इंस्टेंट बैटर से बनाया ढोसा, हो गई बच्ची की मौ!त

डोसा खाने से दो मासूमों की जिंदगी चली गई। जी हां, वही डोसा जिसे आमतौर पर हम बाकी बाहर के खाने से थोड़ा हेल्दी मानते हैं। वो भी बनाने के तरीके पर डिपेंड करता है। और इस मुद्दे में चौंकाने वाली बात यह है कि वो डोसा घर पर खुद मां ने बनाया था। पर अब मां-बाप हॉस्पिटल में एडमिट हैं और बच्चियों की हो गई है। एक बच्ची 4 साल की बताई जा रही है तो दूसरी की उम्र मात्र 3 महीने थी। अब चौंकाने वाली बात यह भी है कि डोसा जिस बैटर से बनाया गया था वही बैटर जान की वजह बन गया है। पूरा मामला क्या है?

आपको विस्तार से बताते हैं और अगर आप भी बाजार से डोसा बैटर मंगाते हैं तो थोड़ा सावधान हो जाइए। दरअसल गुजरात के अहमदाबाद के चांदखेड़ा इलाके से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। एक ही परिवार की दो मासूम बच्चियों की मौत हो गई और वजह बताई जा रही है फूड पोइजनिंग जो कथित तौर पर डोसा के बैटर से जुड़ी हुई है।

Maruti प्लाज़ा में रहने वाले प्रजापति परिवार के साथ यह दर्दनाक हादसा हुआ। परिवार की 3 महीने की राह और 4 साल की मिष्टि ने अपनी जान गवा दी। जबकि माता-पिता की हालत भी बिगड़ गई है और उनका अस्पताल में इलाज चल रहा है। परिवार का आरोप है कि 1 अप्रैल को आईओसी रोड स्थित घनश्याम डेरी से लाया गया डोसा बैटर ही इस हादसे की वजह बना। पहले पिता ने डोसा खाया। तबीयत बिगड़ी। अगले दिन मां और बेटी ने वही बैटर इस्तेमाल किया और शाम तक उल्टियां शुरू हो गई।

4 साल की मिश्री की हालत इतनी खराब हुई कि अस्पताल ले जाने के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका। परिवार का सीधा आरोप है कि बाहर से लाए गए घोल से बने डोसा खाने के बाद ही उनकी तबीयत बिगड़ी और अंत में यह त्रासदी हुई। दोनों बेटियों की मौत से परिवार में भारी मातम छा गया है। फिलहाल बच्चियों के माता-पिता दोनों अस्पताल के बिस्तर पर हैं और उनका इलाज चल रहा है। हालांकि डेयरी संचालक ने इन आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि वह पिछले 30 सालों से काम कर रहे हैं और रोजाना 100 किलो से ज्यादा बैटर बेचते हैं। लेकिन किसी और ग्राहक से ऐसी कोई शिकायत नहीं आई है।

अब सवाल यह है कि आखिर यह हुआ कैसे? जब दुकानदार खुद यह बैटर 30 सालों से अपने घर में बनाते हुए बेच रहा है, तब अचानक कैसे हुआ यह? अचानक इन मौतों ने इस मामले को गंभीर बना दिया है और इससे कई सवाल भी खड़े हो रहे हैं और अब मामला और उलझ गया है। पुलिस ने जांच के तहत 3 महीने की बच्ची का शव कब्र से निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। परिवार ने बिना जानकारी दिए शव को दफना दिया था।

लेकिन अब बच्ची का शव जमीन से बाहर निकाला गया। जिसके बाद शव को असरावा सिविल अस्पताल भेजा गया है। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि छोटी बच्ची ने खुद बैटर नहीं खाया था बल्कि मां के खाने के बाद ब्रेस्ट फीडिंग के जरिए असर पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। अब सवाल आता है कि आखिर डोसा बैटर से जुड़े खतरे क्या हो सकते हैं और कैसे हो सकते हैं? यह जानना आपके लिए अब बेहद जरूरी है। दरअसल बैटर से जुड़ा खतरा जो है सबसे पहले डोसा का घोल एक फर्मेंटेड यानी कि खमीर उठा हुआ होता है। फूड होता है। अगर इसे सही तरीके से स्टोर ना किया जाए तो इसमें खराब बैक्टीरिया जैसे इकोलाई साल्मोनेला पनप सकते हैं।

खासकर गर्मी के मौसम में यह खतरा और बढ़ जाता है। ज्यादा देर बाहर रखा बैटर जल्दी खराब हो सकता है। खट्टा बदबूदार या रंग बदला हुआ बैटर खतरनाक हो सकता है। खुले में या स्वच्छ जगह पर बना बैटर संक्रमण फैला सकता है। अब ऐसे में आपको क्या करना चाहिए वह भी जान लीजिए।

हमेशा फ्रेश और भरोसेमंद जगह से बैटर खरीदें। बैटर को तुरंत फ्रिज में स्टोर करें। इस्तेमाल से पहले सूंघ कर और देखकर जांच लें। बच्चों और बुजुर्गों को देने से पहले अच्छी तरह पका हुआ खाना दें। शक हो तो बैटर को फेंक दें। इस्तेमाल बिल्कुल ना करें। अगर यह मामला फूड का भी है तो अगर फूड होती है तो यह लक्षण अगर आपको दिखते हैं तो तुरंत अलर्ट हो जाए। सबसे पहले जो लक्षण है वो जान लीजिए।

बार-बार उल्टी होना, पेट दर्द या ऐंठन, दस्त या डायरिया या बुखार जैसा फील होना, कमजोरी या डिहाइड्रेशन होना। ऐसे में तुरंत डॉक्टर के पास जाएं। खासकर अगर मामला बच्चों या बुजुर्गों का हो। अब आपको क्या बिल्कुल नहीं करना चाहिए? यह भी जान लीजिए।

सबसे पहले बासी या ज्यादा खट्टा बैटर इस्तेमाल ना करें। लंबे समय तक बाहर रखा बैटर दोबारा यूज ना करें। खुले या बिना पैकिंग वाले बैटर पर भरोसा बिल्कुल ना करें। बीमार होने पर घर का बना या हल्का खाना खा लें। अब अंत में सवाल यही है। क्या यह सच में फ़ूड का मामला है या कुछ और? जांच के बाद ही पूरी सच्चाई सामने आएगी। लेकिन इस घटना ने एक बार फिर याद दिला दिया है कि खाना सिर्फ स्वाद नहीं सुरक्षा भी होती है।

Leave a Comment