अहमदाबाद विमान की 3 रुला देने वाली कहानियां, किसी की बेटी, किसी की पत्नी! सब तबाह।

यह जो करुण क्रंदन आपने सुना यह एक मां की वो पुकार है जिसका जवाब अब शायद कभी नहीं मिलेगा। नमस्कार आज का यह वीडियो करना मेरे लिए बहुत मुश्किल है। आज हम आंकड़ों की बात नहीं करेंगे। हम अहमदाबाद प्लेन हादसे में हुई निधन की गिनती नहीं करेंगे। तीन जिंदगियों की, तीन सपनों की और तीन परिवारों की। जो अहमदाबाद प्लेन क्रैश में हमेशा के लिए खो गए। यह हैं नगन थोई शर्मा, कंग ब्रेलत पम।

एयर इंडिया की उस बदनसीब फ्लाइट में एक क्रू मेंबर। जब उनके परिवार को हादसे की खबर मिली तो मानो उन पर कयामत टूट पड़ी। घर के लाल रंग के फर्श पर बैठकर परिवार वाले पागलों की तरह फोटो एल्बम पलट रहे हैं। बस अपनी बेटी की एक तस्वीर देखने के लिए। उनकी मां बार-बार यही कह रही है। मेरी बच्ची कहां चली गई और एक रिश्तेदार चीख रही है। मेरा फोन लाओ। मुझे उसकी तस्वीरें देखनी है। मेरा दिमाग फटा जा रहा है।

सोचिए उस परिवार पर क्या बीत रही होगी जिनकी बेटी आसमान में उड़कर लोगों की सेवा कर रही थी। और अब वह सिर्फ उसे तस्वीरों में ढूंढ रहे हैं। अब मिलते हैं खुशबू राजपुरोहित से। राजस्थान के बालोतरा जिले के एक छोटे से गांव के रहने वाली एक दुल्हन जिसके हाथों की मेहंदी का रंग भी शायद अभी फीका नहीं पड़ा था। इसी साल जनवरी में खुशबू की शादी मनफूल सिंह से हुई थी।

मनफूल लंदन में पढ़ाई कर रहे हैं। शादी के बाद खुशबू पहली बार अपने पति से मिलने लंदन जा रही थी। उसके दिल में कितने अरमान रहे होंगे। कितनी उम्मीदें रही होंगी।

पहली बार अपने हमसफर के पास जाने की कितनी खुशी होगी। यह वीडियो यह खुशबू का आखिरी वीडियो है। घर से निकलते समय जब वह अपने परिवार से विदा ले रही थी। किसे पता था कि यह उसकी आखिरी विदाई होगी। वो अपने पति से मिलने तो जा रही थी लेकिन मंजिल तक कभी पहुंच नहीं पाई। एक पूरा गांव, एक परिवार और लंदन में इंतजार कर रहा एक पति। सबकी दुनिया एक पल में उजड़ गई। इस हादसे में दर्द की हर कहानी एक दूसरे से बड़ी है। यह हैं अपर्णा महाडिक तटकरे। उसी विमान में एक और क्रू मेंबर। अपर्णा महाराष्ट्र के एक बड़े एनसीपी नेता और सांसद सुनील तटकरे की भतीजी थी। लेकिन उनकी कहानी में एक और दर्दनाक पहलू है।

अपर्णा के पति अमोल वो खुद एयर इंडिया में पायलट हैं। सोचिए जरा जिस वक्त अपर्णा का विमान हादसा हुआ, उसके पति अमोल अपनी ड्यूटी पर थे, और करीब घंटे पहले ही उन्होंने दिल्ली में अपना विमान लैंड किया था। जैसे ही उन्हें खबर मिली वह अपनी पत्नी के लिए अहमदाबाद के लिए भागे। एक पायलट जो रोज हजारों लोगों को उनकी मंजिल तक पहुंचाता है आज अपनी ही पत्नी तक नहीं पहुंच सका। सोचिए उस इंसान पर क्या गुजर रही होगी जो जानता है कि आसमान में हर एक पल कितना कीमती होता है और उसकी पत्नी के आखिरी पल कैसे रहे होंगे। नगन थोई, खुशबू, अपर्णा। यह सिर्फ तीन नाम नहीं है। यह उन 242 कहानियों में से तीन कहानियां हैं जो अब अधूरी रह गई।

हर सीट पर एक सपना बैठा था। हर चेहरे के पीछे एक परिवार था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि यह दुख शब्दों से परे है। विमान का ब्लैक बॉक्स मिल गया है। जांच चल रही है। कारण भी शायद पता चल जाएगा। लेकिन क्या इससे वह मां वापस अपनी बेटी को देख पाएगी? क्या वह पति अपनी पत्नी से मिल पाएगा? क्या वह पायलट अपनी पत्नी को वापस ला पाएगा? नहीं।

इस मुश्किल घड़ी में हम सिर्फ उन परिवारों के लिए प्रार्थना कर सकते हैं। इस वीडियो को बनाने का मकसद सिर्फ आपको दुखी करना नहीं बल्कि यह याद दिलाना है कि हर आंकड़े के पीछे एक इंसान होता है। एक कहानी होती है। इस दर्दनाक हादसे में जान गवाने वाले सभी लोगों की आत्माओं को शांति मिले।

Leave a Comment