होली के पर्व की आप सभी को बहुत-बहुत शुभकामनाएं। आज इस वीडियो में बात करेंगे इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की जिन्होंने अपने देशवासियों को साफ-साफ संदेश दे दिया है। अपने अधिकारियों से दो टूक कह दिया है कि 2025 के मुकाबले 2026 और भी ज्यादा चुनौतीपूर्ण होने जा रहा है।
इसीलिए अभी से काम पर लग जाइए। जॉर्जिया मेलोनी ने अधिकारियों को दो टूक संदेश तो दिया। देशवासियों को भी मैसेज पहुंचाने का काम किया है कि 2025 के मुकाबले 2026 ज्यादा मुश्किल भरा रहेगा।
चुनौतीपूर्ण रहेगा। लेकिन इसी के साथ छह बड़े फैसले जॉर्जिया मेलोनी की तरफ से लिए गए हैं। जिनकी चर्चा पूरी दुनिया में हो रही है। और कौन से हैं ये छह फैसले? आइए एक-एक करके आपको समझाते हैं। सबसे पहले यह समझिए कि कैसे जॉर्जिया मेलोनी ने समुद्री सीमा पर बैन लगाने का फैसला लिया है।
फरवरी 2026 में उनका यह फैसला सामने आया है। मेलोनी सरकार ने एक नया बिल पेश किया है जो सरकार को असाधारण परिस्थितियों में समुद्र के रास्ते आने वाले जहाजों को रोकने की असीमित शक्तियां देता है। अगर देश की सुरक्षा या लोक व्यवस्था को खतरा महसूस होता है तो सरकार 30 दिन से 6 महीने तक समुद्री सीमा को पूरी तरीके से सील कर सकती है।
अवैध प्रवासियों को इटली के तटों पर उतरने से रोकना यह फैसला है। दूसरा बड़ा फैसला जो लिया गया है वो है बुर्का और नकाब पर प्रतिबंध की तैयारी। मेलोनी के पार्टी ब्रदर्स ऑफ इटली ने संसद में एक ऐसा विधेयक पेश किया है जो सार्वजनिक स्थानों जैसे कि स्कूल, अस्पताल, दफ्तर पर चेहरा ढकने वाले बुर्के या नकाब पर पूरी तरीके से प्रतिबंध लगाने की बात करता है। इस नियम का उल्लंघन करने पर 300 यूरो से लेकर 3000 यूरो यानी लगभग ₹ लाख तक के जुर्माने का प्रावधान रखा गया है। मेलोनी सरकार का मानना है कि चेहरा ढकना महिलाओं की स्वतंत्रता के खिलाफ है और यह इटली के सांस्कृतिक मूल्यों से मेल नहीं खाता।
तीसरा फैसला सरोगेसी को यूनिवर्सल क्राइम घोषित करना। मेलोनी ने एक बहुत ही ज्यादा कंट्रोवर्शियल नियम लागू किया है जिसके तहत सरोगेसी की जो महता लोगों को समझ में आ रही थी उसे पूरी तरीके से वह खत्म करना चाहती हैं और इसे यूनिवर्सल क्राइम बता रही है। अब अगर कोई इटली का नागरिक विदेश जाकर भी सरोगेसी के जरिए बच्चा पैदा करता है तो उसे इटली लौटने पर जेल की सजा और भारी जुर्माने का सामना करना पड़ेगा।
चौथा बड़ा फैसला भारतीयों के लिए वर्क वीजा का तोहफा। जहां एक तरफ वो अवैध प्रवासियों पर सख्त हैं तो वहीं भारत के साथ क्योंकि उनके रिश्ते मजबूत हैं। ऐसे में मेलोनी सरकार ने घोषणा की है कि 2026 से 2028 के बीच करीब 5 लाख नॉन यूरोपीय नागरिकों को वर्क वीजा देंगे। इसमें भारतीयों के लिए विशेष कोटा और प्राथमिकता रखी गई है ताकि स्किल्ड वर्कर्स इटली आ सके। तो भारत के लिहाज [संगीत] से यह अच्छी खबर है। पांचवा बड़ा फैसला अदालती सुधारों पर जनमत संग्रह। मार्च के महीने में इटली में एक बड़ा जनमत संग्रह होने जा रहा है।
मेलोनी न्यायपालिका में बड़े बदलाव चाहती हैं जिसमें कि वो यह चाहती हैं कि जजों और सरकारी वकीलों के करियर रास्ते अलग-अलग हो ताकि न्याय प्रणाली में सरकार का प्रभाव कम हो सके और ट्रांसपेरेंसी आए। छठा बड़ा फैसला जो मेलोनी सरकार की तरफ से लिया जा रहा है वो यह कि बर्थ रेट बढ़ाने के लिए भारी छूट।
इटली की गिरती आबादी मेलोनी के लिए बड़ी चिंता है। उन्होंने उन परिवारों के लिए इनकम टैक्स में भारी कटौती और सब्सिडी के नियम बनाए हैं जिनके दो या दो से अधिक बच्चे हैं। यानी 2026 चुनौतीपूर्ण होगा, मुश्किलों भरा होगा। इस संदेश के साथ-साथ यह छह बड़े नियम वो लेकर आई हैं। ज्यादा बच्चे पैदा करने पर वो लोगों को सलाह दे रही हैं और इसी के साथ सब्सिडी वगैरह का फायदा भी दे रही हैं ताकि पॉपुलेशन जो लगातार इटली की गिर रही है वो कंट्रोल हो सके।
यह छह बड़े फैसले हैं। जिनमें से अगर भारत के लिहाज से आप देखेंगे तो यह जो वर्क वीजा कल्चर वो स्टार्ट कर रही हैं वो निश्चित तौर पर इटली और भारत के रिश्तों को मजबूत करेगा और बाकी घुसपैठियों को खदेड़ने की तैयारी मेलोनी सरकार की तरफ से भी कर ली गई है।
