EV कार का प्रदूषण के लिए चालान !इस पुलिस वाले की धौंस तो देखिए

पीयूसी ईवी गाड़ी में पीयूसी होगी कैसे सर? एक चीज़ बताओ मुझे। पोलशन कैसे होगा सर? ईवी गाड़ी है ये। ईवी गाड़ी में कैसे कौन सा पोलशन लागू होता है सर? यह बताओ मुझे। बताइए आप। सर आप बताओ ईवी गाड़ी में पीयूसी मिलती है क्या? बकायदा इस वीडियो के साथ केस लगाऊंगा कि ये देखो ये मेरी गाड़ी है और इन्होंने मेरा चालान फाड़ा है।

वीडियो का यह छोटा सा क्लिप देखकर आपका भी सिर चकरा गया होगा। एक तो इलेक्ट्रिक कार का प्रदूषण के नाम पर पीयूसी चालान काट दिया। उसके बाद भी पुलिसकर्मी अपनी गलती नहीं मान रहे बल्कि दलील दे रहे हैं। यह सब देखकर सामने वाले शख्स का माथा ठनक गया जो कि लाजमी भी था। तो मशीन सर आपने बिल्कुल चालान काटा है। पीवीसी का कैसे काटा है? आप बताओ ना ये गाड़ी है देखो। बकायदा ईवी प्लेट लग रखी है। तो इसमें पीवीसी की प्लेट कहां से लगेगी? सर आप बताइए आप गाड़ी चला रहे हो। क्या ईवी ईवी में पीवीसी प्लेट बनेगी क्या? आपने चालान काट दिया। पीवीसी नहीं है। यह देखकर तो कोई भी समझ जाएगा कि पुलिस वाले से गलती हुई है। लेकिन पुलिस वाले अपनी गलती माने तब ना। उल्टा पुलिसकर्मी इस बात को लेकर सफाई देने लगे।

बाकायदा इस बारे में स्पष्टीकरण देते हुए उन्होंने यह कहकर पल्ला झाड़ दिया कि मेरी नहीं यह तो सिस्टम की गलती है। सर आप बताओ ईवी गाड़ी में पीयूसी मिलती है क्या? मशीन नील बता रही है हमारी। मुझे मशीन बता रही होगी। यह भी गाड़ी में पोलशन नहीं बताएगा क्या? चेक क्यों करें? हम तो माल मशीन चेक करते हैं। तो मशीन सर आप बिल्कुल चालान काटा है। पीवीसी का कैसे काटा है? आप बताओ ना ये गाड़ी है देखो। बकायदा इवी प्लेट लग रखी है। तो इसमें पीवीसी की प्लेट कहां से लगेगी? यही नहीं पुलिसकर्मी कई बार यह कहते सुनाई दिए कि आपको जो करना है आप कर लीजिए लेकिन चालान तो कट चुका है। पुलिस वाले ने इस मामले में क्या दलील दी वो भी सुन लीजिए और उसके बाद आपको बताएंगे पूरा मामला। के चालान भी अभी काटा है। हां पीयूसी है। आप बताओ मुझे पीयूसी गाड़ी नहीं है। अभी तो तीन महीने नहीं हुए गाड़ी लिए हुए। ये नील बता रहा है आपकी मशीन।

पीयूसी ईवी गाड़ी में पीयूसी होगी कैसे सर? एक चीज बताओ मुझे पोलशन कैसे होगा सर? ईवी गाड़ी है ये। ईवी गाड़ी में कैसे कौन सा पोलशन लागू होता है सर? यह बताओ मुझे। बता रही है सर आप बताओ ईवी गाड़ी में पीयूसी मिलती है क्या? मशीन नील बता रही है हमारी। मुझे मशीन बता रही होगी। ईवी गाड़ी में पोलशन नहीं बताएगा क्या? क्यों करें? हम तो हमारी मशीन चेक करते हैं। तो मशीन सर आपने बिल्कुल चालान काटा है। पीवीसी का कैसे काटा है? आप बताओ ना। ये गाड़ी है देखो। बकायदा इवी प्लेट लग रखी है। तो इसमें पीवीसी की प्लेट कहां से लगेगी? सर आप बताइए आप गाड़ी चला रहे हो। क्या ईवी के ईवी में पीवीसी प्लेट बनेगी क्या आपने चालान काट दिया पीवीसी नहीं है मशीन बता रही है हम क्या करें मशीन बता रही है तो सर सिस्टम में अपलोड करो ना नहीं तो मैं करूंगा आरटीओ हाई कोर्ट से केस लगाऊंगा कि सर ये चीज हुई है मेरे साथ लगा दो मशीन मामला राजस्थान के नागौर का है।

