अजीत पवार प्लेन हादसे में एक चौंकाने वाला सीसीटीवी फुटेज सामने आया है। यह सीसीटीवी फुटेज बरामती एयरपोर्ट का है जो पहली बार सामने आया है। सुबह के 8:45 एक आम सी सुबह और अचानक आसमान में एक धुआं उठता हुआ दिखाई देता है।
आग का गोला फैलता है और एक बड़े नेता की जिंदगी की आखिरी घड़ी कैमरे की निगाह में कैद हो जाती है। आज हम आपको दिखाएंगे वह सीसीटीवी फुटेज जिसे पहली बार सार्वजनिक किया गया है और वही फुटेज जिसने इस हादसे की कहानी को एक नई दिशा दे दी है। 28 जनवरी 2026 की सुबह महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजीत पवारजो अपने गृह क्षेत्र बारामती विधानसभा क्षेत्र में चुनावी सभाओं में शामिल होने जा रहे थे। उनका विमान बारामती एयरपोर्ट के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया। सीसीटीवी फुटेज में दिखता है कि विमान लैंडिंग के प्रयास के दौरान अनियंत्रित होकर नीचे गिरता है और तुरंत ही बड़ी आग, भयंकर धुआं उठने लगता है। सड़क के पास ही यह दुर्घटना हुई और विमान टुकड़ों में बट गया। वहां बिखरी फाइलें, कागज और विमान के घिरते धुएं का दृश्य पहले से भी अधिक डरावना था। सरकारी रिपोर्टों के अनुसार इस लियर जेट 45 विमान को जब बारामती एयरपोर्ट पर उतरनाथा
उस समय गंभीर धुंध और विजिबिलिटी समस्याएं थी जो लैंडिंग को बेहद चुनौतीपूर्ण बना रही थी। पहले भी कहा गया कि जब विमान मुंबई से चला तब उसे लैंडिंग के लिए दूसरी लहर में दौड़ना पड़ा और यही वह समय था जब नियंत्रण खो गया और दुर्घटना हो गई। इस हादसे ने सामान्य एक्सीडेंट से कहीं आगे जाकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अजीत पवार के भतीजे रोहित पवार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कई बड़े आरोप लगाए हैं। जिनमें शामिल है पायलट की आखिरी आवाज और उसकी घबराहट।
विमान का ट्रांसफॉर्डर अचानक बंद हो जाना। तकनीकी रिकॉर्ड्स, एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस, टेक्निकल लॉग औरसर्टिफिकेशन पर गंभीर संदेह। साथ ही विजिबिलिटी क्लीयरेंस और लैंडिंग निर्णय पर भी उन्होंने सवाल उठाए। अभी देखो पीआईबी ने जो रिपोर्ट किया था डीजीसीए ने जो बताया उसके हिसाब से रिपोर्ट किया था टाइम किया था 8:18 पे ये जो प्लेन है बारामती एटीसी के कांटेक्ट में आया था।
लेकिन एटीसी का ट्रांसक्रिप्ट अगर देखो वहां पे हमारे स्टैंप ट्रांसक्रिप्ट हमारे पास है टाइमिंग है 8 19 लोग बोलेंगे 1 मिनट का क्या फर्क पड़ता है ये इतना फास्ट एयरक्राफ्ट है 1 मिनट में 15 किमी ट्रैवल करता है 1 मिनट का 1 सेकंड का भी इंपैक्ट होता है स्टॉल होने के बाद 9 सेकंड मेंप्लेन वहां पे क्रैश हुआ था। 9 सेकंड में यह चीजें हो सकती है। इसलिए 1 मिनट का फर्क यह जो पीआईबी को डीजीसीए ने इन जो दी उसमें और जो ट्रांसक्रिट हमारे पास है उसमें फर्क क्यों है? ऐसे हम सबका कहना है। आगे रोहित पवार ने यह भी सुझाव दिया कि यह केवल एक हादसा नहीं बल्कि संभावित साजिश भी हो सकती है और उन्होंने बाहरी और बहु एजेंसी जांच की मांग की है। घटना के बाद डीजीसीए ने सभी नॉन शेड्यूल ऑपरेटरों की सुरक्षा ऑडिट शुरू करने का ऐलान किया है ताकि ऐसे हादसों की संभावना को कम किया जा सके। राज्य सरकार ने भी कहा है कि इसमामले को राजनीति का विषय नहीं बनाना चाहिए और पूर्ण निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
यह वो कहानी है जो हम सबके सामने अनफोल्ड हो रही है। एक विमान हादसा, एक सीसीटीवी फुटेज जिसने हम सबको झकझोर दिया और एक परिवार जिसके सवाल अब जांच की दिशा बदल सकते हैं। क्या यह सिर्फ एक दुर्घटना थी या कुछ और? धीरे-धीरे सामने आ रहे सीसीटीवी फुटेज और सवाल इस केस को और पेचीदा बना रहे हैं।
