12 जून 2025 अहमदाबाद एयरपोर्ट टेक ऑफ के कुछ ही सेकंड बाद एयर इंडिया की फ्लाइट आराम से जमीन पर आ गिरी। 260 लोगों की जान चली गई। अब एक महीने बाद जो शुरुआती रिपोर्ट सामने आई उसने पूरी दुनिया की एिएशन इंडस्ट्री को हिला कर रख दिया। विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो की रिपोर्ट के मुताबिक टेक ऑफ के ठीक बाद फ्लाइट के दोनों इंजन बंद हो गए। दोनों फ्यूल कंट्रोल स्विच जो रन पोजीशन पर होने चाहिए थे एक साथ कट ऑफ पर चले गए और फिर क्रैश।
कॉकपेट के बाद छीत रिकॉर्ड हुई। एक पायलट चौंक कर पूछता है, तुमने फ्यूल क्यों कट किया? जवाब आता है, मैंने तो नहीं किया। अब सवाल यह है कि क्या यह इंसानी गलती थी? टेक्निकल फेलर था या फिर कुछ और? इसी रिपोर्ट के बाद दुनिया भर की एयरलाइंस कंपनियां हरकत में आ गई।
यूएई की एतिहाद एयरवेज ने अपने तमाम पायलट्स को सख्त हिदायत दी। बोइंग 787 जैसे विमानों में फ्यूल स्विच को लेकर बेहद सावधानी बरतें। सिर्फ इतना ही नहीं एतियाद ने अपने सभी इंजीनियर्स को आदेश दिया कि वह पूरे फ्यूल लॉकिंग मैकेनिज्म की जांच करें। यह सुनिश्चित करें कि लॉकिंग सिस्टम ठीक से काम कर रहा है। पायलटों को यह भी कहा गया कि कॉकपेट में कंट्रोल के पास कोई भी चीज ना रखें जो स्विच को गलती से हिला सके। दक्षिण कोरिया ने भी तुरंत एक्शन लिया। अब वहां की सरकार सभी एयरलाइनों से बोइंग विमानों के फ्यूल कंट्रोल स्विच की गहन जांच करवाने जा रही है।
यह कदम एक पुराने एफएए एडवाइज़री पर आधारित है। जिसमें 2018 में बोइंग मॉडल्स के फ्यूल स्विच की लॉकिंग पर सवाल उठाए गए थे। अब आप सोच रहे होंगे क्या एफएए और बोइंग ने इस खतरे को नजरअंदाज किया? तो जवाब है एफएए ने अब भी यह कहा है कि यह कोई अनसेफ कंडीशन नहीं है। कोई बड़ा अलर्ट जारी करने की जरूरत नहीं। लेकिन फिर भी इतनी बड़ी एयरलाइन और एक देश इतना बड़ा फैसला क्यों ले रहा है? ये बड़े सवाल हैं। इसका जवाब छुपा है उन 260 शहरों में जो अब कभी घर नहीं लौटेंगे।
वहीं अहमदाबाद में हुए एयर इंडिया हादसे पर आई एआईबी की प्रारंभिक रिपोर्ट के बाद नागरिक उड्डयन महानिदेशालय यानी भारत के डीजीसीए ने बड़ा आदेश जारी किया है। डीजीसीए ने सभी भारतीय रजिस्टर्ड फ्लाइट्स के इंजन फ्यूल स्विच की अनिवार्य जांच के आदेश जारी किए हैं। यह कदम एएआईबी की रिपोर्ट आने के बाद उठाया गया है।
जांच पूरी करने की आखिरी तारीख 21 जुलाई 2025 रखी गई है। सवाल यह भी है क्या हमारी एिएशन इंडस्ट्री सिर्फ सिस्टम्स पर भरोसा करती रहेगी या अब इंसानी सेंसेस और सावधानी को दोबारा प्राथमिकता दी जाएगी क्योंकि एक स्विच महज एक स्विच और पूरा जहाज कुछ ही सेकंड में खामोश हो गया और 260 जिंदगियां आखरी की नींद सो गई।
