बारामती में अजीत पवार डिप्टी सीएम महाराष्ट्र के उनका जो प्लेन हादसा हुआ उसके बाद जो प्रीिलिमिनरी रिपोर्ट आई डीजीसीए की उससे क्या निष्कर्ष निकाले जा सकते हैं और विनोद बात करने के लिए बहुत-बहुत शुक्रिया डॉक से आप जब हम ये रिपोर्ट्स देख रहे हैं दो वीडियोस आए हैं घटना के आई होप आपने देखे होंगे एक वीडियो में तो कुछ साफ नहीं दिखाई दे रहा है लेकिन एक वीडियो में जो एयरक्राफ्ट है वो लेफ्ट की तरफ एकदम लेफ्ट का लेफ्ट की तरफ लॉक होता हुआ और हल्का नोज ड्राइव करता हुआ दिखता है।
सबसे पहले जो वीडियोस से देखकर क्या दिख रहा है? वीडियोस को देखकर क्या दिख रहा है कि ऐसी दिक्कत क्यों हुई होगी? धन्यवाद। काफी चीजों को जो आप उजागर करते हैं पब्लिक के लिए वो मैं बड़े अच्छे से सुनता हूं। एंड धन्यवाद आप बुलाए मुझे। और आज हम इसको डिकोड करने की कोशिश कर रहे हैं। इसका रीज़ क्या है? देखिए लोग कहते हैं कि इंक्वायरी के लिए वेट कीजिए और इंक्वायरी जो बताएगा वही सच है। बिल्कुल सही है। इंक्वायरी जो बताएगा वही सच है क्योंकि वो लोग एफडीआर और सीबीआर के एनालिसिस करते हैं और फाइनल रिपोर्ट देते हैं और लेकिन आप इसी कंपनी का पिछला एक्सीडेंट जो जो 2023 में हुआ था ढाई साल पौने तीन साल हो गए।
आज तक उसका रिपोर्ट नहीं आया। आज तक उसका रिपोर्ट टेबल नहीं है। अभी तक टेबल नहीं किया। तो रिपोर्ट्स को आने में सालों लग जाते हैं। क्यों लग जाते हैं? ये अपने आप में एक दूसरा विषय है और दूसरा शीर्षक है टॉपिक का जिसप हम अभी जा नहीं रहे हैं। मेरा कहने का मतलब ये है कि हम जो अवेलेबल इन है उस उसके आधार पर हम डिकोड करने की कोशिश करते हैं।
वो किस लिए करते हैं? क्योंकि हमारी पब्लिक जो है उनका हक है ये जानना कि क्या हुआ हो सकता है क्योंकि अभी एकदम ही हुआ है तो लोगों के मन में महाराष्ट्र के मन में रहता है कि मेरे अजीत दादा क्यों चले गए और मेरी मां मराठी है मराठा है इनफ ये इसी क्षेत्र से आती है और बचपन में अजीत दादा को बचपन से जानती है खैर जब वो पॉलिटिक्स में चले गए उसके बाद संपर्क टूट सा गया मेरे मां का लेकिन जब तो दोनों बच्चे एक साथ थे तो मेरी मां बिल्कुल ही बात करने लायक नहीं रह गई क्योंकि इतना वो दुख में है क्योंकि अजीत दादा को सब लोग उस क्षेत्र के सब लोग बहुत प्यार करते थे क्योंकि उन्होंने उस क्षेत्र के लिए बहुत कुछ किया है। ये कहते हुए मैं इस एक्सीडेंट पे आता हूं।
देखिए ये जो रनवे है बारामती का रनवे पहली बात तो ये टेबल टॉप रनवे है और बहुत छोटा रनवे है 5000 फीट बहुत ही कम होता है 5000 फीट पे आप ट्रेनिंग ही कर सकते हैं और छोटे जहाज लैंड कर सकते हैं ये आठ सीटर छोटा छोटा जहाज नहीं कह सकते हैं आप इसको थोड़ा मीडियम सा जहाज है जैसे टेस्ट वगैरह है उससे थोड़ा बड़ा स्टेबल टॉप रनवे है और यहां पे अनकंट्रोल्ड एयर एयर फील्ड है ये अनकंट्रोल्ड का मतलब है कि यहां पे एआई जो एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया उसकी तरफ से इनके इनकी तरफ से कोई चीजें लगी नहीं है। वहां पे सिर्फ एक फ्लाइंग स्कूल है। जब भी हवाई जहाज लैंड करने को आते हैं तो ये फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर्स जाके वहां बैठ जाते हैं और वो लोग कंट्रोलिंग करते हैं।
