सिज- फा!यर पर ऐसा आया नेतन्याहू का पहला रिएक्शन।

ईरान और अमेरिका के पर इजराइल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू का पहला रिएक्शन आ गया है। कई लोगों का यह सवाल था कि क्या यह बेंजमिन नेतन्याहू को मंजूर है या नहीं? इस बारे में क्या जानकारी है? अभिषेक बताएंगे। नेतन याहू का पहला बड़ा बयान उन्होंने साफ कहा है कि अमेरिका से मेरी लगातार बात चल रही थी। सीज फायर के लिए भी हम लगातार संपर्क में थे और मैं सरप्राइज़ नहीं हूं।

मतलब उन्होंने यह स्पष्ट कर दिया है कि उनकी ऐसा नहीं है कि जो बातें चल रही थी कि उनकी इजाजत के बिना या उनसे पूछ परख किए बिना यह किया गया है। तो ऐसा नहीं है नेतू का दावा। दूसरी बड़ी बात उन्होंने कहा है कि यह हमारा एक कैंपेन था। तमाम हमारे लक्ष्य थे जो हमने हासिल कर लिए। कुछ लक्ष्य हैं जो अभी हासिल करने बाकी हैं और हम अपना एक-एक लक्ष्य हासिल करेंगे। नेतन याू ने यह भी कहा कि की जितनी भी बातें अमेरिका ने कही हैं, उसके पहले इजराइल से अमेरिका की बात हुई थी। आपसी सलाह मशवरे के बाद सेम पेज पर आने के बाद सीज फायर का ये पूरा फैसला लिया गया है।

स्टेट ऑफ हॉर्मोस पर भी नितिन याू ने अपना बयान दिया है। कहा है कि स्टेट ऑफ हॉर्मोस को खुला रखवाने के लिए अमेरिका और इजराइल दोनों प्रतिबद्ध हैं और इसके लिए जो भी शर्तें होंगी, वो सामने रखी जाएंगी। नेतन्या ने यह भी कहा है कि ईरान भी उनके साथ सेम पेज पर है स्टेट ऑफ हार्मोस को ओपन करने के लिए। हालांकि ईरान और अमेरिका के बयानों में लगातार विरोधाभास रहा है। लेकिन नेतन याहू ने अब कहा है कि जो अमेरिका और इजराइल का पक्ष है हॉर्मोस को लेकर वही ईरान का भी पक्ष है।

अगली बड़ी बात जो उन्होंने कही है वो ये कि हम इस सीज फायर में हिजबुल्लाह किसी तरह भी शामिल नहीं है। वहां हम जिस तरह से अपनी कारवाई कर रहे थे वो करते रहेंगे। तो ये तीन चार बड़े बयान है जो नितनयाऊ ने और इसलिए भी यह महत्वपूर्ण है क्योंकि के ऐलान के बाद यह नितिन याू पहली बार उनका कोई सार्वजनिक स्टेटमेंट आया है। तो ईरान इस बात का दावा कर रहा है कि जब सीज फायर हुआ था तो उसमें पूरे रीजनल सिक्योरिटी की चर्चा हुई थी। पर इजराइल और अमेरिका दोनों इस बात को बार-बार दोहरा रहे हैं कि लेबनान उनके सीज फायर में इंक्लूड नहीं था।

2 मार्च को यह हमला लेबनान में जारी हुआ। हिजबुल्लाह ने हमला इजराइल की आर्मी पे किया क्योंकि हिजबुल्लाह का यह मानना था कि उनके जो रहबर या शिया लीडर जो आयतुल्लाह खामनी है उनको उन्होंने मारा है। उसके रिटेलरी मेजर्स में उन्होंने भी एक किया और अभी तक अलजजीरा के मुताबिक कम से कम 1500 लोग लेबनान में मारे जा चुके हैं।

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