प्रोड्यूसर बोनी कपूर का छल का दर्द उन्होंने बताया कि कैसे अजय देवगन जैसे सुपरस्टार के साथ फिल्म बनाने से उन्हें भारी नुकसान हुआ और जो फिल्म ₹120 करोड़ के बजट में बननी थी उसको बनाने में ₹210 करोड़ लग गए और फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप हो गई।
बोनी कपूर ने बताया कि इस फिल्म को बनाने में उनका खर्चा बहुत हुआ और फिल्म का जो ह्यूज बजट है वो फिल्म प्रोडक्शन में नहीं बल्कि फिल्म के क्रू मेंबर्स के खाने और पानी की व्यवस्था करने में लगा।
आखिर इस फिल्म की मेकिंग के दौरान ऐसा क्या हुआ कि बोनी कपूर को इतना बड़ा लॉस हुआ और पैसे लोन लेकर लोगों की सैलरीज चुकानी पड़ी? चलिए जानते हैं। यह फिल्म है मैदान। अजय देवगन के साथ बोनी कपूर ने इस फिल्म को बनाया था। इस फिल्म की मेकिंग 2020 से ही शुरू हो गई थी। फिल्म के क्रू मेंबर्स के लिए 200 से 250 आर्टिस्ट को इंडिया के बाहर से बुलवाया गया था। बोनी कपूर ने इधर आर्टिस्ट को बुलवाया और इधर कोरोना का लॉकडाउन लग गया।
अब इन आर्टिस्ट को ठहराना, इनके खाने-पीने की व्यवस्था तब तक बोनी कपूर को हर रोज करनी पड़ी जब तक कि इंडिया से बाहर जाने की फ्लाइट्स फिर से शुरू नहीं हो गई। बोनी कपूर ने कहा कि सभी लोगों का खाना हर रोज ताज से मंगवाना पड़ता था और उनके खाने, रहने और पानी पीने की व्यवस्था करनी पड़ी। से बोनी कपूर जैसे तैसे निपटे उन्होंने बहुत सारा पैसा इसमें लगाया और फिर जब कोरोना का रिलैक्सेशन आया तो बोनी कपूर ने एक बार फिर से शूटिंग की प्लानिंग की और मुंबई में फिल्म का एक सेट बनाया गया।
एक स्टेडियम खड़ा किया गया। लेकिन तब तूफान ने यह पूरा का पूरा सेट तोड़ दिया और एक बार फिर से जो क्रू मेंबर्स बुलाए गए थे बाहर से उन्हें खिलाना पिलाना पड़ा और उसकी सभी व्यवस्था देखनी पड़ी। इस तूफान से जैसे तैसे संभलकर बोनी कपूर ने फिर से फिल्म की मेकिंग शुरू की तो कोविड रेस्ट्रिकशंस बहुत ज्यादा थे।
इसके चलते सेट पर बहुत ही रखरखाव के साथ शूट करना पड़ा। पानी की बोतलों पर एक अच्छा खासा पैसा खर्च हुआ है। बोनी कपूर ने बताया कि पानी की बोतलों के लिए उन्होंने एक ब्रांड से टाई अप किया था और लास्ट में जब उस ब्रांड ने बिल भेजा तो वह बिल बहुत बड़ा था।
अंततः यह फिल्म रिलीज हुई लेकिन फिल्म से उन्हें भारी नुकसान हुआ। ऐसी हालत हो गई कि जो लोग इस फिल्म में काम कर चुके थे उनकी फीस देने के लिए बोनी कपूर को पैसा उधार लेना पड़ा। बोनी कपूर ने कहा यह चीजें मैं किसे समझाऊं और कैसे समझाऊं कि एक फिल्म ने पड़े-पड़े ही मेरे ₹100 करोड़ डूबा दिए।