वो लोग विजिबिलिटी का जो रिपोर्ट्स पायलट्स को देते हैं। जो दूसरे जो पायलट्स आते हैं जैसे ये वीएसआर एिएशन का एक चार्टर्ड एरोप्लेन वहां पे गया था। जब टेक ऑफ किया था या लैंडिंग करने आ रहे थे तो विजिबिलिटी जो रिपोर्टेड विजिबिलिटी थी 3000 किलोमीटर की थी और पर्याप्त विजिबिलिटी रिपोर्टेड 5000 मिनिमम 3000 मीटर की हां 3000 मीटर की थी और 5000 मीटर या 5 किलोमीटर मिनिमम होना चाहिए आपको विजुअल फ्लाइट रूल्स वीएफआर का मतलब है विजुअल फ्लाइट रूल्स तो 5000 मिनिमम होना चाहिए आप लैंडिंग अटेम्प्ट करने से पहले लेकिन एक स्पेशल वीएफआर करके एक कंडीशन है जिसमें 1500 मीटर विजिबिलिटी तक आप लैंड कर सकते हैं। लेकिन वो सभी ऑपरेटर्स को नहीं मिलता है। डिजीज ये कुछ ऑपरेटर्स को ही वो देते हैं।
स्पेशल बीएफआर जो फैसिलिटी है क्या बीएसआर को ये दिया गया था ये अपने आप में एक प्रश्न चिन्ह है। ये जो कि एक बड़ा चार्टर कंपनी है। हो सकता है उनको स्पेशल बीएफआर की परमिशन मिली हो। वो फिर भी जब आप विजुअल्स देखते हैं आप आई एम श्योर हमारे बातों के साथ में जब आप फाइनली इसको लगाएंगे वो विजुअल्स भी दिखाएंगे जैसे आपने शुरू में जिक्र किया था वो विजुअल्स में मुझे लग रहा है कि विजिबिलिटी कोई इशू नहीं रहा होगा।
लेकिन पहली बार जब वो रनवे 290 मतलब रनवे 29 का मतलब है वो 290 वेस्टली फेसिंग है वेस्ट फेसिंग रनवे है और सुबह के टाइम में वेस्ट फेसिंग रनवे हम प्रेफर इसलिए करते क्योंकि सूरज आपके आंखों की तरफ नहीं होता। आपके पीछे होता है। तो उस दौरान उन्हें रनवे दिखा नहीं। क्यों वो अपने आप में वो सीवीआर आने पर पता चलेगा। लेकिन उसमें उन्होंने गो डाउन किया। छ मिनट बाद वो रनवे का वन वन विपरीत रनवे पे ऑपरेट लैंड करने आए। विपरीत रनवे पे क्या वन वन पे आप सुबह-सुबह जब लैंडिंग के लिए आते हैं तो सूरज जो है बिल्कुल होराइजन के ऊपर होता है। आपके सामने होता है।
तो आपको रनवे आसानी से नजर नहीं आता है। तो नीचे से वो पूछते हैं कि क्या आपको रनवे दिख रहा है? वो चंद सेकंड बाद वो बोलते हैं कि हां दिख गया। तो उस समय उन्होंने जो टाइट सा टर्न लिया उसमें एोडायनेमिक स्टॉल कहते हैं हम इसको। हवाई जहाज के विंग एक विंग के ऊपर जब आपका एयर फ्लो टूट जाता है तो दूसरा विंग जो ऑलरेडी लिफ्ट प्रोड्यूस कर रहा है वो वो उठ जाता है और ये विंग जो कि उसका लिफ्ट टूट गया है या लिफ्ट कम हो गया है वो गिर जाता है इसको कहते है फ्लिक या