आज यूएस ईरान कॉन्फ्लिक्ट का 12वां दिन है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह हमले दोनों तरफ से जारी है। इसी बीच इटालियन प्राइम मिनिस्टर जॉर्जिया मिलोनी का एक बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा है कि ये जो इजराइल के जो है वो इंटरनेशनल लॉ को वायलेट कर सकता है। उसका उल्लंघन करता है। तो आपको बता दें कि जॉर्जिया मेलोनी जो है वो यूएस प्रेसिडेंट डोनल्ड ट्रंप की एक क्लोज एलय है। एक करीबी सहयोगी है।
तो उन्होंने ऐसा क्यों कहा? इंटरनेशनल लॉ को वायलेट करना क्या होता है? उन्होंने और क्या-क्या कहा? इन सब पहली बात तो यह है कि इटली के बयान का या इटली किस देश की तरफ है या इटली इस इस पूरी पर क्या पक्ष रखता है इसका लगातार इंतजार किया जा रहा था। लेकिन जॉर्जिया मेलोनी का अब तक इस को लेकर कोई बयान नहीं आया था। उनकी विपक्ष की जो पार्टियां हैं वो भी लगातार उनसे सवाल कर रही थी और उनका भी यही कहना था कि मेलोनी जो है वो इजराइल और अमेरिका की तरफ कुछ ज्यादा ही नरम रुख अपना रही हैं।
हालांकि आज जो है उन्होंने एक बड़ा बयान दिया है। वेल मैं ये भी बताना चाहूंगी कि यूरोप केकई देश जो हैं अभी तक उन्होंने स्पष्ट नहीं किया है या इस को लेकर कोई साफ बातें नहीं कही है। सिर्फ एक स्पेन ही है जिसका रुख बहुत क्लियर था कि वो इस में पार्टिसिपेट नहीं करना चाहता है। लेकिन उसके अलावा आज मेलोनी की तरफ से भी बयान आया है। इटालियन संसद में उन्होंने ये बात कही है। सिनेट में उन्होंने ये बात कही है। उन्होंने पहली बात तो ये जैसा कि आपने शुरुआत में ही बताया। उन्होंने यह बहुत क्लियर कर दिया है कि ये जो थे ये कहीं ना कहीं इंटरनेशनल लॉज़ के अगेंस्ट जाते हैं।
उनका ये भी कहना है किइस तरह के जो सैन्य इंटरवेंशन होते हैं वो अंतरराष्ट्रीय कानूनों के दायरे से बाहर होते जा रहे हैं और इसका एक तरह का एक खतरनाक ट्रेंड बनता जा रहा है। ट्रेंड से यहां पर आप समझ सकते हैं कि शायद वो वेनेजुएला की भी बात कर रही हैं क्योंकि ईरान और ये जो अभी चल रहा है इजराइल यूएस वर्सेस ईरान तो इससे पहले इसी तरह की कुछ कार्यवाही जो है यूएस ने वेनेजुएला में भी की थी तो उनका कहना है कि इस तरह से इस तरह के जो ट्रेंड्स हैं वो बहुत ही ज्यादा खतरनाक होते जा रहे हैं। इसके अलावा ईरान के मिनाब शहर में स्कूली छात्राओं पर जोएक हुआ था उसकी भी उन्होंने कड़ी निंदा की थी की है। मैं आपको बता दूं कि शुरुआत में जब यह लगभग इसकी शुरुआत ही हुई थी तभी ईरान का एक मिनाब शहर है। जहां पर एक स्कूल पर एक गर्ल्स स्कूल पर एक बहुत बड़ा हुआ था। जिसमें कई बच्चियों की जानी की भी खबर सामने निकल कर आई थी।
