ईरान ने अमेरिकी लड़ाकू विमान को मार गिराया है और यह अमेरिका के लिए अब तक का सबसे तगड़ा झटका है और ऐसा इसलिए क्योंकि यह घटना ईरान के मध्य हिस्से के पहाड़ी इलाके में हुई जहां ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड यानी आईआरजीसी ने इस अमेरिकी जेट को निशाना बनाया। बड़ी बात यह है कि इस लड़ाकू विमान में अमेरिकी पायलट सवार।
इस फाइटर जेट में दो पायलट सवार थे और न्यूज़ के मुताबिक इस लड़ाकू विमान के गिरने के बाद अमेरिकी सेना ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और इनमें से एक पायलट को सुरक्षित बचा लिया गया।
लेकिन दूसरे क्रू मेंबर की तलाश अभी भी जारी है। अमेरिकी सेना ने इसके लिए बड़ा सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया है। सूत्रों के मुताबिक अमेरिकी हेलीकॉप्टर और रेस्क्यू एयरक्राफ्ट लगातार ईरान के इलाके में उड़ान भर रहे हैं ताकि लापता क्रू मेंबर का पता लगाया जा सके और यह मिशन अमेरिका के लिए बेहद खतरनाक है क्योंकि इसमें दुश्मन के इलाके के अंदर जाकर अमेरिका को अपने पायलट्स को खोजना है।
इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी अमेरिकी राष्ट्रपति को दे दी गई है। साथ ही अमेरिकी प्रशासन ने कांग्रेस के नेताओं को भी इस मामले पर ब्रीफ किया। रिपोर्ट के अनुसार यह पहली बार है जब अमेरिका ने ईरान के अंदर अपने किसी लड़ाकू विमान को खोया। यह घटना ऐसे समय में हुई जब दोनों देशों के बीच सैन्य टकराव को करीब 5 हफ्ते हो चुके हैं और अमेरिका हजारों कॉम्बैट मिशन पूरे कर चुका है। अब इस सवाल पर आते हैं कि आखिरकार यह विमान कौन सा है जिसे ईरान ने मारने का दावा किया है। देखिए शुरुआत में ईरान ने दावा किया था कि उसने अमेरिका का सबसे एडवांस F35 स्टेल फाइटर जेट मार गिराया।
लेकिन बाद में जो तस्वीरें सामने आई उनसे संकेत मिलता है कि यह F15 ई स्ट्राइक ईगल हो सकता है। हालांकि हम आपको एक बार फिर से बता दें यह खबर हम आपको FX न्यूज़ के हवाले से बता रहे हैं। भारत तक इस खबर की पुष्टि नहीं करता। रही बात F15 की तो यह एक दो सीट वाला ताकतवर फाइटर जेट होता है जो लंबी दूरी तक हमला करने में सक्षम और दुश्मन के इलाके में गहराई तक जाकर टारगेट को निशाना बना सकता है।
घटना के बाद ईरान की मीडिया ने कुछ तस्वीरें जारी की थी जिनमें विमान का मलबा और इंजेक्शन सीट दिखाई दी। हालांकि भारत तक इन तस्वीरों की पुष्टि नहीं करता है। इस बीच कुछ वीडियो फुटेज भी सामने आए जिनमें अमेरिकी रेस्क्यू हेलीकॉप्टर और एयरक्राफ्ट नीचे उड़ते नजर आ रहे हैं। इससे साफ है कि अमेरिका अपने लापता जवान को खोजने के लिए पूरी ताकत लगा रहा है।
बड़ी बात यह है कि सर्च ऑपरेशन के दौरान इजराइल ने भी अपने हमले रोक दिए हैं और वह अमेरिका की मदद कर रहा है। गौर करने वाली बात यह है कि इससे पहले भी ईरान कई बार अमेरिकी विमानों को मार गिराने का दावा करता रहा है। लेकिन ज्यादातर मामलों में अमेरिका ने इन दावों को खारिज किया है। हालांकि अमेरिका का यह भी दावा रहा है कि उसे ईरान के आसमान पर पूरी तरह से बढ़त हासिल है।
लेकिन इस ताजा घटना ने इन दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
