कपिल शर्मा छोड़ने के बाद क्यों इंडस्ट्री से गायब हो गए अली असगर?

तब से वो हुआ है। उसके बाद देयर हैज़ बीन नो कम्युनिकेशन एंड ऑल। दे हैव मूव्ड ऑन, आई हैव मूव्ड ऑन। क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि जिस इंसान को पूरा देश शगुन की पप्पी देने वाली चुलबुली दादी के रूप में जानता था, वो असल जिंदगी में अपने ही बच्चों के सामने नजरें मिलाने से कतराने लगा था। वो अली असगर जिसने सालों तक औरतों के कपड़े पहनकर करोड़ों लोगों का मनोरंजन किया। आखिर क्यों रातोंरात इंडस्ट्री के सबसे बड़े कॉमेडी शो से गायब हो गया? क्या कपिल शर्मा और सुनील ग्रोवर की वो मशहूर फ्लाइट वाली लड़ाई ही अली के शो छोड़ने की वजह थी? या फिर इसके पीछे एक मजबूर पिता का वो दर्द था, जो उन्हें अंदर ही अंदर खाए जा रहा था।

आज जब कपिल की वही पुरानी टीम सुनील ग्रोवर से लेकर कृष्णा अभिषेक तक द ग्रेट इंडियन कपिल शो के साथ Netflix पर वापसी कर चुकी है। तो आखिर अली असगर उस फ्रेम से गायब क्यों है? एक ऐसा अभिनेता जिसने सीरियस रोल्स से करियर शुरू किया जो होटल मैनेजमेंट का गोल्ड मेडलिस्ट था। वो कैसे सालों तक औरतों के कपड़े पहनकर नेशनल टेलीविजन पर नाचने को मजबूर हो गया। चलिए अली असगर की जिंदगी के उन अनसुने पन्नों को पलटते हैं जो अब तक कैमरों की नजर से ओझल थे।

7 दिसंबर 1970 को जन्मे अली असगर की कहानी शुरू होती है मुंबई की तंग गलियों और उस पारंपरिक मिडिल क्लास माहौल से जहां एक्टिंग को करियर नहीं बल्कि आवारागर्दी माना जाता था। उनके पिता चाहते थे कि बेटा कोई वाइट कॉलर जॉब करे। लेकिन अली के अंदर का कलाकार जो स्कूल के नाटकों में तालियां बटोरता था वो चुप कैसे बैठता? अली ने अपनी पढ़ाई इंस्टट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट मुंबई से होटल मैनेजमेंट और कैटरिंग में ऑनर्स के साथ बैचलर्स डिग्री हासिल की। वो कुकिंग में इतने माहिर थे कि उन्हें किचन का जादूगर कहा जाता था। उनकी मेहनत का फल उन्हें तब मिला जब यूएसए के एक नामी होटल से उन्हें 10 साल के कॉन्ट्रैक्ट का ऑफर मिला। सोचिए 80 के दशक में अमेरिका जाकर डॉलर कमाना किसी सपने से कम नहीं था। लेकिन उनके माता-पिता अपने बेटे को खुद से दूर नहीं करना चाहते थे। अली ने एक पल में उस करोड़ों के ऑफर को ठुकरा दिया। यहीं से साबित हो गया था कि अली के लिए परिवार से बढ़कर कुछ नहीं है और यही इमोशन आगे चलकर उनके शो छोड़ने की सबसे बड़ी वजह बना।

अब अली मुंबई में ही थे। लेकिन होटल इंडस्ट्री की वो फॉर्मल जिंदगी उन्हें अंदर ही अंदर घुटने पर मजबूर कर रही थी और उनके अंदर का कलाकार फिर से अंगड़ाइयां लेने लगा था। इसके बाद बिना किसी गॉडफादर बिना किसी पीआर टीम के अली ने थिएटर और टेलीविजन की माया नगरी में कदम रखने का रिस्क उठाया। स्ट्रगल के दिन बिल्कुल आसान नहीं थे। 80 के दशक में मुंबई की चिलचिलाती धूप में स्टूडियोज के चक्कर काटना, रिजेक्शंस का सामना करना, अली ने यह सब झेला। लेकिन अली कहां हार मानने वाले थे? लंबी जद्दोजहद के बाद आखिरकार 1987 में दूरदर्शन के शो दो, 34 में उन्हें जॉनी के एक छोटे से रोल के साथ अपना पहला टेलीविज़ ब्रेक मिला। इसके बाद चुनौती दो और दो पांच और इतिहास जैसे सीरियल्स में उन्हें छोटे-मोटे रोल मिले। लेकिन असली पहचान मिली साल 2000 में एकता कपूर के शो कहानी घर-घर की से। कमल अग्रवाल का किरदार एक आदर्श देवर, एक आदर्श बेटा और एक बेहद भावुक इंसान का था। अली ने इस किरदार में इतनी जान फूंकी कि घर-घर में महिलाएं उन्हें अपना बेटा और भाई मानने लगी।