और लगातार ईरान ये क्लेम कर रहा है। ये आरोप लगा रहा है कि ये जो अटैक था ये यूएस और इजराइल ने ही करवाया था। हालांकि इस पर यूएस और इजराइल इसको एक्सेप्ट करने से अभी तक बच रहे हैं। उनका कहना है कि ऐसा उनकी तरफ से ऐसा कोई नहीं करवाया गया था। लेकिन ईरान लगातारआरोप लगा रहा है। इस पर इसकी कड़ी निंदा की है इटालियन प्राइम मिनिस्टर मेलोनी ने। उन्होंने कहा है कि पीड़ित परिवारों के साथ उनकी संवेदनाएं हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस दुखद घटना के लिए जिम्मेदार लोगों की जल्द से जल्द पहचान की जानी चाहिए और जो भी इसमें इनवॉल्वड था उनको जल्द से जल्द जो है सजा इसमें मिलनी चाहिए। यह भी आज मेलोनी ने स्पष्ट किया है। हालांकि देखिए अभी तक का जो उनका बयान था शुरुआत में जो उनका बयान था उससे एक तरह से यह दिखाई दे रहा है कि वो ईरान के पक्ष में है। लेकिन वो यूएस और इजराइल कोएक तरह से सब सपोर्ट नहीं कर रही है।
उनके अगेंस्ट में बात वो कर रही हैं। ये इससे स्पष्ट हो रहा है। लेकिन ऐसा नहीं है। ऐसा क्लियरली ऐसा नहीं है। उन्होंने ईरान के खिलाफ भी कुछ बातें कही है और उन्होंने यह भी साफ कर दिया है कि इटली किसी भी तरह से इस में पार्टिसिपेट नहीं करने वाला है। अब ईरान को लेकर उन्होंने क्या कहा है वह आपको बताते हैं। उन्होंने यह कहा है कि ईरान को परमाणु हथियार बनाने के लिए या विकसित करने की अनुमति नहीं दी जा सकती है। उनके मुताबिक अगर ऐसा हुआ तो दुनिया में को नियंत्रितकरने की पूरी व्यवस्था कमजोर पड़ जाएगी और इससे वैश्विक सुरक्षा पर गंभीर असर पड़ेगा।
उन्होंने चेतावनी दी कि इससे यूरोप और इटली को भी ईरान से संभावित खतरा हो सकता है। यानी कि उनका कहना है कि अगर डेवलप करता है ईरान जैसे कि लगातार सवाल उठाए जा रहे थे तो इससे इटली को भी कहीं ना कहीं खतरा हो सकता है। इसीलिए ये परमिशन जो है ईरान को नहीं दी जा सकती है। मेलोनी ने इस संकट की तुलना जो है वो रशियास इवेज रशियास इन्वजन ऑफ यूक्रेन से भी की है। जिस तरह से वो युद्ध था जिसने वैश्विक अस्थिरता ला दी कहीं ना कहीं इकॉनमी पेबहुत ज्यादा असर डाला था। उनका मानना है कि यह वाला जो है यह भी मिडिल ईस्ट का इसी तरह का एक संघर्ष है जो अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को कमजोर कर सकता है और इकॉनमी पर इस पर इसका भी असर पड़ेगा।
उन्होंने यह भी बताया कि इटली खाड़ी क्षेत्र के उन देशों की मदद कर रहा है जिन पर ईरान की ओर से हमले हुए हैं। इटली वहां पर भी एयर डिफेंस सिस्टम जो है वो उपलब्ध करा रहा है। तो ये आज इटालियन प्राइम मिनिस्टर ने सिनेट में ये सारी बातें आज कही है और ये पहला स्टेटमेंट है उनकी तरफ से जिसका लगातार इंतजार हो रहा था। एक तरह से क्रिटिसाइज भी उन्होंनेकिया है इजराइल और यूएस को। लेकिन साथ ही कहा है कि ईरान को भी अधिकार नहीं होना चाहिए। परमिशन नहीं होना चाहिए किसी भी तरह के न्यूक्लियर वेपंस डेवलप करने के लिए क्योंकि यह भी खतरनाक हो सकता है।
तो ये आज बातें थी आकांक्षा। जी थैंक यू नेहा। तो आपको बता दें कि ये जो वॉर ये जो कॉन्फ्लिक्ट है ये 28 फरवरी को स्टार्ट हुआ था और आज 12वां दिन है। इस इस खबर में
