शुभांकर ने क्यों छोड़ा NDTV ? 8 महीने में ही क्यों हुई छुट्टी ?

डिजिटल जर्नलिज्म की दुनिया में बड़ी पहचान बना चुके शुभांग मिश्रा ने अब एनडीTV इंडिया से अलग होने का फैसला कर लिया है। इस वजह से उन्होंने मैनेजमेंट को अपना इस्तीफा भी सौंप दिया है। समाचार फोर मीडिया के विश्वसनीय सूत्रों ने इस खबर की कंफर्मेशन कर दी है। हालांकि आधिकारिक तौर पर नई पारी को लेकर अभी कोई अनाउंसमेंट नहीं हुई है।

लेकिन उनको लेकर काफी चर्चाएं भी चल रही हैं कि वह कहां जाने वाले हैं। शुभांग मिश्रा जून 2025 में NDTV के साथ जुड़े थे और इसके बाद उन्होंने NDTV इंडिया पर प्राइम टाइम शो कचहरी [संगीत] की शुरुआत की थी। यह शो सोमवार रात 8:00 बजे प्रसारित होता था और इसमें आम लोगों से जुड़े मुद्दों को केंद्र में रखकर सिस्टम से सवाल पूछे जाते थे। उनकी एंट्री को उस वक्त हिंदी पत्रकारिता में एक बड़े बदलाव के संकेत के तौर पर देखा गया था।

इंजीनियरिंग की पढ़ाई छोड़कर पत्रकारिता में आए शुभांकर ने अपने करियर में कई अलग-अलग चरण देखे। असम की बाढ़ से लेकर कोविड काल की ग्राउंड रिपोर्टिंग तक उन्होंने खुद को सिर्फ स्टूडियो एंकर तक सीमित नहीं रखा। टीवी से अलग [संगीत] होकर उन्होंने डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर अपनी मजबूत मौजूदगी बनाई और इंस्टाग्राम, यूट्यूब, फेसबुक और एक्स पर करोड़ों फॉलोवरर्स के साथ एक बड़ा दर्शक वर्ग तैयार किया।

सोर्सेस के मुताबिक NDTV से अलग होने का फैसला आपसी सहमति से लिया गया है। यह भी चर्चा है कि शुभांकर अब अपने डिजिटल नेटवर्क को और ज्यादा बढ़ावा देने या किसी नए फ्री मीडिया वेंचर की दिशा में कदम बढ़ा सकते हैं। हालांकि ना तो शुभांकर मिश्रा और ना ही एनडीt की ओर से इस्तीफे का कारणों पर कोई जानकारी या बयान सामने आया है। लेकिन इतना साफ है कि उनकी अगली पारी पर सभी की नजरें टिकी हैं।

डिजिटल दौर में जहां पत्रकार अपनी व्यक्तिगत पहचान के साथ भी ब्रांड बन रहे हैं, वहां शुभांकर मिश्रा का यह कदम हिंदी पत्रकारिता में एक बड़े बदलाव का संकेत माना जा रहा है। आने वाले दिनों में वह किस मंच से दर्शकों के सामने आएंगे, यह देखना दिलचस्प होगा। हालांकि भड़ास वो मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक NDTV ने शुभांकर मिश्रा का कॉन्ट्रैक्ट टर्मिनेट किया है। भड़ास की रिपोर्ट में लिखा गया है कि NDTV के लिए फायदे का सौदा बनने की बजाय शुभांकर मिश्रा नुकसानदेह साबित होने लगे थे। कुछ लोग तो यह भी कह रहे हैं कि वह NDTV के नाम पर अपने यूट्यूब चैनल की मार्केटिंग में बहुत खेला कर रहे थे।

चर्चा टाइप वीडियोस के वायरल होने से उनके प्रति गंभीर पत्रकार का टैग लगने लगा था। पेड वीडियोस बनाने से उनकी गंभीरता खत्म हुई। गलगोटिया कुत्ता एआई विवाद में उन्हें भयानक ट्रोल होना पड़ा क्योंकि वह भी गलगोटिया से पढ़े लिखे हैं। ऐसा गलगोटिया की वायरल प्रोफेसर ने कहा था। और सबसे बड़ी बातt का जो शो शुभांकर करते थे उसकी टीआरपी जीरो थी।

इसलिए उनके शो को प्राइम टाइम से हटाकर रात 11:00 बजे कर दिया गया था। बाद में NDTV मैनेजमेंट ने पाया कि शुभांकर सफेद हाथी हैं जिससे मुक्ति पा लेना ही चाहिए। आखिर में NDTV ने उनका कॉन्ट्रैक्ट कैंसिल कर दिया। इस तरह हुई शुभांकर मिश्रा की NDTV से छुट्टी। हालांकि सोशल मीडिया पर कुछ लोगों के रिएक्शन भी सामने आए। एक यूजर ने लिखा निहायत अहंकारी व्यक्ति है।

हालांकि पैसा बहुत कमा चुका है। एकदम फर्क नहीं पड़ेगा। वर्जन ने लिखा एनडीt सरकारी दोस्त अडानी का चैनल है। एस मिश्रा एक रियल अनबायास जर्नलिस्ट है। गोदी मीडिया ग्रुप में फिट नहीं बैठते इसलिए छुट्टी हुई। वर्जन ने लिखा यह तो होना ही था। उसने महामानव की पोल खोलना शुरू कर दिया था। एंड टीवी तो गुलामों की जमात है।

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