आसाम दौरे के दरम्यान हाइवे पर क्यों उतरा पीएम मोदी का विमान?

38 टन दिस ट्विन इंजन फाइटर अभी-अभी आपने जो तस्वीर देखी वो भारतीय वायुसेना का C130 एयरक्राफ्ट है जिसमें पीएम मोदी सवार थे और असम के एक इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी में इसी एयरक्राफ्ट में पीएम मोदी ने लैंडिंग की है। यह इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी क्या है? और सबसे इंपॉर्टेंट चीज जिसकी चर्चा हो रही है C130 एयरक्राफ्ट। C130 एयरक्राफ्ट के बारे में बताइए और यह भी बताइए कि इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी क्या है? क्योंकि बताया जा रहा है।

नॉर्थ ईस्ट में पहली बार ये इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी बनाई गई है। देखिए पहली चीज है कि इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी बनाने का मकसद ये होता है कि जब भी आपके देश में जंग छिड़ती है तो दुश्मन का पहला आपके एयर बेसिस पे होता है। और ये इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी चाइना से सिर्फ 300 कि.मी. की दूरी पर बताई जा रही है।

हां ये बहुत दिलचस्प चीज है क्योंकि डिब्रूगढ़ जहां पे ये लैंडिंग फैसिलिटी है असम में वो चाइना बॉर्डर से बहुत करीब है। 300 कि.मी. ऐसे मतलब डिस्टेंस में आप देखेंगे तो ज्यादा हो जाता है। बाय रोड ऐसे बहुत ज्यादा माना जाएगा। लेकिन ये एरियल डिस्टेंस मैं बता रहा हूं जो हवा से डिस्टेंस जो विमान हवा वाली डिस्टेंस मानते हैं। उस हिसाब से ये 300 कि.मी. है और हमारे अन्य विमान भी जो रफाल और सुखोई उतरे सुखोई की रेंज है लगभग 3000 कि.मी. के आसपास एक फुल टैंक पे। 3700 कि.मी. के आसपास जा सकता है फुल टैंक पे। तो यह बहुत दिलचस्प है कि सिर्फ 300 कि.मी. और ये कोई तनाव बढ़ाने के लिए नहीं है। हर देश अपनी सुरक्षा के लिए तमाम ऐसे समय-समय पे उपाय करता रहता है। नॉर्थ ईस्ट मेंकि हमारे एयर बेसेस हैं, एयर स्ट्रिप हैं। तमाम चीजें हैं। मिलिट्री के अच्छे इंस्टॉलेशन है वहां पे। लेकिन इमरजेंसी में हम क्या करते हैं? क्योंकि आप देख रही हैं कि बहुत चिकन नेक का भी इलाका है। वहां पे डिब्रूगढ़ जो भी असम वम का इलाका है। तो चाइना से भी सटा हुआ है।

प्लस वहां पे बांग्लादेश नीचे उसके बांग्लादेश का इलाका पड़ता है जो नॉर्थ ईस्ट के ठीक नीचे। तो इस वजह से वहां पे एक इमरजेंसी स्ट्रिप होना जरूरी था। एयरफोर्स में मैंने कुछ लोगों से बात की तो उन्होंने इस बात को भी कंफर्म किया कि वहां पे हमारी कोई ऐसी चीज नहीं थी ना कि अगर जंग छिड़ जाए हमारी टू फ्रंट वॉर या चीन से संभवत अगर कभी कुछ झड़प होती है या संघर्ष बढ़ता है तो उस सिचुएशन में हम क्या करेंगे? अगर वो हमारे एयर बेसिस पे बमबारी कर देते हैं जैसा हमने ऑपरेशन सिंदूर में किया था पाकिस्तान के एयर बेसिस पे तो उस सिचुएशन में हम क्या करेंगे? इस वजह से अह इस एयर स्ट्रिप को बनाया गया और पीएम का उतरना एक यह पॉलिटिकल मैसेजिंग है।

दूसरे देशों को कि देखिए अगर अब हमारा प्रधानमंत्री हमारी जो लीडरशिप है एक तरीके से वो इन एयर स्ट्रिप पे उतर रही है तो ये आप देख सकते हैं कि वो मतलब दूसरे देशों को एक मैसेजिंग टाइप की होती है कि ये देखिए हमारे विमान यहां पे हैं तैनात हैं और वो साइकोलॉजिकल गेम है वो एक तरीके का। ठीक है मानस यह तो आपने ईएलएफ के बारे में बताया। अब पीछे हमारी जो तस्वीर है C130 एयरक्राफ्ट की इसके बारे में भी बताइए क्योंकि इसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पे काफी शेयर की जा रही हैं और इसके बारे में आप हमें जानकारी दीजिए कि इस एयरक्राफ्ट के बारे में देखिए यह बहुत शानदार विमान है।

अमेरिका से हमने खरीदा है। लॉकहेड मार्टिन एक जो कंपनी है वो इसको बनाती है और बहुत ही मतलब रिलायबल जिसको कहते हैं बहुत ही भरोसेमंद खिलाड़ी है इंडियन एयरफोर्स का। हमने देखा है कि अभी तक जितने भी कठिन एयर स्ट्रिप्स होती हैं जहां पे सरफेस बहुत प्लेन नहीं है, सरफेस बहुत अच्छी नहीं है, ये वहां पे भी लैंड करने की क्षमता रखता है। ये टैक्टिकल एयर लिफ्ट कहते हैं इसको। तो इसमें चार इंजन होते हैं।

