अहमदाबाद प्लेन हादसे को आज पूरा एक महीना बीत गया। उससे ठीक एक दिन पहले इसकी शुरुआती रिपोर्ट आ गई कि कैसे यह हादसा हुआ। कौन सी कमियां रह गई? क्या कमियां रह गई? किस तरह से यह बड़ी दुर्घटना सामने आई जो कि विश्व की प्लेन क्रैश की में एक बड़ा अध्याय है। अब यह जो दुर्घटना हुई इसके जो शुरुआती जांच रिपोर्ट सामने आई है वो चौंकाने वाली है। बहुत सारे ऐसी बातें हैं जो इस शुरुआती जांच रिपोर्ट में सामने आई है। चाहे वो प्लेन की खराबी से लेकर हो या फिर उस दिन हुआ क्या था उससे ठीक एक दिन पहले जो शुरुआती जांच रिपोर्ट अहमदाबाद प्लेन हुए हादसे को लेकर आई उसमें बहुत सारी बातें सामने आई है क्योंकि अगर अगर एआई71 की बात की जाए ये नई तकनीक का विमान है।
पूरी दुनिया में 787 जो बोइंग विमान है वो इस वक्त यात्रियों को लाने ले जाने का काम करता है। वैसे में जब ये हादसा हुआ तो सवाल बहुत उठे। अब उन्हीं सवालों का जवाब देता हुआ यह रिपोर्ट है। क्या कुछ है इस रिपोर्ट में सिलसिलेवार तरीके से?
देखिए एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो जो होता है इसने इसकी जांच की हैऔर जो शुरुआती रिपोर्ट आई है उसमें इस हादसे की जो बड़ी वजह बताई गई है वो ये बताई गई है कि जो फ्यूल कट ऑफ स्विच होता है ये रन मोड से कट कट ऑफ पोजीशन में चला गया। यानी कि अगर आप इसको सरल शब्दों में समझें जो फ्यूल सप्लाई स्विच था वह बंद हो जाता है और प्लेन के दोनों इंजंस को फ्यूल सप्लाई बंद हो जाती है और एक सेकंड के अंदर प्लेन के दोनों इंजंस काम करना बंद कर देते हैं।
एन वन और एन टू रोटेशन स्पीड तेजी से गिरने लगती है। ये थोड़ा सा टेक्निकल टर्म है। हम सरल शब्दों में समझाएंगे आपको। यानी कुल मिला के जो बातनिकल के जो अब सामने आ रही है वो यह कि फ्यूल स्विच का कट ऑफ हो जाना जिसकी वजह से फ्यूल सप्लाई रुक जाता है और दोनों इंजन जो है वो काम करना बंद कर देते हैं।
अब देखिए इसमें एक जो कॉकपिट वॉइस रिकॉर्डर है इससे जो बात सामने आई है वो तो और भी ज्यादा चौंकाने वाली है। हम बताया जा रहा है कि पायलट और को पायलट के बीच एक्सीडेंट के ठीक पहले आपस में बात हुई जिसमें जो पायलट सुमित सबरवाल थे इन्होंने अपने को पायलट क्लाइव कुंदर से सवाल पूछा तुमने इंजन फ्यूल क्यों बंद किया ये सवाल जो है ये सुमित सबरवाल जो कि मेन पायलट थे इन्होंने अपने को पायलटक्लाइव कुंदर से सवाल पूछा तुमने इंजन फ्यूल क्यों बंद किया इसके जवाब में को पायलट जो है क्लाइव कुंदर ने कहा मैंने कुछ नहीं किया। मैंने उसे बंद नहीं किया। इतनी बात जो है वो कॉकपिट वॉइस रिकॉर्डर में रिकॉर्ड हुई है।