इसको कहते हैं एोडायनेमिक स्टॉल वन विंग स्टॉल स्टॉलिंग बिफोर द अदर ये हम वायुसेना में यंग बच्चों को हर तीन महीने में एक बार इसको दिखाते हैं और इससे कैसे निकलना है उसको सिखाते हैं। ये बिल्कुल रिलजन की तरह करते हैं। तीन हर तीन महीने में करना अनिवार्य है वायु सेना में। सिविलियन में वर्ल्ड में हम इसको सिमुलेटर में करते हैं ना कि असली हवाई जहाज में किसी किसी कंट्री में असली हवाई जहाज में जो एरोबैटिक जहाज है नॉट द सेम एयरक्राफ्ट उसमें करना भी अनिवार्य है।
हमारे देश में नहीं है। हमारे देश में आप उसको सिमुलेटर में कर ले तो पर्याप्त है। लेकिन इसकी भी जो फ्रीक्वेंसी है वो आई थिंक साल में एक बार करने की जरूरत है क्योंकि मैं फाइटर जहाज भी उड़ा चुका हूं और सिविलियन जहाज भी उड़ा चुका हूं। तो मैं दोनों तरफ की जो कहानी आपको सुना रहा हूं जब आपका एक विंग पर्याप्त लिफ्ट दे रहा है और दूसरा विंग सडनली आपको पर्याप्त लिफ्ट नहीं दे रहा है तो वो एकदम ही पलट जाता है। वहां से आपको रिकवर करने के लिए आपको कुछ ऑल्टीट्यूड चाहिए। ऊंचाई चाहिए। इस केस में क्या हुआ है कि वो जमीन की इतना नजदीक ये ये फ्लिक हुआ उनको वो डिस्टेंस नहीं मिला वो डिस्टेंस ना मिलने के ऊंचाई नहीं मिली वो ना मिलने के कारण वो रिकवर नहीं कर पाए कोई कोई कहते हैं कि इंजन फेल हुआ होगा इसीलिए ऐसा हुआ होगा इस जहाज में आप देखते हैं आप क्लोज अप इस जहाज पे आई एम शोर लगाएंगे इस जहाज में इंजन जो है बिल्कुल ही फ्यूज चार्लाज के ऊपर है मतलब बॉडी के ऊपर लगा हुआ है तो एक इंजन इंजन फेल होने पे दूसरा इंजन ट्रस्ट दे रहा है।
एक इंजन नहीं दे रहा है। तो जो इंजन असिस्टेड य जिसको बोलते हैं वो इस जहाज में नहीं होता क्योंकि इंजन बाहर की ओर नहीं है। अंदर एकदम अंदर की ओर है। बॉडी से एक इंजन बंद बॉडी सटा हुआ है ताकि एक इंजन बंद भी हो जाए तो पता भी नहीं लगेगा कि ये दूसरा इंजन का य क्योंकि इतना सटा हुआ है वो एडवर्स यो नहीं देता है। तो एक इंजन फेल होने की वजह से हुआ। ये जो तेरी उछाला जा रहा है वो अपने आप में लॉजिकली गलत है और ये एक इंजन में उड़ने या कहीं दूर तक जाने की क्षमता रखता है ये जहाज और ये जहाज जो है अपने आप में एक थोड़ा एक नायाब सा जहाज है। 51000 फीट तक जाता है। ध्वनि से 80% 81% तेजी से जाता है। ये सिविलियन जहाज के लिए बहुत हाई स्पीड है। ध्वनि से 81% तेजी से जाना उनकी अगर डिजाइन है तो उसका विंग जो है बहुत ही पतला है तो फाइटर जहाज की तरह विंग है जो ये फ्लिक जो है ना जो मैं कह रहा हूं एक विंग का लिफ्ट एकदम सडनली गायब हो जाता है और वो ऐसे करके गिर जाता है। ये ससेप्टेबल है लो स्पीड में और मैंने इसका डेट एनालिसिस किया था तो 140 नॉट के आसपास है। का मतलब ये ग्राउंड के पास था। टाइट टर्न करने की कोशिश कर रहा था। टाइट टर्न मतलब उस स्पीड के लिए वैसे वो टाइट टर्न कर सकता है। उस स्पीड के लिए जब आप स्पीड गति कम हो जाती है आप बैंक जो है कम कम देते हैं। क्योंकि ज्यादा बैंक देंगे वो पलट जाएगा। तो जितनी गति आपकी कम हो जाती है उतना आप उसको फदर की तरह हैंडल करते हैं या फिर किट ग्लव्स पहन के हैंडल करते हैं या फिर आप उसको उस क्षेत्र में नहीं ले जाते हैं जहां इसकी पॉसिबिलिटी बढ़ जाती है।
