क्या राष्ट्रपति पद से हटेंगे डोनाल्ड ट्रंप? 25वां संशोधन क्या इस सनक का इलाज करेगा? अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईस्टर के मौके पर सोशल मीडिया पर इतना गुस्सैल और गाली भरा पोस्ट लिखा है कि पूरी दुनिया हैरान रह गई है।
इसमें डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को खुलकर दी और उसमें इतनी भाषा का इस्तेमाल किया कि अब कांग्रेस में 25वें संशोधन की धारा चार लागू करने की मांग जोर पकड़ रही है। यह धारा ही अब अमेरिकी सांसदों को ट्रंप की सनक का सही इलाज नजर आ रही है। तो
सबसे पहले हम आपको वो पोस्ट बताते हैं जो ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा था जिसमें उन्होंने लिखा कि मंगलवार ईरान में पावर प्लांट डे और ब्रिज डे एक साथ होगा जैसा कुछ पहले कभी नहीं देखा गया हॉर्मोश खोल दो पागल और उसके बाद कुछ अपशब्दों का उन्होंने इस्तेमाल किया। इसके आगे उन्होंने लिखा वरना तुम नर्क में रहोगे बस देखते रहो। अब यह जो पोस्ट है यह पोस्ट ईस्टर सुबह 8:00 बजे के करीब पोस्ट किया गया जिसमें ट्रंप ने ईरान को हॉर्नोस ना खोलने पर पावर प्लांट और ब्रिज तबाह करने की धमकी दी थी। लेकिन भाषा इसकी बेहद गंदी थी। ट्रंप की सनक का क्या इलाज? 25वां संशोधन करेगा। 25वां संशोधन क्या है? और ट्रंप के इस पोस्ट के बाद किस तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं? चलिए बताते हैं। तो मिडिल ईस्ट युद्ध के बीच यह पोस्ट और भी संवेदनशील माना जा रहा है। ऐसे में डेमोक्रेट्स ने 25वें संशोधन की मांग की। डेमोक्रेटिक सेनेटर क्रिस मर्फी ने एक्स पर लिखा कि अगर मैं ट्रंप के कैबिनेट में होता तो ईस्टर पर संवैधानिक वकीलों से 25वें संशोधन के बारे में बात करता। यह पूरी तरह से पागलपन है।
एमएसएबीसी के पूर्व होस्ट मेहंदी हसन ने पोस्ट की तस्वीर शेयर की और कहा कि उपराष्ट्रपति और कैबिनेट को तुरंत 25वें संशोधन की धारा चार लागू करनी चाहिए। तो आखिर 25वां संशोधन क्या है? यह अमेरिकी संविधान का एक महत्वपूर्ण प्रावधान है जो 1967 में राष्ट्रपति जॉन एफ केने की हत्या के बाद पास किया गया।
इसका मकसद होता है कि अगर राष्ट्रपति मर जाए, इस्तीफा दें, हटा दिया जाए या अक्षम हो तो उपराष्ट्रपति को सत्ता सौंपने की प्रक्रिया तय करना। इसमें कुल चार धाराएं जिसमें से चौथी धारा को मौजूद वक्त में लागू करने की मांग हो रही है। अब इसमें चारों धाराएं कौन-कौन सी हैं? हालांकि मांग की जा रही है कि धारा चार लागू की जाए।
लेकिन आपको बता देते हैं कि चारों धाराएं कौन सी हैं। पहली धारा कि अगर राष्ट्रपति की मौत हो जाए इस्तीफा दे दे या हटा दिया जाए तो उपराष्ट्रपति पूर्ण राष्ट्रपति बन जाता है। धारा दूसरी यह कहती है कि अगर उपराष्ट्रपति का पद खाली हो तो राष्ट्रपति नया नाम प्रस्तावित करता है जिसे कांग्रेस की मंजूरी चाहिए। धारा तीन कहती है कि अगर राष्ट्रपति खुद को अस्थाई रूप से अक्षम महसूस करें तो वह उपराष्ट्रपति को अस्थाई रूप से सत्ता भी सौंप सकते हैं।
धारा चार यह सबसे महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें उपराष्ट्रपति और कैबिनेट के बहुमत यानी 15 में से आठ को अधिकार है कि वे लिखित रूप से घोषणा करें कि राष्ट्रपति अपने कर्तव्यों को निभाने में असमर्थ हैं। इसके बाद उपराष्ट्रपति तुरंत एक्टिंग राष्ट्रपति बन जाता है। अगर राष्ट्रपति कहे कि वह ठीक है तो 4 दिन में कैबिनेट और उपराष्ट्रपति को कांग्रेस में दो तिहाई बहुमत से साबित करना पड़ता है। तो धारा चार की मांग आखिर बढ़ती क्यों जा रही है? इसके पीछे का कारण क्या है? तो अमेरिका के कई सांसद और नेता कह रहे हैं कि ट्रंप का ईरान युद्ध को लेकर बार-बार शब्द बदलना, रणनीति बदलना और यह गाली भरा पोस्ट लिखना उनके मानसिक स्वास्थ्य पर सवाल भी उठाता है। ईरान युद्ध में हजारों मौत हो चुकी हैं।