अब देखिए इसमें जो है ये जो पायलट्स के बीच में ये डिस्कशन हुआ कि तुमने फ्यूल जो है क्यों कट ऑफ क्यों बंद किया और उसका कहना को पायलट का कि हम मैंने बंद नहीं किया। हां। इससे दो बात निकल के आती है। पहली बात तो यह दोनों पायलट्स इस बात को लेके थोड़े कंफ्यूजन वाले स्टेट ऑफ़ माइंड में थे कि फ्यूल सप्लाई आखिर बंदकैसे हो गई? क्या ये एक पहली पहली बार ये अंदेशा जताया गया कि क्या ये गलती से बंद हो गया? मेन पायलट का ये पूछना को-पायलट से कि तुमने फ्यूल कट ऑफ तो नहीं किया? स्विच क्यों बंद तुमने बंद क्यों कर दिया? इसका मतलब ये है कि फर्स्ट पायलट को ये नहीं पता था कि कैसे बंद हुआ? फ्यूल सप्लाई बंद कैसे हुई? और को पायलट का ये कहना कि नहीं मैंने बंद नहीं किया।
इसका मतलब उन्हें भी नहीं पता था कि फ्यूल कट ऑफ हो गया है। भैया कैसे हुआ कट ऑफ? ये उन्हें भी नहीं पता। इससे ये बात साबित होती है कि या तो दोनों पायलट्स को ये पताही नहीं था कि फ्यूल कट ऑफ कैसे हुआ। ये इशारा करता है टेक्निकल फौ्ट था। क्या फ्यूल स्विच जो सप्लाई स्विच है क्या इसमें कोई फ़ौल्ट था और वो अपने आप कट ऑफ मोड में हो गया। टेक ऑफ करते साथ। हम और या फिर दूसरी चीज कि क्या गलती से ये बंद हुआ? हम क्या पायलट इस बात का कोपायलट जो थे या जो है क्या गलती से ये बंद हुआ? इसकी भी अभी ये भी जांच के दायरे में है। लेकिन फिलहाल जो ये बात हुई है कॉकपेट वॉइस रिकॉर्डर से सामने आई। इससे ये लगता है कि दोनों पायलट्स को ये नहीं पता था कि कैसे हुआ क्या उस समय कंफ्यूजन था। अब इसरिपोर्ट्स में जो बात की गई है वो एग्जैक्ट टेक ऑफ के तुरंत बाद इंजन में फ्यूल जाना बंद हो जाता है। हम फ्यूल स्विच बंद हो जाता है। उड़ान के बाद रन स्विच कट ऑफ में बदला। प्लेन के दोनों इंजन एक सेकंड में बंद हो गए।
दोनों इंजन बंद होने के बाद प्लेन की गति गिरने लगी। पायलट ने इंजन को दोबारा स्टार्ट करने की कोशिश की। एक इंजन ने रिकवरी शुरू की। लेकिन दूसरा इंजन रिकवर नहीं हो सका और तेजी से फ्लाइट नीचे आ गई। ये बड़ी-बड़ी बातें जो है वो इस रिपोर्ट में कही गई है। अगर हम सवालों के लिहाज से देखें कि जो आम लोगों के मन में सवाल आ रहे हैं कि भाईटेक ऑफ के फौरन बाद क्या हुआ? तो जवाब इस रिपोर्ट में एक जो रिपोर्ट आई है प्रिलिमिनरी रिपोर्ट्स बता रहे हैं जो उसमें ये कहा गया कि टेक ऑफ के फ़ौरन बाद दोनों इंजन बंद हो गए। हम क्या इंजन दोबारा स्टार्ट करने की कोशिश की गई? जवाब है जी साहब हां पायलट ने इंजन को दोबारा स्टार्ट करने की कोशिश की गई। अगर हम तीसरा सवाल लें दोबारा इंजन स्टार्ट करने पर क्या हुआ?