ये देखिए किसी पे उंगली नहीं उठा रहा हूं। ये एक एिएशन का एक पिकुलरिटी है और एिएशन में ऐसी चीजें होने की संभावना क्योंकि आप बिल्कुल ही सेफ्टी मार्जिन के बहुत ही पास में होते हैं लैंडिंग के दौरान और टेक ऑफ के दौरान आप देखते हैं 95% एक्सीडेंट जो है पूरी दुनिया में टेक ऑफ और लैंडिंग के दौरान ही होता है। क्रूज के दौरान एक्सीडेंट की जो नंबर्स है वो ना के बराबर है। क्यों? क्योंकि आप जमीन के पास होते हैं। लो स्पीड में होते हैं और सारी जो प्रॉब्लम्स है जमीन के आसपास ही होती है। बर्ड्स हो, वेदर हो, आप कोई भी चीजें कह ले तो जिसकी वजह से ये एक एिएशन की पिकुलरिटी है। आपने एआई से वन का एक्सीडेंट देख लीजिए। अगर उनके पास 100 फीट भी हो जाता वो दूसरा इंजन स्टार्ट हो जाता और वो निकल जाते। तो अभी हम क्या कर सकते हैं? ये जो पायलट है मेरे लिए एक पर्सनल लॉस इसलिए क्योंकि जो को पायलट है वो मेरी एक बहुत अच्छे मित्र की बेटी है। इनफ मेरे मेरा बेटा और ये इनकी बेटी जो है एक साथ मतलब बोथ वाइफ कंसीव टुगेदर एक साथ ये पहले बड़े पिछली बार जब इनको देखा था इनको मैंने स्कूल से पिकअप करके घर छोड़ा था। आठवीं आठवीं कक्षा में छठी कक्षा में थी इनको मैं घर छोड़ा था। तो मेरे लिए एक बहुत बड़ा एक पर्सनल लॉस है एक पायलट का जाना। सीनियर पायलट जो है कपूर सर कपूर साहब जो है वो 15,000 फ्लाइंग आवर्स के हैं। तो फ्लाइंग आवर्स या एक्सपीरियंस इसमें एक फैक्टर नहीं है। ये एक मैं कहूंगा एक पिकुलरिटी है इस हवाई जहाज का इस समय का और संजो का और कोई रीजन मुझे नजर नहीं आ रहा है। लेकिन ये जरूर है कि ये लेयर जेट की पिकुलरिटी की वजह से ये एक्सीडेंट हुआ। ओके डॉक्टर विनोद मेरा सवाल इसमें ये है कि जब हम विजिबिलिटी की बात करते हैं ऑब्वियसली बारामती का जो एयर स्ट्रिप है वो फ्लाइंग स्कूल्स मैनेज करते हैं। उनके पास आईएमडी के इक्विपमेंट्स नहीं है वेदर रिपोर्ट्स देने के लिए। इस तरह के एयरपोर्ट्स में यूजली ये होता है कि दूर पेड़ को या पहाड़ को या घर को देख के वो बता देते हैं कि इतने मीटर की विजिबिलिटी है।