इस ईवी गाड़ी के मालिक का नाम है पूाराम जो उस समय जोधपुर में थे। उनके बड़े भाई अशोक पवार गाड़ी चला रहे थे। जब चालान का मैसेज पूनाराम के पास पहुंचा तो उन्होंने तुरंत कार चला रहे अपने बड़े भाई अशोक को कॉल कर तमाम बातों की जानकारी दी। जिस समय पूाराम ने अपने बड़े भाई को फोन किया वो उस समय नागौर में आरटीओ रोड पर ही थे। वहीं जहां पुलिसकर्मी ने उनका चालान काटा था। जैसे ही उन्हें पता चला कि उनकी ईवी कार का प्रदूषण का चालान कट गया है तो वह फुर्ती दिखाते हुए पुलिसकर्मी के पास पहुंचे। पुलिसकर्मी का नाम है एएसआई राजकुमार जिनसे उन्होंने चालान काटने की वजह पूछी। उन्होंने एएसआई राजकुमार को बाकायदा इस बात की जानकारी दी कि यह कार इलेक्ट्रॉनिक है। आप नंबर प्लेट देख लीजिए। लेकिन एएसआई ने तो मशीन का हवाला देते हुए कहा कि हमारी मशीन में इस कार का पीयूसी नहीं दिख रहा तो हमने चालान बना दिया। आपको बता दें पुलिसकर्मी की ओर से ईवी कार पर दो चालान बनाए गए थे। पहला चालान था ₹200 का। कार पर टिंटेड ग्लास यानी काली फिल्म चढ़ाने के लिए और दूसरा चालान था पीयूसी का जो कि ₹1500 का चालान था। कुल चालान आया ₹1700 का।

पहले अशोक पवार ने इस बात का जिक्र किया कि उनकी गाड़ी तो इलेक्ट्रॉनिक है। ऐसे में उनका पीयूसी चालान कैसे बन सकता है? उन्होंने इस बात का जिक्र भी किया कि मेरी गाड़ी के शीशों पर काली फिल्म नहीं चढ़ी है। अशोक पवार बाकायदा वीडियो बनाते हुए इस बात का दावा करते हैं कि उन्होंने काली जाली जरूर लगा रखी थी और वह भी ड्राइवर की तरफ वाले कांच पर नहीं थी। RJ 19 सीq019 इस जगह मेरी गाड़ी का ब्लैक फिल्म का चालान घटा है। कहां नजर आ रहा है इस फिल्म का जगह ब्लैक फिल्म ये मेरी गाड़ी है पारदर्शी। यह अंदर कर लगा है धूप की साइड एक तरफ जो पूर्णत खुली है गाड़ी यह रही नागौर लोकेशन आरटीओ रोड सर का नाम है राजकुमार जी ये सर है इसके बाद पुलिस वाले ने इस बात का जिक्र भी किया कि वो गाड़ी चलाते हुए फोन पर बात कर रहे थे। इस पर अशोक पवार ने कहा कि अगर ऐसा था तो आप मुझे सबूत दिखाइए।