ट्रंप लगातार पूर्ण हवाई नियंत्रण का दावा करते हैं, लेकिन ईरानी हमले खत्म नहीं हो रहे। अब ऐसे में लोग चिंतित हैं कि राष्ट्रपति का यह व्यवहार देश और दुनिया के लिए खतरा बन सकता है। ऐसे में मांग उठ रही है कि कैबिनेट या उपराष्ट्रपति को कोई कदम उठाना चाहिए। इसी बीच रिपब्लिकन सांसदों के बीच भी ट्रंप की नीतियों से असहमति के सुर उठ रहे हैं। तो यह मामला और गंभीर होता जा रहा है। कनेक्ट टिकट से डेमोक्रेटिक सेनेटर क्रिस मफी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि अगर मैं ट्रंप के कैबिनेट में होता तो मैं ईस्टर पर संवैधानिक वकीलों को 25वें संशोधन के बारे में बताता।
बता दें कि अमेरिका का 25वां संशोधन एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें उपराष्ट्रपति और कैबिनेट के ज्यादातर लोग अपनी ड्यूटी ना कर पाने की वजह से राष्ट्रपति को बदलने का विकल्प चुन सकते हैं और फिर उपराष्ट्रपति प्रेसिडेंट की भूमिका निभाते हैं। डेमोक्रेटिक सांसद यासमीन अंसारी ने भी पोस्ट किया कि 25वां संशोधन किसी वजह से है। पूर्व होस्ट मेहदी हसन ने लिखा कि उपराष्ट्रपति का ईस्टर मैसेज जिसके लिए वीपी और कैबिनेट को सच में 25वां संशोधन लागू करना चाहिए। डेमोक्रेटिक रिप्रेजेंटेटिव मिलाने स्ट्सबरी की एक और अपील में कहा गया कि सम्राट के पास कपड़े नहीं 25वें संशोधन का समय आ गया है।
कांग्रेस और कैबिनेट को कारवाई करनी चाहिए। ट्रंप के पूर्व समर्थक मार्जोरी टेलर ग्रीन ने एक लंबा पोस्ट शेयर किया जिसमें उन्होंने अमेरिकी सरकार से ट्रंप के पागलपन में दखल देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि वह पागल हो चुके हैं और आप सभी इसमें शामिल हैं। ट्रंप के विरोधी और पूर्व कांग्रेसी जो व्श ने कहा कि उनकी ईस्टर की सुबह की पोस्ट और सिर्फ दो दिन पहले उनके एक धार्मिक सलाहकार ने उनकी तुलना ईसा मसीह से की थी। वह हमेशा से इस देश और दुनिया पर भी एक दाग रहेंगे।
अभी 25वां संशोधन हो। ट्रंप ने पोस्ट में क्या लिखा था? दरअसल देखिए अमेरिकी राष्ट्रपति के जिस पोस्ट को लेकर यह इतना ज्यादा बवाल मचा हुआ है उसमें उन्होंने ईरान के लिए मंगलवार तक की चेतावनी जारी की थी। ट्रुथ सोशल पर लिखा था कि मंगलवार का दिन पावर प्लांट और ब्रिज डे के रूप में जाना जाएगा जो अपनी तरह का अनोखा होगा और इसी को लेकर उन्होंने जिस तरह के शब्दों का आगे प्रयोग किया उन्हीं शब्दों को लेकर अब यह प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। डॉनल्ड ट्रंप ने ईस्टर जैसे पवित्र मौके पर सोशल मीडिया पर एक ऐसा यह पोस्ट किया था जिसने पूरी दुनिया को सक्त में डाल दिया था। अब इस पोस्ट में उन्होंने ईरान को सीधी धमकी दी। लेकिन उसमें इस्तेमाल की गई भाषा ट्रंप की बेहद अश्लील और गाली गलौज से भरी थी। एक देश के सर्वोच्च पद पर बैठे व्यक्ति द्वारा इस तरह के शब्दों का इस्तेमाल अमेरिका की वैश्विक छवि को नुकसान भी पहुंचा रहा है। विपक्षी नेता कह रहे हैं कि यह व्यवहार किसी सामान्य और किसी संतुलित मस्तिष्क वाले व्यक्ति का नहीं हो सकता। इसलिए अब उनके पद पर बने रहने की योग्यता जांची जानी चाहिए।