तो उन्होंने ऑपरेटर ने जो भी उसमें ऑपरेटर की कुर्सी पे बैठा होगा एटीसी तो है नहीं वहां पे। तो ऑपरेटर की कुर्सी पे जो बैठा होगा उसने बता दिया कि साहब इतने मीटर की विजिबिलिटी दिख रही है। लेकिन डॉक्टर विनोद वो हॉरिजॉन्टल विजिबिलिटी देख रहा था। स्लैटेड विजिबिलिटी नहीं देख रहा था। जो जो पायलट को दिखती है जमीन की विजिबिलिटी एक एंगल पे नीचे की ओर तो स्लंटेड विजिबिलिटी नहीं देख रहा था। मेरा एक सवाल यहां पे ये है कि इज इट पॉसिबल कि हॉरिजॉन्टल विजिबिलिटी और स्लंटेड विजिबिलिटी में एक खास डिफरेंस हो या डिफरेंस वो मैटर नहीं करता है। फिर मैं एक एक और सवाल है जिसप मैं आऊंगा। पहले इस पे क्लेरिटी दे दीजिए।
देखिए जब सर आपने बिल्कुल सही फरमाया। 3000 मीटर जब ग्राउंड से उन्होंने उन्होंने रिपोर्ट दिया पायलट को वो एक कोई ग्राउंड फीचर को निकाल करके देते हैं तो अच्छा दूर का जो ये पेड़ है वो अगर दिख रहा है तो वो 3000 है तो उन्होंने 3000 मीटर की वििबिलिटी दे दी आप स्लंट विजिबिलिटी की जो सवाल उठाए बिल्कुल ही दुरुस्त है आप इनफॉर्म भी है इसी वजह से आपका आपको जानकारी भी है स्लंट विजिबिलिटी किसी किसी कंडीशन में सरफेस विजिबिलिटी से अच्छी होती है किसी किसी कंडीशन में सरफेस वििबिलिटी से खराब होती है।
जब शैलो फोग होता है ग्राउंड पे स्ल वििबिलिटी अच्छी होती है। कंट्रा कॉमन बिलीफ क्योंकि जमीन पे खड़े हो के क्योंकि आप उस फोग के अंदर है आपको कम दिखाई देता है। हम ऊपर है तो हमें अच्छा से दिखाई देता है। तो किसी किसी कंडीशन में स्टंटेड वििबिलिटी अच्छी होती है। किसी किसी कंडीशन में स्टंटेड वििबिलिटी खराब होती है। और अधिकांश कंडीशन में स्टंटेड वििबिलिटी कम होने की संभावना ज्यादा है। जब जब आप ईस्ट की तरफ होते हैं सुबह-सुबह के समय शाम के समय जब वेस्ट की तरफ होते हैं तो आज इस कंडीशन में ईस्ट की तरफ थे शैलो फोग था और शैलो फग देखिए जमीन पे और टेबल टॉप रनवे पे ये एक पिकुलरिटी है आपको जमीन पे हो सकता है फॉग ना हो और थोड़ा से ऊपर फॉग हो बट वो टेबल टॉप के ऊपर जब पहुंच जाता है तो वो फिर जमीन का फॉग हो जाता है तो वो भी एक कंडीशन एक एक पिकुलरिटी टेबल टॉप रनवे पे होती है। सतह के रनवे पे ये इशू कम होता है। टेबल टॉप रनवे पे जो आपके लिए क्लाउड है टेबल टॉप के लिए वो फॉग है। तो जो लो क्लाउड आपके लिए है टेबल टॉप के लिए वो फॉग है। क्योंकि वो लो क्लाउड वहां जाके जमीन से टकरा जाता है। सो ये एक पिकुलरिटी है। बट मुझे देखिए जब रिपोर्टेड विजिबिलिटी 3000 होती है ना स्लंट वििबिलिटी की कमी जो है 500 600 मीटर होगा ढाई हो जाएगा या दो हो जाएगा उससे नीचे नहीं जाता है और ढाई दो पर्याप्त विजिबिलिटी है आपको लैंड करने के लिए और ऑब्वियसली ऑब्वियसली अगर विजिबिलिटी इशू होता डॉक्टर विनोद तो जो मुझे देखकर लग रहा है बेसिकली जो रनवे के ऊपर जहाज स्किड करता या रनवे पे लैंड ही नहीं करता। जहाज तो लेफ्ट साइड में रडार घूम चुका था।