8 साल तक चले इस शो ने उन्हें बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर के कई अवार्ड्स दिलाए। अली ने साबित कर दिया था कि वे एक दमदार अभिनेता हैं। जब कहानी घर-घर की खत्म हुआ तो अली नहीं चाहते थे कि वे सिर्फ सीरियस रोल्स में बंध कर रह जाएं। उन्होंने कॉमेडी की तरफ रुख किया। कॉमेडी सर्कस में उनकी कॉमिक टाइमिंग ने जजों को हैरान कर दिया। यहीं से एक अजीबोगरीब सिलसिला शुरू हुआ। कॉमेडी सर्कस के दौरान मेकर्स ने नोटिस किया कि अली जब औरतों के गेटअप में आते हैं तो टीआरपी आसमान छूती है। इसी वजह से एक सीजन के 26 एपिसोड्स में से करीब 18 से 19 एपिसोड्स में मेकर्स ने उन्हें सिर्फ औरतों के कपड़े पहनाकर स्टेज पर उतारा। एक तरफ जहां दर्शक उनकी इन हरकतों पर हंस-हंस कर पागल हो रहे थे। वहीं दूसरी तरफ असल जिंदगी का यह बेहतरीन एक्टर अपने ही बनाए हुए एक मीठे जाल में बुरी तरह फंसता जा रहा था। दोस्तों अब आता है अली असगर की जिंदगी का वो सुनहरा दौर जिसने इंडियन टेलीविजन पर टहलका मचा दिया। एक ऐसा ब्लॉकबस्टर शो जिसने कॉमेडी की पूरी परिभाषा ही बदल कर रख दी। साल 2013 में जब कॉमेडी नाइट्स विद कपिल शुरू हुआ तो अली को दादी का रोल ऑफर हुआ। लेकिन शुरुआत में अली ने दादी का रोल करने से मना कर दिया था। उन्होंने कपिल से कहा था भाई अब और औरत नहीं बन सकता। उन्हें डर था कि कहीं वो सिर्फ औरतों के कपड़े पहनने वाले जोकर बनकर ना रह जाए। लेकिन कपिल के भरोसे और स्क्रिप्ट की डिमांड ने उन्हें मजबूर कर दिया। लेकिन डॉली दादी का वो किरदार ऐसा हिट हुआ कि लोग अली असगर का असली नाम ही भूल गए। यह दादी कोई साधारण दादी नहीं थी। वह नाचती थी, वह शराब पीती थी और वह हर गेस्ट को जबरदस्ती की पप्पी देती थी। देखते ही देखते दादी एक नेशनल ब्रांड बन गई। रणबीर कपूर से लेकर शाहरुख खान तक हर कोई दादी का दीवाना था। अली ने इस किरदार के लिए अपनी मौसी के चलने के अंदाज और अपने पिता के कुछ खास मजाकिया लहजे को कॉपी किया था। कपिल, सुनील ग्रोवर, कीकू शारदा और सुमोना के साथ अली की बॉन्डिंग एक परिवार जैसी हो गई थी। अली तो कपिल को अपना गुरु तक मानते थे। जिनसे उन्होंने कॉमेडी की टाइमिंग सीखी।