मोबाइल पर बात करते निकले थे। कैसे आप बताओ ना सर कहां है मोबाइल पर बात करते हुए? आपकी गाड़ी में नहीं आ रहा मोबाइल। किस आप तो और कुछ बोल दोगे मैं तो फ़ से चला रहा था। बोलने से नहीं है। आपकी गाड़ी है आप ऐसे बताओ ना कि गाड़ी भी आप गाड़ी भी नहीं चला रहे थे। आप तो छुट्टे सो रहे होंगे अंदर। सोने का मैं क्यों कहूं गाड़ी चल रही? आप बताओ सर। आप बताओ ना। बताएं क्या? हालांकि उनके इस सवाल का जवाब भी पुलिसकर्मी के पास नहीं था। उनके पास ना तो उनकी कोई फोटो थी और ना ही कोई ऐसा सबूत जो यह साबित कर सके कि वह गाड़ी चलाते हुए फोन पर बात कर रहे थे। इस पूरे वीडियो में यह तमाम बातें तो हैरान कर देने वाली है ही। लेकिन इस बात ने लोगों को सबसे ज्यादा हैरान किया कि गलती होने के बाद भी पुलिसकर्मी टस से मस ना हुए। चालक ने सारे फैक्ट्स उनके सामने रख दिए। लेकिन वह इस बात पर टिके रहे। इस बात पर अड़े रहे कि उन्हें जो करना है वह कर लें। जिस अधिकारी से संपर्क करना है कर लें। लेकिन चालान तो अब कट चुका है। इस वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिसकर्मी के इस रोब को लेकर लोगों ने जमकर खड़ी-खोटी सुनाई। इसी कड़ी में एक यूजर ने लिखा एक ऐसा देहाती बंदा बैठा रहता है यूनिफार्म में। इसको कुछ भी नहीं पता। पीयूसी किस टाइप के वाहन पर लागू होता है इसको कुछ नहीं पता। यह बंदा पैदल इंसान का हेलमेट के नाम पर चालान काट सकता है। इस वीडियो को लेकर इस बात की चर्चा भी जोरों पर है कि अमूमन पुलिसकर्मी अपना टारगेट पूरा करने के लिए कई बार गलत चालान काट देते हैं और इस केस में भी ऐसा ही हुआ। एक यूजर ने लिखा गजब का सिस्टम है भाई। जब टारगेट पूरा करना हो तो ईवी क्या साइकिल का भी पीयूसी कट सकता है।

विज्ञान अपनी जगह है पर चालान अपनी जगह। कई लोगों ने तो सिस्टम पर भी सवाल उठाए। एक यूजर ने कहा कि जब सारा डाटा गवर्नमेंट के पास डिजिटली है तो एक इलेक्ट्रॉनिक कार का पीयूसी चालान कैसे होने दिया? टेक्निकली तो चालान जनरेट ही नहीं होना चाहिए था। इस पूरे मामले में जो सबसे गौर करने वाली बात थी वो यह कि चालक जागरूक थे। वो अपने हक के लिए बाकायदा पुलिसकर्मी के सामने खड़े हुए। उनका विरोध किया और इस पूरी घटना का वीडियो बनाया। ऐसे भी बहुत सारे लोग होंगे जो पुलिसकर्मी से भिड़ने की बजाय वीडियो बनाकर पुलिसकर्मी को एक्सपोज करने के बजाय ट्रैफिक पुलिस के दफ्तर या फिर लोक अदालत में जाकर इस चालान को सेटल करवाते।

लेकिन इस शख्स ने काफी समझदारी दिखाई। शख्स ने बाकायदा पूरा वीडियो बनाया। पुलिसकर्मी के साथ बातचीत को रिकॉर्ड किया। उनकी यह सोच थी कि यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होगा और ट्रैफिक पुलिस के आला अधिकारियों तक भी जाएगा। जब उन्हें इस मामले की खबर लगेगी तो यकीनन पुलिस वाले पर कोई एक्शन भी लिया जाएगा।

यह वीडियो उन तमाम लोगों को जागरूक करता है जो अपने हक के लिए आवाज उठाने से कतराते हैं। बहरहाल अब यह देखना होगा कि इस पुलिसकर्मी पर क्या एक्शन होता है और चालक के चालान को लेकर ट्रैफिक पुलिस की ओर से क्या फैसला लिया जाता है। इस मामले से जुड़ी अपडेट हम पहुंचाएंगे आपके पास।

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