सो मैं आपके एक ही परिचित है। आपके दोस्त हैं। मैं उनसे बात कर रहा था। मैं नाम नहीं लूंगा बिकॉज़ ही इस इन अ गवर्नमेंट सर्विस आल्सो ही आल्सो अ पायलट। तो आई वास टॉकिंग टू हिम और उन्होंने मुझे एक चीज बताई कि देयर इज अ पॉसिबिलिटी कि लेफ्ट रेडर जैम हो गया होगा। एक तो हम विंग्स में से विंग्स को मैनुअ जहाज को मैनूवर करने की बात अभी हम कर रहे थे। बट देयर इज आल्सो पॉसिबिलिटी क्या कैप्टन कपूर हु वास फर्स्ट ऑफिसर नहीं सॉरी हु वास द पायलट। सो कैप्टन कपूर क्या किसी हेल्थ कॉम्प्लिकेशन से भी गुजर रहे हो सकते हैं क्योंकि उन्होंने मुझसे बताया कि इट कुड बी पॉसिबल कि कोई दिक्कत हुई होगी कॉकपिट में फ्लाइंग के दौरान क्योंकि उनका लेफ्ट साइड में रडर पूरी तरह से लॉक हो चुका था और इस वजह से ही जो प्लेन जो नीचे आ रहा था सो इस तरह करके नोज ड्राइव कर गया कुछ ये पॉसिबिलिटी हो सकती है।
इसीलिए नहीं हो सकती है क्योंकि मैं एयर एक्शन इन्वेस्टिगेटर हूं और हजारों मतलब एटलीस्ट 50 60 तो इन्वेस्टिगेशन एक्शन इन्वेस्टिगेशन किया होगा काफी फेटल एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन भी मैंने किया है और बहुत सारे फुटेजेस एक्सीडेंट के फुटेजेस एयर एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन कोर्स के दौरान देखते हैं हम और उससे डिसाइफल करने की कोशिश करते हैं और आप अपना रिपोर्ट देते हैं तो एक्शन इन्वेस्टिगेशन कोर्स जो है वो बहुत ही एक ग्रुलिंग कोर्स है। उसको उससे वो बिल्कुल आग से तप के बाहर निकलता है और आप एक एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेटर बनते हैं। तो रडर इंड्यूस रोल जिसको कहते हैं। देखिए फाइनली हवाई जहाज रोल करके नीचे गया। तो रडर से इंड्यूस किया हुआ रोल पहले नोज घूमता है फिर ऐसे होता है हम लेकिन फ्लिक जो है ये सडनली होता है हम तो इसमें मुझे विजुअली जो मैंने देखा है रडर इंड्यूस्ड रोल नहीं है रडर इंड्यूस्ड रोल में हवाई जहाज ऐसे अगर ऐसे जा रहा है पहले ऐसे जाएगा नोज ऐसे पहले नोज घूमेगा फिर विंग गिरेगा तो इसमें ऐसा का इशू मुझे नहीं नजर आया। पहली बात।
दूसरी बात और बहुत महत्वपूर्ण बात है ये। लेयर जेट अपने आप ले जेट 45 ये जो जहाज है पूरे लियर जेट की फैमिली में 1990 से ले अब तक सिर्फ पांच एक्सीडेंट हुए हैं। ये लियर जेट 45 का ये दूसरा एक्सीडेंट है। वर्ल्ड ओवर लियर जेट अपने आप में बहुत ही एफ जहाज माना जा रहा है। जाता है क्योंकि अधिकांश वीआईपी ट्रेवल करते हैं इसमें वर्ल्ड ओवर तो इसको बहुत ही रिडेंसी के साथ बनाया हुआ है। तो रडर जैम जो कि प्रॉब्लम है लेयर जख्मी होने की संभावना इसलिए नहीं है क्योंकि रडर जहां तक मैं जानता हूं डुप्लेक्स है मतलब ड्यूल कंट्रोल है। एक पिस्टन नहीं दो है। एक हाइड्रोलिक नहीं दो है इसमें। तो तो अपने आप में रडर फेलियर जो है वो मैथमेटिकली पॉसिबिलिटी उसकी बहुत कम हो जाती है। लेकिन फेलियर फेलियर भी नहीं सर लेकिन हेल्थ कॉम्प्लिकेशन की जब हम बात कर रहे हैं तो वो भी पॉसिबिलिटी नहीं दिखती है। इसलिए नहीं दिखती क्योंकि जहां तक मैं जानता हूं