अक्षय खन्ना की मां गीतांजलि को विनोद खन्ना से मिला था धोखा, बच्चों को पालने के लिये झेले दुख !

आसान नहीं था अक्षय खन्ना का बचपन। 5 साल की उम्र में झेली पापा विनोद खन्ना से जुदाई। जवान बीवी और दो मासूम बेटों को अकेला छोड़ ओशो आश्रम चले गए थे विनोद खन्ना। तो गीतांजलि को हर पल सताती थी बेटे राहुल और अक्षय की परवरिश की चिंता।

पिता के होते हुए भी अक्षय ने झेला टूटे परिवार का । पापा की गैर मौजूदगी को लेकर अक्षय से पूछे जाते थे सवाल। तंग आकर गीतांजलि ने दिया था विनोद खन्ना को तलाक। धुरंधर के असली धुरंधर साबित हुए हैं अक्षय खन्ना। 50 साल की उम्र में अक्षय ने वह किया है जो वह अब तक नहीं कर पाए थे। या यूं कहें कि 2025 अक्षय खन्ना का साल साबित हुआ है। पहले छावा में औरंगजेब और फिर धुरंधर में रहमान डकैत का किरदार निभाकर अक्षय ने हर किसी को अपनी जबरदस्त अदाकारी का मुरीद कर लिया है। जहां एक तरफ धुरंधर के लिए अक्षय की खूब तारीफें की जा रही हैं।

वहीं दूसरी तरफ उनकी निजी जिंदगी भी खंगाली जा रही है। 50 की उम्र में भी कुंवारे अक्षय की नेटवर्थ प्रॉपर्टी से लेकर उनके पिता विनोद खन्ना के सन्यास के फैसले और फिर तबाह हुई मां गीतांजलि की दुख भरी जिंदगी तक को लेकर बातें की जा रही हैं। यह तो सभी जानते हैं कि अपने करियर की पीक पर विनोद खन्ना ने अचानक फिल्म इंडस्ट्री छोड़ ओशो आश्रम जाने का फैसला ले लिया था। भारत में अपना बना बनाया करियर, बीवी और दो बच्चों से भरा पूरा खुशहाल परिवार छोड़ विनोद खन्ना अमेरिका में ओशो की शरण में जा पहुंचे थे और एक सन्यासी की जिंदगी बिताने लगे थे।

हालांकि विनोद के इस फैसले का सबसे ज्यादा बुरा असर पड़ा था उनकी बीवी गीतांजलि की जिंदगी पर। जिन पर अचानक ही दो छोटे बच्चों की परवरिश अकेले करने की जिम्मेदारी आ पड़ी थी और फिर तंग आकर गीतांजलि ने विनोद को तलाक देने का मुश्किल फैसला लिया था। एक परीथा जैसी खूबसूरत प्रेम कहानी का अंत बेहद दर्दनाक रहा था। बता दें कि विनोद खन्ना की पहली बीवी और अक्षय और राहुल की मां गीतांजलि तलयार खान मुंबई के एक जाने-माने पारसी परिवार से ताल्लुक रखती थी। वकील और बिजनेसमैन फैमिली में पली भड़ी गीतांजलि पेशे से मॉडल भी रही थी। गीतांजलि से विनोद की मुलाकात कॉलेज के दिनों में हुई थी। कहते हैं कि गीतांजलि को देखते ही विनोद उनकी खूबसूरती पर दिल हार बैठे थे। जल्द ही दोनों की दोस्ती डेटिंग तक जा पहुंची।

हालांकि तब तक विनोद ने फिल्म इंडस्ट्री में अपनी पहचान नहीं बनाई थी। लेकिन धीरे-धीरे विनोद का करियर उड़ान भरने लगा। फिल्म इंडस्ट्री में उन्हें पहचान मिलने लगी। जिसके बाद दोनों ने 1971 में शादी करने का फैसला लिया। विनोद के लिए गीतांजलि ने अपने मॉडलिंग करियर को भी ठोकर मार दी। शादी के कुछ ही साल बाद विनोद और गीतांजलि के घर में बेटे राहुल और फिर अक्षय का जन्म हुआ। दो बेटे और सुपरस्टार पति विनोद का साथ। गीतांजलि की जिंदगी बेहद खुशहाल बीत रही थी।

लेकिन तभी इनकी जिंदगी में विनोद खन्ना का एक फैसला तूफान ले आया। 1982 में विनोद खन्ना ने सन्यास लेकर बॉलीवुड छोड़ दिया और ओशो के आश्रम में चले गए। इस फैसले ने गीतांजलि की शादीशुदा जिंदगी को तबाह कर दिया। कहा जाता है कि शुरुआत में विनोद फोन के जरिए गीतांजलि और दोनों बच्चों के संपर्क में रहा करते थे। लेकिन धीरे-धीरे उन्होंने परिवार से राब्ता करना छोड़ दिया। पति के होते हुए भी गीतांजलि को अकेली मां के तौर पर अपने बच्चों को पालने में मुश्किलें होने लगी।

यही नहीं, अक्षय और राहुल से अक्सर उनके पिता की गैर मौजूदगी के बारे में तीखे सवाल किए जाते थे। बताया जाता है कि 3 साल तक गीतांजलि अकेली ही सब कुछ संभालने की कोशिश करती रही। लेकिन बाद में गीतांजलि ने विनोद खन्ना को अल्टीमेटम दे दिया था कि वह अपने परिवार और अपने आध्यात्मिक मार्ग में से किसी एक को चुने। जब विनोद की तरफ से कोई जवाब नहीं आया तो गीतांजलि ने उन्हें तलाक देने का फैसला कर लिया।

साल 1985 में गीतांजलि ने विनोद खन्ना को कानूनी रूप से तलाक दे दिया। वहीं साल 1987 में विनोद खन्ना भारत लौट आए। लेकिन तब तक गीतांजलि के साथ उनका रिश्ता नहीं बचा था। बाद में विनोद खन्ना ने कविता नाम की महिला से दूसरी शादी की। लेकिन गीतांजलि ने अपनी जिंदगी बच्चों के नाम कर दी।

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