25वां संशोधन जिसे लेकर अब कहा जा रहा है कि 25वें संशोधन के तहत कुछ बड़ा फैसला हो सकता है। तो अमेरिकी संविधान का 25वां संशोधन असल में राष्ट्रपति के पद को लेकर पैदा होने वाले शून्य को भरने के लिए बनाया गया था। साल 1963 में राष्ट्रपति जॉन एफ कैनेजी की हत्या के बाद 1967 में इसे पारित किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य यह तय करना है कि यदि राष्ट्रपति की मृत्यु हो जाती है या वह इस्तीफा दे दे काम करने में असमर्थ हो तो सत्ता का हस्तांतरण कैसे होगा? इस संशोधन में चार धाराएं हैं। अलग-अलग स्थितियों में लागू होती हैं।
चारों धाराएं हमने आपको बताई। धारा चार वो जिसकी चर्चा हो रही है और यह पूरी दुनिया के सबसे शक्तिशाली पदों में से एक को नियंत्रित करने का सबसे कड़ा प्रावधान है। अब इसके अनुसार देखिए इसके अनुसार यदि देश के उपराष्ट्रपति और कैबिनेट के बहुमत बहुमत यानी 15 में से कम से कम आठ सदस्य लिखित रूप से यह जानकारी कांग्रेस को दें कि राष्ट्रपति ने अपने कर्तव्यों का पालन करने में असमर्थ हैं तो राष्ट्रपति की शक्तियां तुरंत छीन ली जाती हैं। अब ऐसी स्थिति में उपराष्ट्रपति तत्काल एक्टिंग राष्ट्रपति के रूप में देश की कमान संभाल लेता है। पूरी प्रक्रिया क्या होगी राष्ट्रपति की कुर्सी छीनने की? तो देखिए यदि धारा चार के तहत राष्ट्रपति को हटाया जाता है और राष्ट्रपति यह दावा करता है कि वह पूरी तरह ठीक है तो मामला कांग्रेस में चला जाएगा। अब ऐसी स्थिति में उपराष्ट्रपति और कैबिनेट को 4 दिन के अंदर अपना पक्ष रखना होता है। इसके बाद अमेरिकी संसद यानी कांग्रेस के दोनों सदनों में अमेरिकी संसद के दोनों सदनों में दो तिहाई बहुमत से साबित करना अनिवार्य होता है कि राष्ट्रपति वाकई काम करने लायक नहीं है। अगर दो तिहाई बहुमत नहीं मिलता तो राष्ट्रपति अपनी शक्तियों को दोबारा वापस पा लेता है।
अब सनक और मानसिक स्वास्थ्य पर उठते सवाल क्या? तो ट्रंप को हटाने की मांग केवल एक पोस्ट की वजह से नहीं हो रही है बल्कि उनके लगातार बदलते फैसले और युद्ध की रणनीति में अस्थिरता को लेकर भी है। मिडिल ईस्ट में जारी भीषण युद्ध के बीच ट्रंप का कभी ईरान को धमकाना कभी पूरी तरह से हवाई नियंत्रण का झूठा दावा करना उनके विश्वसनीयता को खत्म करता जा रहा है। सेनेटा क्रिस मर्फी जैसे नेताओं का स्पष्ट यह कहना है कि यदि वो कैबिनेट में होते तो अब तक संवैधानिक वकीलों के साथ इस मुद्दे पर बैठकर बैठक कर चुके होते। कैबिनेट और उपराष्ट्रपति की भूमिका इसमें काफी अहम है। 25वें संशोधन की सबसे मुश्किल ही यही है कि इसे लागू करने की पहली चाबी उपराष्ट्रपति के पास होती है।
बिना उपराष्ट्रपति की सहमति और हस्ताक्षर के धारा चार को सक्रिय ही नहीं किया जा सकता। अभी तक उपराष्ट्रपति की ओर से कोई अधिकारिक बयान भी नहीं आया। लेकिन पर्दे के पीछे रिपब्लिकन खेमे में भी असंतोष के सुर सुनाई देने लगे हैं। यदि राष्ट्रपति का व्यवहार इसी तरह से अनियंत्रित रहा तो कैबिनेट के लिए भी चुप्पी साधे रखना नामुमकिन हो जाएगा।
अमेरिका में राष्ट्रपति को पद से हटाने हटने के लिए 25वें संशोधन के तहत कानून तैयार किया गया था। अब ऐसे में देखना होगा क्योंकि उपराष्ट्रपति के पास पहला अधिकार है इस पर हस्ताक्षर करने का। उसके बाद आगे की प्रक्रिया होगी। अब उपराष्ट्रपति इस पर क्या प्रतिक्रिया देंगे और ट्रंप की इस पोस्ट को लेकर इस तरह की जो प्रतिक्रिया सामने आ रही है कितनी आगे बढ़ेंग यह देखना