क्योंकि जो को पायलट के पिताजी है वो भी इसी कंपनी में है। और जहां तक मैं जानता हूं ये जो कपूर साहब जो है फिटनेस फ्रीक थे अपना फिट रखते थे अपने आप को और बहुत ही हेल्थ कॉन्शियस एक पर्सन रहे मोस्ट पायलट्स आर बट ये दोनों ही बहुत हेल्थ कॉन्शियस लोग रहे तो और अब मैथमेटिकली जब आप इन चीजों को जोड़ने की कोशिश करते हैं टू फेलियर्स एक साथ एक ही समय में होना मैथमेटिकल इंपॉसिबिलिटी है। विनोद मेरा लास्ट सवाल है आपसे। एआईबी जब इसको इन्वेस्टिगेट करेगा इस पूरे मामले को कर ही रहा है ऑलरेडी तो उन्हें इस जांच में कौन से रोड ब्लॉक्स का सामना करना पड़ेगा? व्हाई आई एम आस्किंग दिस? क्योंकि बारामती में रिफ्यूलिंग नहीं हो सकती है। अगर आप मुंबई से बारामती जा रहे हो और आपको वापस भी जाना है तो आप एक्स्ट्रा फ्यूल ले चल रहे हो। जब जहाज ने क्रैश के बाद जहाज में आग लगी तो वो एक्स्ट्रा फ्यूल भी जला होगा और बहुत कुछ खाक भी हुआ होगा। क्या ये या ऐसी दूसरी चीजें जो है एआईबी के लिए एक रोड ब्लॉक बन सकती है इन्वेस्टिगेशन में या किस दिशा में है जांच अच्छा सवाल है आप देखते हैं ये इंपैक्ट जो है जमीन से जो इंपैक्ट हुआ है इतना हाई स्पीड में नहीं हुआ है क्योंकि लैंडिंग के लिए आ रहे थे 140 250 300 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से ये मैक्सिमम ये जमीन से टकराया है जिसकी वजह से आप विजुअली जब विजुअल्स चलाते हैं आप फोटो लगाएंगे आपको नजर आएगा कि टेल एकदम इंटैक्ट है और एफडीआर जो ब्लैक बॉक्स जिसको कहते हैं जो ऑरेंज कलर होता है पता नहीं किसी ने इसको ब्लैक बॉक्स का नाम दिया लेकिन जो एफडीआर है वो टेल के ऊपर होता है तो एफडीआर के अंदर ही सीवीआर होता है जो कॉपी विक डेट रिकॉर्ड कहते हैं हां एफडीआर के अंदर ही सीवीआर होता है आजकल और आजकल जो नए जहाज है उसमें दो दो एफडीआर होते हैं। तो एक गया तो दूसरा आपको ली जाएगा। एक दोनों एक ही जगह में नहीं होता है।
एक विंग में होता है। किसी किसी जहाज में किसी किसी जहाज में एयनिक बे में होता है। किसी किसी में टेल में होता है। तो इस तरह से दो एफडीआर होते है। तो एफडीआर तो जहां तक मेरा अनुमान है एफडीआर तो क्लीनली निकल गया होगा। लेकिन एफडीआर को जो रीड करने की जो मशीन होती है वो हां एक्चुअली इट इज अ रीडर एफडीआर रीडर एफडीआर रीडर कोई कई कंपनियां खरीद के नहीं रखती है वो ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चर को बेचने ओईएम के पास जाता है वो रीड करके आपको डाटा देते हैं तो उतना हो सकता है।
उतना डिले जरूर आए इससे पहले की प्रीलिमिनरी रिपोर्ट आए तो एफडीआर को लेके जाना होगा आपको जैक्सन बेल्स नोएडा वहां ले जाके इसको रीड करके फिर ऑफ कोर्स वो डेट जो है इंटरनेट से आपको आपके पास आ ही जाएगा तो वो इशू होना नहीं चाहिए तो इसमें विलंब होने की संभावना बहुत कम है।
