5000 फीट की ऊंचाई.. विमान का इंजन फेल एयर इंडिया ने मुसाफिरों की जान दांव पर लगाई

रात के 2:15 जगा मुंबई का छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट 5000 फीट की ऊंचाई और खिड़की के बाहर दिखती चिंगारी जब मुसाफिर गहरी नींद में थे विमान के इंजन के गरजने की आवाज और फिर अचानक एक जोरदार इंजन की खामोशी और कॉकपिट में गूंजता एक शव पैन पैन पैन मुंबई से बेंगलुरु जा रही एयर इंडिया की एक फ्लाइट में उस वक्त बड़ा हड़कंप मच गया

जब उड़ान के कुछ ही मिनटों बाद विमान का एक इंजन हवा में ही बंद हो गया। पायलट ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए तुरंत पैनपन का इमरजेंसी अलर्ट जारी किया और विमान को वापस मुंबई एयरपोर्ट की ओर मोड़ दिया।

राहत की बात यह रही कि विमान को सुरक्षित रूप से लैंड करा लिया गया और एक बड़ा हादसा टल गया। अब सांसे थमा देने वाले इस पूरे घटनाक्रम के पीछे की वजह आपको तफसील से बताते हैं।

मुंबई एयरपोर्ट से गुरुवार तड़के एयर इंडिया की फ्लाइट A12812 ने बेंगलुरु के लिए उड़ान भरी थी। यह एक एयर बस A320 नियो विमान था जिसमें कुल 47 यात्री सवार थे। फ्लाइट का निर्धारित समय सुबह 2:05 था लेकिन विमान ने करीब 2:15 में टेक ऑफ किया। टेक ऑफ के कुछ ही मिनटों बाद स्थिति और बिगड़ने लगी। रिपोर्ट्स के अनुसार विमान का एक इंजन हवा में ही बंद हो गया। इसी दौरान विमान में मौजूद यात्रियों को हल्का झटका और असामान्य कंपन महसूस हुआ।

पायलट को विमान में असामान्य आवाजें सुनाई दी और साथ ही का भी एहसास हुआ। स्थिति को गंभीर होता देख पायलट ने तुरंत एयर ट्रैफिक कंट्रोल को इमरजेंसी मैसेज भेजा। पैन पैन।

हालांकि पायलट ने स्थिति को संभालते हुए तुरंत फ्लाइट को वापस मुंबई की ओर मोड़ दिया। करीब 2:35 में विमान मुंबई एयरपोर्ट पर सुरक्षित रूप से लैंड कर गया। विमान में सवार सभी 47 यात्री सुरक्षित बताए जा रहे हैं। लैंडिंग के बाद यात्रियों को सामान्य प्रक्रिया के तहत विमान से बाहर निकाला गया और उन्हें एयरपोर्ट पर सहायता प्रदान की गई।

एयरपोर्ट प्रशासन ने भी तुरंत लोकल स्टैंड बाय अलर्ट घोषित किया ताकि किसी भी स्थिति से निपटा जा सके। आइए अब आपको समझाते हैं कि पैनपैन अलर्ट आखिर क्या है और कब इस्तेमाल किया जाता है। दरअसल पैनपैन अंतरराष्ट्रीय विमानन संचार में इस्तेमाल होने वाला एक आपात संकेत है जो यह बताता है कि स्थिति गंभीर है लेकिन अभी मेडे जैसी पूरी तरह जानलेवा इमरजेंसी नहीं है। इसका मतलब होता है कि विमान को तत्काल सहायता की जरूरत है।

लेकिन अभी भी कंट्रोल में स्थिति बनी हुई है। विशेषज्ञों के मुताबिक पायलट ने सही समय पर यह अलर्ट जारी करके एक बड़ा जोखिम टाल दिया। एयर इंडिया की ओर से जारी बयान में कहा गया कि उड़ान के तुरंत बाद तकनीकी समस्या के संकेत मिलने पर एतियातन विमान को वापस लाया गया। एयरलाइंस ने कहा है कि विमान सुरक्षित रूप से लैंड कर चुका है और अब उसे ग्राउंड कर दिया गया है।

साथ ही इसकी विस्तृत तकनीकी जांच की जा रही है। Air इंडिया ने यात्रियों को हुई असुविधा के लिए खेद भी जताया और बताया कि सभी यात्रियों को आगे की यात्रा के लिए वैकल्पिक विमान उपलब्ध कराया गया। घटना के बाद एयर इंडिया ने तुरंत वैकल्पिक विमान की व्यवस्था की। यह फ्लाइट सुबह करीब 4:45 में मुंबई से बेंगलुरु के लिए रवाना हुई जिससे यात्रियों की यात्रा में ज्यादा देरी ना हो। घटना के बाद प्रभावित विमान को ग्राउंड कर दिया गया। एयरलाइन इंजीनियरिंग टीम और सुरक्षा अधिकारी अब यह जांच कर रहे हैं कि आखिर इंजन फेल होने की वजह क्या थी? क्या यह तकनीकी खराबी थी? मेंटेनेंस की चूक थी या कोई बाहरी कारण? इन सभी पहलुओं पर जांच चल रही है। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब एयर इंडिया की सुरक्षा और मेंटेनेंस को लेकर के पहले से ही सवाल उठते रहे हैं। पिछले कुछ समय में एयरलाइन के संचालन और इंजीनियरिंग प्रक्रियाओं को लेकर के कई रिपोर्ट्स में चिंता जताई गई है। हालांकि इस घटना में पायलट की सूझबूझ और त्वरित कार्यवाही ने एक बड़े हादसे को टाल दिया। एयर इंडिया की फ्लाइट A12812 एक ऐसा हादसा जो होते-होते रह गया। सवाल यह कि आखिर Air इंडिया के विमानों के साथ बार-बार ऐसा क्यों हो रहा है? फिलहाल सभी यात्री सुरक्षित है और जांच जारी है। लेकिन यह घटना एक बार फिर विमान सुरक्षा और तकनीकी निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

यह घटना महज एक इत्तेफाक नहीं है। पिछले महीने ही यूरोपीय विमानन सुरक्षा एजेंसी ने अपनी रिपोर्ट में एयर इंडिया की सुरक्षा में बड़ी खामियों का जिक्र किया था। ऐसे तमाम मौके आए जब विमानन कंपनियों के इंजीनियरिंग मानकों और रखरखाव को लेकर बार-बार सवाल उठे। पिछले साल हुए एक बड़े हादसे की यादें अभी भी ताजा हैं। जिसमें 260 लोगों ने जान गवाई थी। हालांकि उसमें तकनीकी खराबी नहीं मिली थी लेकिन बार-बार इंजन फेल होना यात्रियों के भरोसे को तोड़ रहा है।

हालांकि मुंबई में गुरुवार को जो हुआ वो एक चमत्कार से कम नहीं था। पायलट की सूझबूझ की तारीफ होनी चाहिए। लेकिन एयर इंडिया को पूरे मामले पर गहराई से मंथन की जरूरत है क्योंकि हर बार किस्मत इतनी मेहरबान नहीं होती।

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