अजय देवगन की दृश्यम 2 के प्रोड्यूसर के खिलाफ दर्ज हुआ फ्रॉड का केस।

दिल्ली हाईकोर्ट में अजय देवगन स्टारर दृश्यम 2 से जुड़े एक मामले में सुनवाई चल रही है। यह मामला फिल्म के ओवरसीज राइट्स से जुड़े एक फाइनेंशियल फ्रॉड का है। इसके तहत प्रोड्यूसर कुमार मंगद पाठक पर केस दर्ज करवाया गया था। बदले में मंगद ने इस एफआईआर को रद्द करने के लिए प्री फाइल की हालांकि कोर्ट ने उनकी इस रिक्वेस्ट को खारिज कर दिया है।

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक यह मामला 4 करोड़ 30 लाख के एक फ्रॉड से जुड़ा हुआ है। इसमें दृश्यम 2 के प्रोड्यूसर कुमार मंगत और भरत सेवक समेत दूसरे लोगों के शामिल होने का भी आरोप है। दावा है कि इन लोगों ने मिलकर दिल्ली के एक बिजनेसमैन को ठग लिया। मंगत और उनके साथियों ने दृश्यम 2 से जुड़े नकली डॉक्यूमेंट्स दिखाकर उस बिजनेसमैन से ₹4 करोड़ 30 लाख इन्वेस्ट करवा लिए।

वादा यह किया गया कि मंगत उन्हें चाइना, हांगकांग और ताइवान में दृश्यम 2 के चाइनीस वर्जन का डिस्ट्रीब्यूशन राइट देंगे। कुमार मंगत पाठक पेरोमा स्टूडियोज के मैनेजिंग डायरेक्टर हैं। जहां तक भरत की बात है, उन्होंने खुद को इस स्टूडियो का रिप्रेजेंटेटिव बताकर यह डील करवाई थी। भरत ने दावा किया कि उन्होंने टोटल ₹16 करोड़ 40 लाख की डील में से ₹15 करोड़ 75 लाख ट्रांसफर कर दिए थे। हालांकि पेनोरमा स्टूडियोज़ ने पैसे मिलने से इंकार किया है। मंगत ने सफाई दी कि सेवक को जो भी परमिशन दी गई थी वह लिमिटेड थी। उसमें भी इस परमिशन को समझौते से काफी पहले खत्म किया जा चुका था।

खुद पेनोरामा स्टूडियोज ने भी पब्लिक नोटिस जारी कर लोगों को भरत के दावों से सावधान रहने के लिए कहा था। मगर तब तक मंगत के इनवॉल्वमेंट को लेकर सवाल उठने शुरू हो गए थे। इस मामले में कुमार मंगत और भरत के खिलाफ दिल्ली पुलिस की इकोनॉमिक ऑफेंसेस विंग यानी कि ईओडब्ल्यू ने एफआईआर फाइल की थी। जवाब में मंगत ने कहा कि यह मामला पूरी तरह से कमर्शियल है। इसलिए इसे क्रिमिनलाइज नहीं करना चाहिए।

इस वजह से उन्होंने पुलिस केस को रद्द करने के लिए कोर्ट में प्री फाइल की मगर जस्टिस नीना कृष्णा बंसल ने इसे यह कहते हुए रद्द कर दिया कि फिलहाल यह मामला अपने शुरुआती स्टेज में है। ऐसे में उन्हें पुलिस जांच में इस तरह का दखल देने की जरूरत नहीं है।

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