अहमदाबाद छात्र केस: हिंदू लड़के के साथ हुई वारदात के लिए पीड़ित परिवार ने मुस्लिम परिवार को कोसा।

अहमदाबाद के खोखरा में जो स्कूल में जो वारदात हुई है जो नयन जो लड़का था उसके पीड़ित के जो परिवार है अपने साथ जुड़ा है उनके पिता से बात करेंगे क्या मामला था किस कारण ये घटना घटी क्या है समग्र मामला ये मेरा बच्चा समझो स्कूल में पढ़ता है और मेरे भाई का लड़का भी स्कूल में पढ़ता है तो समझो वो ए स्टैंडर्ड में मेरा बच्चा बच्चा 10थ स्टैंडर्ड में पढ़ता था। तो कुछ भी अंदर फ्रेंड्स में कुछ छोटी-छोटी बात हुई होगी या धक्के की बात या कुछ भी बात थी तो मेरे भाई के लड़के की समझो तीनचार लड़कों के साथ मगजमारी हुई हुई थी। तो उसने समझो बड़े भाई के हिसाब से मेरे बेटे को बोला भाई मेरे को ये तीन-चार लोग परेशान कर रहे हैं। तो मेरा बेटा उनको खाली समझाने गया था।

वहां पर जैसे ही समझो समझाने गया तो 810 बच्चों ने उसको पूरा सर्कल बना के घेर लिया और वहां पर तीन चार जनों ने उसको मारा भी चलो ठीक है वो मारा वो हर स्कूल में होता रहता है लेकिन एक लड़के ने जिसका नाम मुसेद है उसने आके उसको डाल दी पेट के अंदर तो उसको पता नहीं चला फिर वो दौड़ते दौड़ते समझो स्कूल के वहां पे आ गया और अंदर जाके समझो जैसे ही वो उसको पता चला ना तो बेहोश होके गिर गया अभी वहां पे उस टाइम पे स्कूल छूटा टूटा हुआ था।

कम से कम 100 से 150 जन का सिक्योरिटी का स्टाफ था और स्कूल मैनेजमेंट भी सब हाजिरी थे वहां पे। लेकिन किसी ने भी मेरे बच्चे को हाथ भी नहीं लगाया। भाई आके हेल्प करें आज स्कूल की जवाबदारी होती है। कुछ भी बच्चे को होता है तो उसको हॉस्पिटल हॉस्पिटल में समझो टाइम टू टाइम उसको पहुंचाना है या कुछ भी बात हो।

लेकिन ऐसी बात में समझो पूरा हो रहा था नीचे। किसी ने भी समझो हाथ नहीं लगाया। यह समझो मौका वारदात पे मेरी वाइफ वहां पे पहुंच गई और मेरी बड़ी भाभी वहां पे ही थी। तो उन्होंने दोनों मिला के दोनों ने अपने हाथों से उठा के उसको रिक्शा में बिठाया। फिर हॉस्पिटलाइज लेके गए। इसके बाद समझो स्कूल के अंदर जो भी दाग खून के थे वो लोग ने पानी का टैंकर मंगा के वो पूरे धाग धो दिए। साफ कर दी है और सीसीटीवी कैमरा में से भी फुटेज गायब हो गई है।

अभी तो समझो कार्यवाही बहुत अच्छी तरह से चालू हुई है। सरकार भी हमारा साथ दे रही है। सब हमारा अच्छी तरह साथ दे रहे हैं और हमको जस्टिस चाहिए, न्याय चाहिए। जो यह लोग न्याय बोल रहे हैं भाई छोटे बच्चे के हिसाब से उसको दो या तीन साल की कस्टडी में रखेंगे। ऐसा न्याय तो हमारे को ऐसा न्याय तो नहीं दो तो अच्छा ही है। यह न्याय हमको नहीं चाहिए। जो मेरे बेटे के साथ हुआ है ऐसा ही सामने वाले के साथ होना चाहिए तो वही हम मानेंगे भाई वही न्याय है।

