभी वो वेस्ट में ज्यादा बिजी हो गए हैं। यह समझते हो कि उनके बहुत बड़े-बड़े शोज़ होते हैं। उनमें ज्यादा टाइम चला जाता है तो शायद हमारे लिए उतने उपलब्ध ना हो। रहमान इतने बड़े आदमी हैं। एक छोटा-मोटा प्रोड्यूसर तो डरता भी है उनके पास जाने से।
लेकिन मुझे नहीं लगता कि इसमें कोई भी कम्युनल या सांप्रदायिक एलिमेंट है। इसी तरह सिंगर शान ने भी किसी तरह के कम्युनल या माइनॉरिटी वाले एंगल को नकारा। उन्होंने न्यूज़ एजेंसी आईएएस से कहा, “मैं भी सालों से सिंगिंग कर रहा हूं और मुझे भी ज्यादा काम नहीं मिल रहा है।” मिस्टर रहमान अपनी सिग्नेचर स्टाइल में काम करते रहे हैं। यह बहुत उम्दा बात है कि वो एक कंपोजर हैं और उनके फैन घट नहीं रहे हैं, बढ़ रहे हैं। उन्होंने आगे कहा, “मुझे तो नहीं लगता इसमें कोई सांप्रदायिक माइनॉरिटी एंगल है। यह म्यूजिक में नहीं होता। अगर ऐसा होता, तो माइनॉरिटी से आने वाले हमारे तीनों सुपरस्टार्स के 30 सालों में इतने फैंस बढ़ते नहीं। हालांकि सिंगर हरिहरण ने म्यूजिक इंडस्ट्री में पावर शिफ्ट को लेकर जरूर एक ग्रे एरिया बताया। एनडीटीवी की एक रिपोर्ट के मुताबिक हरिहरण ने कहा मौजूदा इकोसिस्टम ना तो ब्लैक है ना वाइट है।
उन्होंने कहा ये ग्रे एरिया है। हरिहरण कहते हैं मैं सच में ये चाहता हूं कि ज्यादा क्रिएटिव लोग या कम से कम ऐसे लोग जो असल में म्यूजिक में दिलचस्पी रखते हैं वो इंडस्ट्री के ये सारे फैसले लें। उन्होंने जोर दिया कि म्यूजिक के प्रति संवेदनशीलता कमर्शियल फायदों से ऊपर रखी जानी चाहिए। हरिहरण ने कहा आपको पहले क्रिएटिविटी के बारे में सोचना चाहिए बाद में पैसों के बारे में। जब आर्ट की बात आती है तब अगर आप सिर्फ पैसों के बारे में सोचते हैं तो पता नहीं फ्यूचर क्या होगा। जहां हरिहरण की बात काफी हद तक ए आर रहमान के दावों को सपोर्ट करती नजर आई। वहीं बीजेपी सांसद व एक्ट्रेस कंगना रनौत ने खुले तौर पर उन्हें निशाने पर ले लिया। 17 जनवरी को कंगना ने अपने ऑफिशियल Instagram हैंडल से स्टोरी पोस्ट की। इसमें उन्होंने म्यूजिक कंपोजर ए आर रहमान को संबोधित किया। कंगना रनौत ने कहा, डियर ए आर रहमान जी मैं फिल्म इंडस्ट्री में पूर्वाग्रह और भेदभाव का सामना करती हूं क्योंकि मैं एक भगवा पार्टी को सपोर्ट करती हूं। मगर मुझे यहां कहना होगा कि मैंने कभी भी आपसे ज्यादा पूर्वाग्रह और नफरत से भरे व्यक्ति को नहीं देखा। मैं आपको अपनी डायरेक्ट की फिल्म इमरजेंसी सुनाने के लिए बेताब थी। लेकिन सुनना तो छोड़िए। आपने मुझसे मिलने तक से इंकार कर दिया। मुझे बताया गया कि आप एक प्रोपगेंडा फिल्म का हिस्सा नहीं बनना चाहते। जबकि उस फिल्म ने काफी तारीफें बटोरी। मगर आप अपनी नफरत में अंधे हो चुके हैं। मुझे आपके लिए खेद है।
