भाई पेट लग जाएगा इन लोगों का दर्द हमारा दर्द इनका दर्द रील बनाने के लिए कैमरा ऑन कर लोड किया लेकिन गलती से चल गई और सीधे पेट में जाकर धंस गई। लगते ही छात्र मौके पर गिर पड़ा और दर्द से कहारते हुए चिल्लाने लगा। पेट में लग गई भाई। उसने दोनों हाथों से घाव को दबाकर खून रोकने की कोशिश की लेकिन उसकी हालत बिगड़ती गई।
दोस्तों ने जख्मी छात्र को अस्पताल पहुंचाया लेकिन उसकी हो गई। हट गए भाई लग गई। घटना यूपी के लखीमपुर खीरी की है। आज तक की रिपोर्ट के मुताबिक 12वीं कक्षा का एक स्टूडेंट अपने दोस्तों के साथ सुहागड़ा मोहल्ले के मैदान में रील बना रहा था। उनके पास अवैध भी था। वीडियो में देखा जा सकता है कि लोड करने के दौरान चली थी।
घटना वैसे तो 30 मार्च की है लेकिन इसका वीडियो 3 अप्रैल को सामने आया है। इन चार दिनों में क्या हुआ पहले वो बताते हैं। कहानी थोड़ी ट्विस्टेड है। एक-एक करके समझते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक घटना के बाद पीड़ित के दोस्तों ने उसे लखीमपुर के एक अस्पताल में पहुंचाया। उधर मृतक छात्र के घर वालों ने दोस्तों पर सच्चाई छुपाने का आरोप लगाया है।
हमारा समझ इनका प्रेशर में प्रेशर में प्रेशर में उसको दबाव में झूठ बोलवा ये मेरे साथ बोल रहा है चाची मुझे जान अभी मैं इंजेक्शन लगवा रहा हूं ऐसे बोल रहा था दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक परिवार ने यह भी आरोप लगाए हैं कि अस्पताल में पीड़ित के दोस्तों और स्टाफ ने उन्हें सही जानकारी नहीं दी। पूछने पर बताया गया कि वह पटाखों से जल गया है। इस वजह से उसका इलाज चल रहा है। 31 मार्च की रात करीब 1:00 बजे डॉक्टरों ने परिजनों को फोन कर छात्र की बिगड़ती हालत के बारे में बताया और उसे लखनऊ ले जाने की सलाह दी।
जब पिता अनिल कुमार झा बेटे को लेकर लखनऊ के राम मनोहर लोही अस्पताल गए तो एक्सरे जांच में उसके पेट में गोली होने का पता चला। इलाज के दौरान उसकी हालत लगातार बिगड़ती गई और उसकी मौत हो गई। घटना का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस हरकत में आ गई और शुरुआती जांच में सामने आया है कि वीडियो में जिस तमंचे से गोली चली थी वो अवैध था।
आदी अनिल कुमार झा द्वारा थाना कोतवाली सदर पर अपने पुत्र की मृत्यु में उसके मित्रों द्वारा समय से सही जानकारी ना देने व लापरवाही के संबंध में तहरीर दी गई। जांच के दौरान प्रथम दृष्ट्या यह पाया गया मृतक को स्वयं द्वारा ही गोली लगी थी।
परिजनों के अनुसार प्रारंभ में साथियों द्वारा रॉकेट से चोट लगने की जानकारी दी गई तथा लखीमपुर में स्वयं ही इलाज कराया गया। स्थिति गंभीर होने पर वादी के पुत्र को लखनऊ रेफर किया गया। जहां एक्सरे में की पुष्टि हुई और उपचार के दौरान हो गई। तहरीर के आधार पर सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर अग्रिम विधिक कारवाई प्रचलित है।
पुलिस अब यह जांच कर रही है कि पीड़ित तक यह हथियार कैसे पहुंचा और इस पूरे मामले में किन-किन लोगों की भूमिका रही है। बीते दिनों दिल्ली में भी इसी तरह की घटना हुई थी। न्यू अशोकनगर के एक प्रॉपर्टी डीलर अपने लाइसेंस वाले को छाती में रखकर वीडियो बनवा रहा था।
वीडियो रिकॉर्ड करने वाला बोल भी रहा था कि गलती से चला मत देना। लेकिन ट्रिगर दब गया और ऑन कैमरा 28 साल के पवन कुमार की हो गई। दोनों घटनाएं अलग-अलग जगह की है। अलग-अलग समय की है। लेकिन नतीजा एक ही मौत। चलते-चलते एक सलाह रील कुछ सेकंड्स की होती है। बस कुछ लाइक्स और व्यूज के लिए किसी को अपनी जान ऐसे दांव पर नहीं लगाना चाहिए।