हमारे को ऐसा न्याय चाहिए भाई सामने मेरा बेटा गया है तो उसके मां-बाप को भी ऐसा फील होना चाहिए भ उसका बेटा भी गया है। बस ऐसा कुछ न्याय हमको चाहिए। जो नयन की जो माता है जो अस्पताल ले गई थी उनसे बात करेंगे। क्या क्या घटना थी उस टाइम? बस उस टाइम जैसा मेरे हस्बैंड ने आपको सब बताया कि बच्चों के बीच में कुछ कहासनी हुई थी। उनकी वजह से यह पूरा हो गया है। इसीलिए मेरा बस सबसे इतना ही कहना है कि मेरा बच्चा बहुत दयावान था और जाते-जाते भी अपने जीव का बलिदान दिया है। उसने हजारों दूसरों बच्चों को बचाने के लिए उसने अपने जान की गवाही दे दी।

उसकी यह दया की वजह उसको इतना न्याय जरूर दिलाना कि उसको ऊपर उसकी आत्मा को शांति जरूर मिले कि मेरे मां-बाप ने मेरे फेवर में कुछ किया क्योंकि सेवन डे में अब से ले पहले भी ऐसे पांच छह बार ऐसी घटना घट चुकी है।

लेकिन किसी ने भी एक्शन नहीं लिया था। शायद सब वेट कर रहे थे कि मेरे बच्चे के साथ ऐसा वो अपने जान की बलिदान दे। तब भी सब अभी जागृत हुए हैं। सब एक्शन ले रहे हैं। इसीलिए मेरे बच्चे को न्याय दिलाइए कैसे भी करके बस और जो घर के जो व है वो जुड़े हैं। उनकी जो नयन की दादी मां है। मां घर का जो चिराग था वो बुझ गया है। मैं कुछ नहीं बोल सकती। मेरा गुलाब का फूल था। मेरे को पता नहीं था स्कूल जाएगा तो दूसरे दिन उसकी आर्सी घर में आएगी। मेरे को कांटा चुभ के गया। मेरा गुलाब का फूल चला गया। मैं कुछ नहीं कहना चाहती। एक चैट वायरल हुई थी कि जो लोग हैं यह वारदात के बाद Instagram में एक चैट वायरल हुई थी। उसको लेके भी पुलिस काम कर रही है। उसमें जांच में पता चला है कि ये लोगों ने जो ये घटना घटी उसके बाद डिस्कस किया। ये समझो उनका प्लानिंग था ही वो बच्चा पहले से ही स्कूल में समझो दो-तीन बार उन्होंने उसने अटेम्प्ट किया है किसके ऊपर।

लेकिन क्या किसको इतनी बड़ी चोटवोट नहीं लगी है? छोटा मामला होकर समझो किधर स्कूल में पहुंचा भी नहीं है। लेकिन ये समझो उसने एक साल के अंदर समझो तीसरी बार ऐसे अटेम्पट किया है। जो पूरी प्री प्लानिंग थी। चैट के अंदर भी आप देखोगे इंस्टा पे आपको सब रील्स तो आ गई होंगे। इंस्टा के अंदर सब लिखा हुआ ही है। भाई चलो एक छुरा मार दिया। छुरा मार दिया। कोई बात नहीं। क्या होगा? वो ऐसा सब लिख रहा है उसके अंदर। जवाब है। हो गया तो हो गया। अब क्या होगा? उसका यह रिप्लाई सुनके तो हम बहुत शॉक्ड हो गए हैं।