जवाब है इंजन वन ने रिकवरी शुरू की लेकिन इंजन टू रिकवर नहीं हो पाया। अगला सवाल क्या प्लेन के ईंधन में कोई दिक्कत थी? प्लेन के फ्यूल में किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं।क्योंकि डीआरडीओ ने भी इसकी जांच की ये जी। ये जो थ्योरी है बड़े समय से चल रही थी। क्या कंटमिनेशन था फ्यूल में? क्या उसमें वाटर तो नहीं मिला था? क्या उसमें जंग तो नहीं लगी थी? यह सब तो फ्यूल में कोई दिक्कत नहीं थी। पायलटों के बीच की बातचीत का जहां सवाल है जो हमने बताया पायलट वन ने कहा कि इंजन क्यों बंद किया? दूसरे पायलट ने कहा मैंने इंजन बंद नहीं किया और उसके बाद जो है कितनी देर बाद मेड डे कॉल दी गई। उड़ान के 26वें सेकंड पर मेड डे कॉल दी गई। यानी 26 सेकंड के अंदर ये सब कुछ हो चुका था। बिल्कुल बहुत कम समय था।फ्लाइट हां जो स्विच था वो बंद हो चुका था। फ्यूल स्विच जो है वो रन मोड से मोड में जा चुका था। जो एक्सपर्ट्स हैं वह भी यह बताते हैं कि कभी भी कोई पायलट जो है वो इस तरह से फ्यूल स्विच बंद नहीं करता है। जो एक्सपर्ट है सवाल ही नहीं उठता है। तो फिर इसमें क्या दोनों बहुत एक्सपर्ट एक्सपर्ट पायलट्स थे दोनों। तो कोई इसमें सवाल ही नहीं है कि उनसे गलती हो जाए।
मतलब हम हमारा सोचना ऐसा है कि हालांकि सच कुछ भी हो सकता है। लेकिन फोरी तौर पे ये लगता है कि पायलट्स की तो गलती नहीं थी। अबकि [संगीत] जो रिपोर्ट है इसके बाद जो है एक बड़ी इंटरेस्टिंग बातनिकल के सामने आई है। अमेरिका के फेडरल एिएशन अथॉरिटी एफएए ने दिसंबर 2018 में फ्यूल कंट्रोल स्विच को लेकर एक चेतावनी जारी की थी। एफएफए ने कहा था कि कुछ बोइंग 737 विमान में फ्यूल कंट्रोल स्विच के लॉकिंग फीचर को सही नहीं पाया गया है। ये एफएए जो है अमेरिका की फेडरल एिएशन अथॉरिटी जो है इसने 2018 में एक वार्निंग जारी की यह कहा था और फ्यूल कंट्रोल स्विच का जो लॉकिंग फीचर होता है इसको लेकर सवाल उठाए थे कि यह इसमें खामी हो सकती है इस लॉकिंग फीचर में लेकिनकि एफएफए ने इसे बहुत ज्यादा गंभीर नहीं माना था और इसे एकएडवाइज़री के रूप में जारी किया गया। एयर इंडिया ने इसकी जांच नहीं कहा। एफएफए की ये चेतावनी सिर्फ सलाह के रूप में थी। इसलिए एयर इंडिया ने इससे कोई जुड़ी जांच नहीं करवाई। हां बिल्कुल उन्होंने देखिए एयर इंडिया ने ये साफ तौर से कहा कि अगर वो कहते कि ये मैंडेटरी है इसकी जांच जरूरी है।
ग्राउंड वर्कर जब जांच करते हैं अगर पूरी प्लेन की या इंजीनियर वहां पर जांच करते हैं तो इसको भी अगर कहा जाता कि नहीं इसे जांच करना जरूरी है तो फिर इसे जांच किया जाता। लेकिन उन्होंने एक तरह से कह दिया कि देखिए ये भी हो सकता है। इसतरह की बातें करके छोड़ दिया इसमें देखिए भले ये बात ठीक है लेकिन फ्यूल कट ऑफ स्विच का रन से कट ऑफ मोड में जाना और वो टेक ऑफ के कुछ ही सेकंड के अंदर अगर आप टोटल इसको फॉलो करेंगे देखिए एग्जैक्टली क्या होता है 11 बजके एक दोपहर को 1:13 पे विमान ने पुशबक और स्टार्टअप की परमिशन मांगी 13 बजके 13 सेकंड पर एटीसी ने पुशबैक की अनुमति दे दी परमिशन दे दी 136 16 पर एटीसी ने स्टार्टअप की अनुमति दे दी। 