ईरान लड़ाई पर चीन की चेतावनी !अमेरिका पर दे दिया बड़ा बयान

मिडिल ईस्ट में हमले तेज हो गए हैं और इजराइल ने ईरान में तेल बरसाने शुरू कर दिए हैं। लेकिन अब इस बीच चाइना की बड़ी चेतावनी आई है।

डॉन्ड ट्रंप की बीजिंग यात्रा से ठीक पहले चीन ने एक ऐसा बयान दिया जिसने अमेरिका से लेकर ईरान तक बड़ी हलचल मचा दी। चाइना ने साफ कह दिया ईरान में रिजम चेंज की साजिशें बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव को लेकर चाइना ने अपना रुख साफ कर दिया है। चीन के विदेश मंत्री वोंग ई ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि वह सैन्य कारवाही के बजाय डिप्लोमेसी यानी कूटनीति का रास्ता चुने।

चीन का कहना है मिडिल ईस्ट के मुद्दों को सुलझाने का तरीका ताकत नहीं बल्कि सही संवाद होना चाहिए। वांग ये ने जोर देकर कहा कि ईरान और खाड़ी देशों की संप्रभुता और सुरक्षा का हर हाल में सम्मान होना चाहिए। चीन ने उन ताकतों को कड़ी चेतावनी दी है जो ईरान की सरकार को उखाड़ फेंकने का सपना देख रही हैं।

विदेश मंत्री ने कहा क्रांति की साजिश रचना या शासन परिवर्तन की कोशिशों को कोई जनसमर्थन नहीं मिलता। जंगल का कानून अब नहीं चलेगा। कठोरता का मतलब तर्क नहीं होता और बल प्रयोग से अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था सिर्फ कमजोर होती है। आपको बता दें चीन ने भी साफ कर दिया है कि वो ईरानी सरकार को अस्थिर करने की किसी भी कोशिश का कड़ा विरोध करता है। यह बयान तब आया है जब अमेरिका के राष्ट्रपति डॉन्ड ट्रंप की चीन यात्रा प्रस्तावित है और इस पर टिप्पणी करते हुए वोंग ई ने कहा कि चीन का रवैया हमेशा सकारात्मक रहा है।

उन्होंने चेतावनी भी दी कि अगर चाइना और अमेरिका के बीच संवाद नहीं हुआ तो सिर्फ गलतफहमियां और संघर्ष बढ़ेंगे। उन्होंने इस साल को चीन अमेरिका संबंधों के लिए एक निर्णायक साल बताया और अमेरिका को सलाह दी कि वो बाधाओं को दूर कर चीन के साथ एक ही दिशा में काम करें। पड़ोसी देशों के साथ रिश्तों पर चीन ने भरोसा दिलाया है कि वह क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए एक एंकर यानी स्थिरता लाने वाले देश की तरह काम करेगा। बीजिंग की प्रेस वार्ता में यह साफ कर दिया गया कि सैन्य शक्ति किसी संकट का समाधान नहीं बल्कि यह तनाव को और भड़काती है। अब सवाल यह है कि क्या अमेरिका चीन के इस नसीहत को मानने वाला है? क्या ट्रंप की बीजिंग यात्रा से मिडिल ईस्ट में शांति का कोई रास्ता निकलेगा या तनाव और बढ़ जाएगा। तो जिस तरीके से अभी मिडिल ईस्ट में हमले तेज हुए हैं। ऐसे में इजराइल ने ईरान में तेल भंडार पर बम बरसाने भी शुरू किए।

लेकिन अब इस बीच चीन ने भी एक बड़ी चेतावनी दी है कि डॉन्ड ट्रंप की बीजिंग यात्रा से ठीक पहले चीन ने एक ऐसा बयान दिया है जिसने यूएस से लेकर ईरान तक खलबली मचा दी है। चीन ने साफ कह दिया है ईरान में रीजन चेंज की साजिशें बर्दाश्त नहीं होंगी। अब आपको बता दें ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव को लेकर चाइना ने अपना रुख साफ कर दिया है।

चीन के विदेश मंत्री वोंग ये ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से गुजारिश की है कि वह सैनिक कारवाई के बजाय डिप्लोमेसी यानी फिर कूटनीति का रास्ता चुने। चीन का साफ कहना है और चीन ने उन ताकतों को कड़ी चेतावनी दी है जो ईरान की सरकार को उखाड़ फेंकने का सपना देख रही हैं। चीन ने साफ कर दिया है कि वह ईरान की सरकार को अस्थिर करने की किसी भी कोशिश का कड़ा विरोध करता है और यह बयान उस वक्त आया जब अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की चीन यात्रा प्रस्तावित है और इस पर टिप्पणी करते हुए अब वांगई ने कहा है कि चीन का रवैया हमेशा सकारात्मक रहा है।

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