फिलहाल जो परिवार है वह न्याय की मांग कर रहा है। साथ में पुलिस है और यहां के विधायक हैं। सब लोग हैं वो इस तपास में जुड़ गए हैं। इनके जो बड़े जो भाई है नयन के जो बड़े पापा है उनसे बात करेंगे। क्या हाल वातसा था? क्या घटना क्या हुई थी? घटना यही बस जो जो बोला था ब्रदर ने वही पूरी घटना हुई थी सर और हमको भी यही न्याय चाहिए। वो लड़के को लाके हमारे सामने फांसी दो या उम्र कहती सजा दो तभी हमको न्याय मिलेगा ये लड़के को उनकी बड़ी मम्मी है वो बात करेंगे जैसे मेरे देवर ने सब बताया बात जो बात हुई है झगड़ा हुआ मेरे लड़के का वो इतना बड़ा इशू नहीं था कि लगा दे उसको और उसने चाकू लगाया है मतलब इस तरह से लगाया है ना मेरे को लग रहा है वो तो सीखा हुआ है ही है लड़का और उसने चाकू लगाया उसने गलती की है पर उससे बड़ी गलती स्कूल वालों की भी है। उन्होंने टाइम पे हॉस्पिटल नहीं पहुंचाया। हमको कोई सपोर्ट नहीं मिला। मेरी देरानी ने मैंने उठाया। फिर दो-तीन लड़के स्कूल के आए। उन्होंने उठा के ऑटो में रखवाया। ऑटो भी मैं बाहर करवाने गई। 108 बुला रही थी मेरी लड़की को। मैंने बोला 108 को फोन कर। तो कोई पता नहीं कौन था। मेरे को आके बोल रहा था पुलिस केस होगा।

पुलिस केस होगा। मैंने बोला भले कोई भी हो। 108 नहीं आई तो फिर हम ऑटो करवा के गए। और ऑटो मैं करवाने गई। मेरी देरानी मैं उठा के उसको हॉस्पिटल लेके गए। उनके पापा है। कम से कम समझो यह सेवन डे स्कूल के 20 से 25 केस ऑलरेडी पेंडिंग पड़े पुलिस स्टेशन में और वहां पे समझो वो पैसे खिला के ये सब समझो केसेस दबा देते हैं। आज जो प्रिंसिपल है उसका डॉक्टर जी इमैनुअल वो उसको समझो पहुंच के हिसाब से बहुत बड़ी पहुंच है उसके हिसाब से समझो वहां पे वो सब केसेस दबा रहे हैं वहां पे। यह केसेस दब रहे हैं। आज से 2 4 महीने पहले भी मेरे बड़े भाई साहब ने समझो इसकी क्लास में जो बच्चा पढ़ता है वह क्लास के अंदर समझो कोई छड़ी लेके आया लेके आया था तो मेरे बड़े भाई साहब ने वहां पे जाके कंप्लेन की थी भाई ये समझो क्या लड़के का नाम था मुझे पता नहीं है भाई ये छुरी लेके आया तो टीचर ने खाली बस लेके उसको एक ऐसे ही वार्निंग देके छोड़ दी वो दूसरे दिन फिर से लेके आया वो उस समय मेरे भाई के बच्चे को फिर से बता रहा है बोले देख तूने कंप्लेन कर दी मैं दूसरी लेके आया हूं मतलब ये क्या है यह स्कूल है। यहां पे सब विद्या लेने जाते हैं या ऐसे छुरी और ऐसे सब काम करने की जाते हैं। हमें स्कूल के ऊपर भी स्ट्रिक्टली एक्शन लेना है और हो सके तो स्कूल का लाइसेंस पूरा रद्द ही करवाना है और रद्द हो के ही रहेगा। जैसे आगे दूसरे बच्चे के साथ ऐसा कोई भी हादसा ना हो।

बस हम यही चाहते हैं। हमें जस्टिस चाहिए। हमें न्याय चाहिए। सरकार भी हमारे साथ हो और पूरा देश भी हमारे साथ हो। हम यही बोलना चाहते हैं। फिलहाल जो परिवार है वो न्याय की मांग कर रहा है। स्कूल प्रशासन है उसकी जो लापरवाही है वो सामने आई है और एक घर का जो चिराग है फिलहाल बुझ गया है।

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