अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने ऐलान किया है कि दो हफ्तों के लिए ईरान पर हमले रोके जाएंगे। यानी कि सीज का ऐलान कर दिया गया है। अब सीज फायर के बीच ईरान की 10 शर्तों का जिक्र हो रहा है जो ईरान ने अमेरिका के सामने रखी हैं। इन 10 शर्तों में क्या-क्या है? इसे हम पॉइंट्स में समझते हैं।
पहला पॉइंट है अहिंसा को लेकर प्रतिबद्धता यानी अमेरिका ईरान पर हमला नहीं करेगा। ये ईरान की पहली शर्त है। अगली शर्त है कि स्टेट ऑफ हॉर्मोस पर ईरान का कंट्रोल बना रहेगा। आपको याद दिला दें कि स्टेट ऑफ हॉर्मोस इस युद्ध का एक बड़ा पॉइंट रहा है। एक बड़ा सेंटर रहा है। क्योंकि स्टेट ऑफ हॉर्मोस पर को लेकर अमेरिका लगातार दबाव बना रहा था ईरान पर कि उसे खोल दिया जाए। जबकि ईरान का कहना था कि दुश्मन देशों के लिए हॉर्मूस को नहीं खोलेंगे। तो दूसरी शर्त में स्टेट ऑफ हॉर्मोस का जिक्र किया है। ईरान ने कहा है कि इस पर ईरान का कंट्रोल बना रहे।
अगली शर्त है एक्सेप्टेंस ऑफ यूरेनियम एनरचमेंट यानी कि ईरान का जो यूरेनियम वाला काम है वो चलता रहेगा। उसमें कोई दखल अंदाजी नहीं दी जाएगी। चौथा पॉइंट है लिफ्टिंग ऑफ ऑल प्राइमरी सेंशंस यानी कि ईरान पर जो प्रतिबंध लगाए गए हैं उन्हें हटाया जाए। पांचवी शर्त भी लगभग लगभग वही है कि सेकेंडरी सेंशंस को भी हटाया जाए। अगली शर्त रखी कि यूएन सिक्योरिटी काउंसिल के सारे प्रपोजल्स को खत्म किया जाए। अगला पॉइंट कहा गया कि इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के सारे प्रपोजल्स को भी खत्म कर दिया जाए।
अगला पॉइंट है युद्ध में ईरान का जो भी खर्चा हुआ है अमेरिका उसका मुआवजा दे। यानी कि जितना खर्चा ईरान का हुआ है उसका खर्चा अमेरिका उठाए। ये ईरान की शर्त है। अगली शर्त है कि ईरान के क्षेत्र से अमेरिकी सेना को हटाया जाए। यानी कि जो फौज अमेरिका की वहां है उपस्थित है ईरान में उसको वहां से हटाया जाए। आखिरी शर्त है कि लेबनान में हिजबुल्ला पर जो अटैक किए जा रहे हैं उन्हें भी रोका जाए। आपको बता दें कि अमेरिका ईरान के साथ-साथ हिजबुल्ला पर भी अटैक कर रहा था। उसे भी टारगेट कर रहा था। तो ईरान ने अपनी शर्त में कहा है कि हजबुल्ला पर जो अटैक किए जा रहे हैं उन्हें भी रोक दिया जाए। ये 10 शर्तें हैं। ये 10 पॉइंट्स हैं जो ईरान ने अमेरिका के सामने रखी हैं। अब सवाल है कि ईरान ने शर्तें तो रख दी लेकिन क्या अमेरिका इन्हें मान गया है? ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराक्षी ने एक नोट में दावा किया है कि अमेरिका उनकी शर्तों पर राजी हो गया है। एक नोट सामने आया। अब ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर उस नोट को शेयर भी किया है। लेकिन ट्रंप ने 10 शर्तों पर कुछ लिखा नहीं है। केवल उस नोट को शेयर किया है। लेकिन कुछ अपनी तरफ से कोई कमेंट नहीं किया है। यानी कि शर्तों के एक्सेप्टेंस की बात ईरान ने कही है। ट्रंप ने नहीं कही है। अब दूसरी तरफ अलजजीरा की रिपोर्ट भी सामने आई है जिसमें दावा किया जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक ईरान की शर्तों पर ट्रंप ने नॉट गुड इनफ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया है। यानी कि काफी नहीं है।
अलजजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप ने कहा कि उन्होंने जरूरी प्रपोजल रखा है। फिर भी यह काफी नहीं है। उन्होंने महत्वपूर्ण कदम उठाया। देखते हैं कि क्या होता है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि 10 अप्रैल को पाकिस्तान में दोनों देशों के बीच में बातचीत हो सकती है। यह दावा खुद प्रधानमंत्री पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने किया है। शहबाज ने लिखा कि मुझे ऐलान करते हुए खुशी हो रही है कि ईरान, अमेरिका और लेबनान जैसे दूसरे देश सीज फायर के लिए मान गए हैं।
मैं दोनों देशों को 10 अप्रैल को इस्लामाबाद में बातचीत के लिए आमंत्रित करता हूं। दोनों पक्षों ने समझदारी से काम किया है। हम उम्मीद करते हैं कि इस्लामाबाद में बातचीत सफल होगी। आने वाले दिनों में गुड न्यूज़ की उम्मीद है। 10 तारीख को नेगोशिएशन पर बात होगी।
इसे पाकिस्तान ने कंफर्म किया है। उम्मीद है कि इस मीटिंग में ईरान की 10 शर्तों पर भी बात हो सकती है। जो भी आगे अपडेट होगा