इसी वजह से ये भारी से भारी पेलोड करीब-करीब 124 के आसपास ये लोगों को ले जा सकता है। जो पैराट्रोपर्स होते हैं हमारे जो जिनका गियर और इक्विपमेंट करीब-करीब 50 किलो का वो गियर लेके चलते हैं। उसके साथ भी अगर देखें तो ये 92 पैराट्रोपर्स को एक साथ ले जा सकता है। वजन की बात करें तो यह टैक्टिकल एयरलिफ्ट इसको इसीलिए कहा जाता है क्योंकि यह 22 से 25,000 किलो यानी 22 से 25 टन का वजन यह बहुत आसानी से कैरी करता है। और चार इंजन होने की वजह से जहां हवा पर जैसे लद्दाख वाला एरिया हुआ आपका और कुछ ऐसी जगह होती हैं जहां पे विमान को पर्याप्त हवा नहीं मिल पाती ताकि वह ईंधन को जलाए और विमान को आगे लिफ्ट कर सके जमीन से ऊपर। तो इसलिए यह विमान बहुत ही भरोसेमंद माना जाता है कि यह किसी भी सिचुएशन में कहीं भी जा सकता है। तुरंत ट्रूप्स को कहीं भी भेजना, सामान भेजना कहीं भी। जैसे अगर कोई भी संघर्ष होता है, कोई भी जंग होती है तो आपके जवान तो वहां पे तैनात हैं। उनकी लड़ाई की बात अपनी जगह सही है।

लेकिन उन तक सामान और खाना या तमाम चीजें हथियार पहुंचने चाहिए या टैंक्स तक कैरी करते हैं इस जहाज में इंडियन आर्मी के जवान और कुछ दिन पहले हमने देखा था कि लद्दाख में टैंक्स को पैराशूट से बांध के इस इससे ड्रॉप किया गया था इसी जहाज से। तो वह ट्रेनिंग होती है टाइम-टाइम पे यह दिखाने के लिए कि नहीं हमारी ऑपरेशनल रेडीनेस क्योंकि जंग पूछ के नहीं आती। वो कभी भी आ सकती है। दुश्मन हमेशा ताक में बैठा रहता है कि आप थोड़ी सी लापरवाही करें और वो अपने कामयाब हो क्या मतलब C130 पूरी तरह से इंडियन मेड एयरक्राफ्ट है। नहीं ये हमने अमेरिका से खरीदा है।

अमेरिका से ये लॉकेट मार्टिन वहां की कंपनी है। लॉकेट मार्टिन वही कंपनी है जो F35 जिसके बड़े चर्चे हैं ट्रंप साहब बड़ी तारीफ करते हैं जिसकी लॉकेट मार्टिन ही इसको बनाती है। इसके अलावा भी हमारे पास कई मतलब ट्रांसपोर्ट और एयर शो में कुछ जहां स्पेशल जो एयर स्ट्रिप बनाया गया है वहां पर एयर शो भी हुआ और बाकी सारे और भी एयरक्राफ्ट्स ने इसमें हिस्सा लिया है। जो तस्वीरें आप अपनी स्क्रीन में देख सकते हैं। कौन-कौन से एयरक्राफ्ट थे वो मानस मुख्य तौर पर हेलीकॉप्टर थे हमारे MI7 थे ध्रुव हेलीकॉप्टर लेकिन सबसे इंटरेस्टिंग वहां जो रहा वो था रफाल और सुखोई ये दो विमान मतलब सुखोई को इंडियन एयरफोर्स की बैकबोन माना जाता है करीब 280 से 300 के करीब है वो हमारे फ्लट में एग्जैक्ट नंबर्स कभी रिवील नहीं किए जाते रशियन मेड है और बहुत ही रिलायबल विमान ब्रह्मोस दागने की क्षमता परमाणु हमला भी कर सकता है मतलब सुकोई बहुत हमारा एक तरीके से सबसे अच्छा दोस्त माना जाता है इंडियन एयरफोर्स का राफाल अभी दो दिन पहले 114 रफाल्स की डील हुई है। तो आप समझ सकते हैं कि इंडियन एयरफोर्स को कितना भरोसा है उन विमानों पे क्योंकि हर वो विमान जो बैटल हार्डन या बैटल टेस्टेड होता है ना जैसे नाटो की सेनाओं में उसने इतना अच्छा प्रदर्शन किया तो इंडियन एयरफोर्स ने उसको खरीदा। अब इंडियन एयरफोर्स ने ऑपरेशन सिंदूर में जब उसको टेस्ट कर लिया तो उनको लगा कि ये बहुत अच्छा विमान है।

एयरफोर्स का फेवरेट वो भी है और इसीलिए इन दोनों विमानों को क्योंकि कोई भी संघर्ष होगा तो सबसे पहली स्थिति में सबसे हमारे फर्स्ट रिस्पॉन्डर यही दोनों मुख्य विमान होंगे हमारे और दोनों मल्टी रोल विमान हैं। यानी बॉम्बिंग करना, जासूसी करना कई तरह के रोल्स ये एक साथ अदा कर सकते हैं। तो यह रही पूरी एयर शो की जानकारी और आपको

यह भी बता दें कि पीएम मोदी असम के दौरे पर हैं और असम में इस बार विधानसभा चुनाव भी हैं। पीएम मोदी इस एयर शो के बाद उद्घाटन करेंगे कई सारे प्रोजेक्ट्स का। 5000 करोड़ से ज्यादा की लागत के प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन करेंगे पीएम मोदी और जो भी अपडेट्स हैं हम आप तक पहुंचाते रहेंगे।

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