13:19 पर एटीसी ने रनवे की पूरी लंबाई की अह जरूरत पूछी। विमान ने इसकी पुष्टि कर दी। उसके बाद 13:25 पर यानी कि दोपहर को 13:25 पर विमान ने टैक्सीक्लीयरेंस मांगी जो दे दी गई। 13:32 पे विमान को ग्राउंड से टावर कंट्रोल में ट्रांसफर किया गया।
13:33 विमान को रनवे 23 पर लाइन अप का निर्देश दिया गया। 13:37 विमान को टेक ऑफ की अनुमति मिली और 139 AI171 ने मेडे की कॉल ली। हम्। तो, आप देखिए 13:13 से यह 13:39 39 यानी बहुत कम समय के अंदर ये पूरा शुरू से लेके आखिरी तक की कहानी है। प्लेन में यात्री चढ़ने के बाद से लेके ये उसकी टाइमलाइन सामने आई है। अब इसमें देखिए ये जो फ्यूल कट ऑफ जो होता है। हम्म। अच्छा एक गौर करने वाली बात और यह है कि रिपोर्ट में यह भी कहा गया है किहादसे की जो फुटेज हुई है जिसको देखा गया ध्यान से तो रैम एयर टरबाइन होती है आर एटी कहते हैं वो बाहर निकल आते हैं जैसे ही फ्यूल सप्लाई हो जाता है तो उसको भी साफ देखा जा सकता है है ना ये तब होता है जब विमान में पूरी तरह से बिजली और इंजन की सप्लाई खत्म हो जाती है तब ये होता है और वो उसमें वीडियो में वो साफ दिखाई दे रहे हैं।
उसके बाद ब्लैक बॉक्स यानी एनहाउंस्ड एयरबोन फ्लाइट रिकॉर्डर जो होता है ईए एएफआर उसके डाटा से पता चला है कि दोनों फ्यूल स्विच को दोबारा रन पोजीशन पर लाया गया लेकिन रिकवर नहीं हो पाएगाएक्सपर्ट की मतलब मैं पढ़ रही थी तो वहां पर कहा गया कि ये जो फ्यूल स्विच होता है उसे बंद प्रॉपर किया जाता है। जैसे उसमें कि दो मोड होते हैं। पहला कट ऑफ और दूसरा रन। फ्यूल स्विच को रन और कट ऑफ करने के लिए पहले पायलट को स्विच खींचनी होती है और फिर इसे रन से कट ऑफ की तरफ घुमाना होता है। यानी ये भी एक प्रोसेस है। धोखे से नहीं हो सकता। तो क्या इसके पीछे साजिश की भी बात नहीं अभी अभी देखिए ये बात है कि जो फ्लैप की सेटिंग है 5° पे होने चाहिए। वो 5° पे थे साहब। लैंडिंग गियर के लीवर्स जो थे वो नीचे की तरफ थे। बिल्कुल स्टैंडर्ड थे।क्योंकि अभी तो फिलहाल तो फिलहाल एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो का यह कहना है कि फिलहाल इसमें कोई साजिश नहीं दिख रही। हम्। अब पायलट जानबूझ के तो बंद करेगा नहीं भाई। कि उसने बंद कर दिया हो और गिरा दिया हो प्लेन। ऐसी कोई संभावना फिलहाल दूर-दूर तक नहीं है। तो अब देखिए यह कट ऑफ मोड में उसका जाना रन से कट ऑफ मोड पे जाना ये फिलहाल जो है वो एक टेक्निकल एरर ही लगता है और खासकर उस चेतावनी के बाद जो हमने आपको बताई एफएफए की तरफ से अमेरिका की जो फेडरल एिएशन अथॉरिटी है बड़ा स्पेसिफिकली वो फ्यूल कंट्रोल स्विच को लेकर चेतावनीजारी की थी उसने।