दुबई और लंदन के शोज़ में लोग दादी-दादी चिल्लाकर बेकाबू हो जाते थे। दौलत, शोहरत सब कुछ उनके कदमों में था। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि एक 50 साल के इंसान के लिए हर रोज घंटों तक विग पहनना, भारी मेकअप करना और खुद का मजाक उड़वाना कितना दर्दनाक होता होगा? अब आते हैं मार्च 2017 के उस फ्लाइट विवाद पर जिसने सब कुछ बदल कर रख दिया। ऑस्ट्रेलिया टूर से लौटते वक्त कपिल शर्मा और सुनील ग्रोवर के बीच जो हुआ उसने पूरी टीम को बिखेर कर रख दिया। बताया जाता है कि शराब के नशे में कपिल शर्मा ने अपनी ही टीम के सबसे अहम सदस्य सुनील ग्रोवर के साथ गाली गलौज और मारपीट कर दी। इस घटना ने पूरी इंडस्ट्री को हिला कर रख दिया। सुनील ग्रोवर ने अपने आत्मसम्मान के लिए तुरंत शो छोड़ दिया। लेकिन दर्शकों को सबसे बड़ा झटका तब लगा जब उनके साथ चंदन प्रभाकर और हमारी प्यारी दादी यानी अली असगर ने भी रातोंरात शो से किनारा कर लिया।

मीडिया ने दिखाया कि अली ने सुनील का साथ दिया। लेकिन सच इससे कहीं ज्यादा गहरा था। अली असगर ने सालों बाद खुलासा किया कि कपिल और उनके बीच कोई पर्सनल दुश्मनी नहीं थी। असली वजह थी क्रिएटिव डिफरेंसेस। वो हर हफ्ते वही की एक्टिंग और वही पप्पी देने के अंदाज से थक गए थे। अली को लगने लगा था कि दादी का किरदार अब बोरिंग हो गया है। वो कुछ नया करना चाहते थे। लेकिन मेकर्स उन्हें उसी साड़ी और विग में कैद रखना चाहते थे। अली की जिंदगी का सबसे दुखद मोड़ तब आया जब उनके काम का असर उनके बच्चों, नियान और अदा पर पड़ने लगा। स्कूल में बच्चे नियान को चिढ़ाते थे। तेरे पापा तो लड़की बनते हैं।

इसकी तो दो माएं हैं। एक दिन अली के बेटे ने उनसे सीधा सवाल किया। डैड, क्या आपको कुछ और आता नहीं है? आप हमेशा यही सब क्यों करते हो? यह सुनकर अली के पैरों तले जमीन खिसक गई। जिस काम के लिए उन्हें अवार्ड्स मिल रहे थे, वही काम उनके बच्चों के लिए शर्मिंदगीगी बन गया था। उसी दिन अली ने फैसला किया कि अब वह कभी भी फीमेल गेट अप नहीं करेंगे। उन्होंने अपनी खुशियों और लाखों की सैलरी से ऊपर अपने बच्चों के आत्मसम्मान को रखा। आज जब द ग्रेट इंडियन कपिल शो में सुनील ग्रोवर, कृष्णा अभिषेक और कीकू शारदा Netflix पर कपिल के साथ वापस लौटे हैं तो फैंस के मन में यही सवाल होता है कि शो में अली असगर क्यों नहीं है? इसका जवाब सीधा है। आत्मसम्मान और नई पहचान की तलाश।

अली अब उस सुनहरे पिंजरे में वापस नहीं जाना चाहते जहां उन्हें फिर से उसी दादी के गेटअप में कैद कर दिया जाए। वो अब वेब सीरीज, फिल्मों और ऐसे किरदारों पर ध्यान दे रहे हैं, जहां उन्हें अली असगर के रूप में देखा जाए, ना कि किसी फीमेल गेटअप में। 2022 में झलक दिखला जा के मंच पर जब उनके बच्चों ने वीडियो मैसेज में कहा कि उन्हें अपने पापा पर गर्व है तब अली को एहसास हुआ कि उनकी सालों की तपस्या सफल हो गई।

अली असगर की कहानी हमें सिखाती है कि ग्लैमर की चमक के पीछे अक्सर बहुत सी कुर्बानियां छिपी होती हैं। उन्होंने अपनी मर्दानगी के अहंकार को साइड में रखकर सालों तक एक महिला का किरदार निभाया ताकि हमारा मनोरंजन हो सके। लेकिन जब बात उनके बच्चों के भविष्य और उनके आत्मसम्मान की आई तो उन्होंने करोड़ों की शोहरत को लात मारने में एक सेकंड भी नहीं लगाया। आज अली असगर भले ही दादी बनकर स्क्रीन पर ना आए लेकिन एक पिता के रूप में वह जीत चुके हैं।

Leave a Comment