यहां कंगना रनौत ने ए आर रहमान के प्रोपोगेंडा फिल्म्स ना चुनने को लेकर कुछ बातें कही। यह बात भी उसी इंटरव्यू से आई है। सो अब इंटरव्यू के उस हिस्से पर चलते हैं जहां ए आर रहमान से फिल्मों के चुनाव को लेकर सवाल हुआ। पूछा हम एक ऐसी दुनिया में है जो पहले से कहीं ज्यादा डिवाइजिव हो चुकी है यानी बंट चुकी है। लोग आज उन चीजों से पहले से कहीं ज्यादा डरते हैं जो चीजें उन्हें समझ नहीं आती। इसके जवाब में यार रहमान ने कहा ये बिल्कुल सच है। जो चीज आप समझते नहीं है उससे आप डर जाते हैं। फिर उसके खिलाफ खड़े हो जाते हैं। जबकि मुझे लगता है कि हमारा पूरा पर्पस ही मिलजुलकर सोचने समझने की भावना रखने का है। कोई भी इंसान जिसने मजहब को सच में अमल में लाया है वो कभी भी बांटने वाली बातें नहीं करेगा। क्योंकि मेरे हिसाब से धर्म से आगे असली सच्चाई है। यह सब तो बस रास्ते के हिस्से हैं।
इस पर इंटरव्यूअर ने क्रॉस क्वेश्चन किया कि क्या अब आपको अपनी चॉइसेस को लेकर ज्यादा सचेत रहना पड़ता है? क्योंकि आज ये समझना काफी मुश्किल हो गया है कि किसी फिल्म की असल नियत क्या है? इसके जवाब में आर रहमान ने कहा यह सही है। ये बिल्कुल सही है। और कुछ मूवीज वाकई गलत नियत से बनाई जाती हैं। मैं ऐसी फिल्मों से बचने की कोशिश करता हूं। तो यहां उन्हें टोक कर छावा फिल्म का सवाल किया गया। हारून रशीद ने कहा कि वो फिल्म भी तो लोगों को बांटने का काम करती है। छावा की बात कर रहे हैं। तो ए आर रहमान ने हामी भरते हुए कहा कि जी वो यानी छावा डिवाइसिव है। मुझे लगता है कि उसने बांटने पर कमाई की है। लेकिन मुझे लगता है कि उसकी मूल भावना वीरता दिखाने की थी। मैं यह भी मानता हूं कि लोग इतने भी बेवकूफ नहीं है। आपको क्या लगता है? क्या लोग फिल्मों से प्रभावित हो जाते हैं? उनके अंदर एक अंतरात्मा होती है जो जानती है कि सच क्या है और बहकावा क्या है। छावा सबसे ज्यादा माना हुआ किरदार है। यह हर मराठा के खून में है। मुझे बहुत सम्मान महसूस होता है कि मैंने उस फिल्म का म्यूजिक दिया। मैं बस इतना कह रहा हूं मुझे लोगों का बहुत सम्मान है। लोग इतने मूर्ख नहीं होते कि झूठी जानकारी से प्रभावित हो जाए। इसलिए मुझे इंसानियत पर बेहद यकीन है। आप जिस भी खुदा या भगवान को मानते हो असली सच लेकिन दिल के अंदर ही है। इसी तरह रहमान की अगली फिल्म रामायण को लेकर भी सवाल आया। बीबीसी ने पूछा आप मुस्लिम है और रामायण एक धार्मिक ग्रंथ पर आधारित फिल्म है। तो क्या आपके दिमाग में कभी यह बात आती है कि शायद कुछ लोग नहीं चाहते आप इसमें शामिल हो।
इस बात से ए आर रहमान ने इंकार कर दिया। उन्होंने कहा नहीं मैं एक ब्राह्मण स्कूल में पढ़ा लिखा हूं। हर साल वहां रामायण, महाभारत हुआ करती थी। तो मुझे पूरी कहानी पता है। यह कहानी इस बारे में है कि कोई इंसान कितना चरित्रवान हो सकता है। कितने ऊंचे आदर्श हो सकते हैं। लोग बहस कर सकते हैं। लेकिन मैं हर चीज को वैल्यू करता हूं। रसूल अल्लाह ने भी कहा है अच्छी बातें जहां से मिले वहां से सीखो। मुझे लगता है हमें छोटी सोच और स्वार्थ से ऊपर उठना होगा। जब हम ऊपर उठते हैं तो हम चमकते हैं। यही बहुत जरूरी है। क्योंकि इंटरव्यू अंग्रेजी में था इसलिए हमने आपको इसका हिंदी में भावानुवाद बताया है। इंटरव्यू तकरीबन डेढ़ घंटे का था जिसमें विस्तार से बात की गई थी। हमने उसके कुछ ही हिस्से आप तक पहुंचाए हैं। उन हिस्सों को अलग-अलग पार्ट्स से मिलाकर जो सुर्खियों में बने हुए हैं जिन पर तरह-तरह के दावे किए जा रहे हैं। अब ए आर रहमान ने असल में क्या कहा था वो हमने आपको बता दिया है।
