न्यूयॉर्क में हुए हमले ने अमेरिका और दुनिया भर को हमेशा के लिए बदल कर रख दिया था। यह हुआ तो 2001 में था। मगर इसका असर अगले कई सालों तक रहा। इसका प्रभाव भारत पर भी पड़ रहा था क्योंकि इंडिया की कई नामी गिरामी हस्तियां मुसलमान हैं। उन्हें अमेरिकन एयरपोर्ट्स पर कड़ी जांच से गुजरना पड़ता था। इनमें सबसे अधिक चर्चा शाहरुख खान वाले मामले को मिली। जिन्हें 2009 से 2016 के बीच तीन बार अलग-अलग अमेरिकी एयरपोर्ट्स पर रोका या डिटेन किया गया।

2009 में पहली बार उन्हें अमेरिका के नेवार्क एयरपोर्ट पर डिटेन किया गया था। तब राजीव शुक्ला ने शाहरुख को मिनटों में उस मुसीबत से बाहर निकाला था। बात है 15 अगस्त 2009 की। शाहरुख खान शिकागो में भारत के इंडिपेंडेंस डे सेरेमनी में हिस्सा लेने जा रहे थे। वहां वो अपनी फिल्म माय नेम इज खान का प्रमोशन भी करने वाले थे जो कि 9:11 के बाद दुनिया भर में मुसलमानों की रेशियल प्रोफाइलिंग पर आधारित फिल्म थी। जब शाहरुख नेवाक एयरपोर्ट पर उतरे तो अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों ने उन्हें डिटेन कर लिया। उन्हें तकरीबन 2 घंटे तक एयरपोर्ट पर ही रोका गया और उनसे पूछताछ की गई।

शाहरुख ने सिक्योरिटी वालों को बताया कि वो एक फिल्म स्टार हैं। जांच एजेंसी में काम कर रहे कई अन्य लोगों ने भी इस बात की पुष्टि की। मगर फिर भी सिक्योरिटी ऑफिसर्स ने उन्हें एयरपोर्ट से बाहर नहीं जाने दिया। ऐसा इसलिए क्योंकि शाहरुख खान नाम के ही एक दूसरे व्यक्ति का नाम यूएस की नो फ्लाई लिस्ट पर था। शाहरुख इस बात से बुरी तरह चिढ़ गए। मजबूर होकर उन्होंने एक फोन कॉल किया। इस कॉल से इतनी अफरातफरी मची कि भारत सरकार और इंडियन एंबेसी को बीच बचाव करना पड़ गया था।

उनकी दखल के बाद ही शाहरुख एयरपोर्ट से बाहर निकल पाए। स्मिता प्रकाश के पडकास्ट पर राजीव शुक्ला ने इस घटना का जिक्र किया। इस इसी दौरान यह जानकारी सामने आई कि शाहरुख ने एयरपोर्ट से किसी और को नहीं बल्कि राजीव शुक्ला को ही कॉल किया था। राजीव इंध दिनों कांग्रेस की तरफ से राज्यसभा सांसद हैं।
साथ ही वह BCCI के वाइस प्रेसिडेंट भी हैं। वो लंबे समय से देश के अलग-अलग महकमों में बड़ी जिम्मेदारियां संभालते रहे हैं। इस दौरान उन्होंने सिनेमा खेल देश विदेश की राजनीति में खूब कांटेक्ट बनाए हैं। उनके यह कांटेक्ट ही 17 साल पहले शाहरुख के काम आए थे। राजीव शुक्ला इस मसले पर बात करते हुए कहते हैं शाहरुख ने फोन इसलिए किया था क्योंकि उस वक्त लोगों को रैंडमली नाम देखकर रोक लिया जाता था। वो किसी को भी रोक देते और उन्हें बिठाए रखते। 91 के बाद आप एयरपोर्ट पर सिक्योरिटी वालों से सवाल भी नहीं कर सकते थे। वो आगे कहते हैं उनके कानून इतने कड़े थे कि शाहरुख को भी समस्या हो रही थी। उस दिन जन्माष्टमी था। उनका फोन आया तो बताया कि ऐसे-ऐसे यह ये हुआ है। 2 घंटे से बिठाया हुआ है। मैं यह नहीं बताऊंगा कि मैंने किससे कांटेक्ट किया और क्या हुआ।
लेकिन 15 मिनट में शाहरुख का फोन आ गया कि उन्हें फ्री कर दिया गया था और साथ ही उनका सारा सामान भी आ गया है। शाहरुख ने सालों बाद पीटीआई से हुई बातचीत में इस विवाद पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा वो एक्सपीरियंस काफी अनकंफर्टेबल करने वाला है। किसी जगह पहुंचकर एयरपोर्ट पर दो-तीन घंटे तक बेवजह फंसे रहना अच्छा नहीं लगता। अगर भारत में सुरक्षा से जुड़ी कोई समस्या होती तो मैं सबसे पहले मैं ही ये कहता कि हमें अपनी सुरक्षा को और मजबूत करना चाहिए। लेकिन इसे दूसरे नजरिए से देखना होगा। मगर यह एकमात्र वाक्या नहीं है जब शाहरुख को अमेरिकन एयरपोर्ट्स पर रोका गया हो। उन्हें 2012 और 2016 में भी अमेरिका के अलग-अलग एयरपोर्ट्स पर डिटेन कर लिया गया था। 2016 की घटना के बाद उन्होंने ट्वीट करके कहा जैसी दुनिया है उसे देखते हुए मैं सुरक्षा की जरूरत को समझता और उसका सम्मान करता हूं। लेकिन हर बार अमेरिकन इमीग्रेशन पर रोक लिया जाना वाकई परेशान करने वाला है। बाद के दोनों केसों में भारत सरकार को दोबारा दखल देना पड़ा था।
दोनों ही बार अमेरिका राजदूतों और यूएस कस्टम को पब्लिकली शाहरुख से माफी भी मांगनी पड़ी थी। हालांकि शाहरुख ने येल यूनिवर्सिटी में अपनी स्पीच के दौरान उन वाक्यों पर चुटकी लेते हुए कहा, जब भी मैं एोगेंट होने लगता हूं, मैं अमेरिका की यात्रा पर निकल जाता हूं। यहां के इमीग्रेशन वाले मेरे स्टारडम में से स्टार बाहर निकाल देते हैं। शाहरुख के अलावा कई अन्य फिल्म कलाकारों और राजनेताओं को भी यूएस में डिटेन किया जा चुका है।
इसमें कबीर खान, आमिर खान, इरफान खान, जॉन अब्राहम, नील नितिन मुकेश, कमल हसन और ममूटी जैसे फिल्म स्टार शामिल हैं। राजनेताओं में देश के पूर्व रक्षा मंत्री जॉर्ज फर्नांडिस, पूर्व एिएशन मिनिस्टर प्रफुल पटेल, मौजूदा पेट्रोलियम मिनिस्टर हरदीप सिंह पूरी जैसे लोग इस इसका शिकार बने। और जब यह भी कम पड़ा तो अमेरिका ने 2011 में देश के तत्कालीन राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम को भी उनकी भी तलाशी ली थी।
