पंचतत्व में विलीन हुए अर्जुन बिजलानी के ससुर,दामाद ने निभाया बेटे का फर्ज़।

आंखों में आंसू चेहरे पर खामोशी पंच तत्व में विलीन हुए अर्जुन बिजलानी के ससुर रोते बिलखते बेटे को लगाया गले अर्जुन ने निभाया बेटे का फर्ज ससुर की अर्थी को दिया कंधाएक्टर की पत्नी पर टूटा दुखों का पहाड़ पिता के पार्थिव शरीर को प्यार से रही निहारती नाना की निधन का नाती को लगा सदमामातम में बदली।

बिजलानी परिवार की खुशियां नए साल की शुरुआत जहां खुशियों जश्न और मुस्कुराहटोंके साथ हुई थी। वहीं अर्जुन बिजलानी के परिवार के लिए यह दिन कभी ना भूल पाने वाले गहरे शोक में बदल गया। साल 2026 की शुरुआत एक्टर और उनके पूरे परिवार के लिए मनहूस साबित हुई।

यह साल उनके लिए एक ऐसे जख्म के साथ शुरू हुआ जिसकी टीस शायद लंबे वक्त तक बनी रहेगी। जहां एक ओर अर्जुन अपनी बीवी और बेटे के साथ दुबई में नए साल का जश्न मनाने वाले थे। वहीं किसे पता था यह खुशियों का पल पलक झपकते ही मातम में बदलने वाला है। एक पल में सारी खुशियां पीछे छोड़कर भारत लौटने को मजबूर हो गए। किसी ने भी नहीं सोचा था कि साल की शुरुआत इस कदर दर्दनाक होगी जहां जश्न की जगह शोक और मुस्कान की जगह आंसू होंगे।

जी हां, 1 जनवरी को अर्जुन के ससुर का निधन हो गया। चेहरे पर गहरी खामोशी लिए एक्टर ने अपने ससुर को अंतिम विदाई दी। अर्जुन बिजलानी के ससुर के निधन की खबर ने पूरे परिवार को अंदर तक झकझोर कर रख दिया है। अंतिम संस्कार के दौरान का मंजर इतना भावुक और दिल दहला देने वाला था कि वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गई। आंखों में छलकते आंसुओं के बीच अर्जुन ने अपने ससुरकी अर्थी को कंधा दिया और बेटे का फर्ज निभाया।

रोते बिलखते परिवारको संभालते हुए उन्होंने हिम्मत दिखाने की कोशिश जरूर की। लेकिन चेहरे पर पसरा दर्दसाफ बता रहा था कि यह घाव कितना गहरा है। पत्नी नेहा पर तो मानो जैसे दुखों का पहाड़ टूट पड़ा हो। नेहा की आंखों में बेबसी, पिता को खोने का दर्द और आखिरी बार अलविदा ना कह पाने का गम भी साफ झलक रहा था। वो बार-बार अपने पिता को निहारती रही।

मानो यकीन ही नहीं कर पा रही हो कि उन्हेंआखिरी बार देख रही हैं। फैंस का दिल और ज्यादा तब टूट गया जब नन्हा नाती अपने नाना को खोने के सदमे से जूझता नजर आया। मासूम आंखों में सवाल और चेहरे पर डर देख वहां मौजूद हर शख्स की आंखें भर आई। अंतिम संस्कार के दौरान पूरे माहौल में सन्नाटा पसरा हुआ था।

सिर्फ सिसकियों और रोने की आवाजें ही सुनाई दे रही थी। इस मुश्किल दौर में टीवी के कई सितारे भी अर्जुन और उनके पूरे परिवार का सहारा बने। अंतिम संस्कार के दौरान निहाशर्मा और चेतना पांडे की आंखें भी नम हो गई।

इस गहरे दुख की घड़ी में फैंस भीसोशल मीडिया के जरिए अर्जुन और उनके परिवार के लिए दुआएं कर रहे हैं। यह साल की पहली तारीख उनके जीवन में हमेशा एक दर्दनाक यादबनकर दर्ज हो गई। एक ऐसी याद जो आंसुओं, खामोशी और टूटे दिल की कहानी बयां करती रहेगी।

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