जेल में KRK को मारने की रची थी साजिश।

मुस्लिम कैदियों में फैल गई कि भाई यह तो नास्तिक है। यह नमाज नहीं पढ़ता। इसको तो पीटना पड़ेगा। पांच वक्त की नमाज नहीं पढ़ोगे तो पीटे जाओगे। या तो नमाज पढ़ो या फिर नमाज नहीं पढ़ने का कोई और बहाना बनाओ। पर यह मत कहो कि हम नास्तिक हैं। क्या मुंबई की आर्थर रोड जेल में कैदियों पर धर्म फोर्स किया जा रहा है?

क्या कैदियों को प्रेशर किया जा रहा है कि वो जेल में भी पांच वक्त की नमाज पढ़े। जी हां, आर्थर रोड जेल की यह शॉकिंग बात रिवील की है फिल्म क्रिटिक केआरके ने जो कुछ दिनों पहले जेल में रहकर आए हैं। उन्होंने शेयर किया है कि उनकी बैरक में तकरीबन 200 कैदी होंगे जिसमें से 100 तो मुस्लिम होंगे। मैं था उसमें तकरीबन 200 से ज्यादा लोग होंगे और उनमें से 100 मुस्लिम होंगे। वो सभी पांच वक्त की नमाज पढ़ते हैं।

लेकिन मैंने नमाज नहीं पढ़ी उन लोगों के साथ। तो उन्होंने आकर मुझसे पूछा कि भाई आप नमाज नहीं पढ़ते हो तो मुझे कुछ पता नहीं था जेल के माहौल के बारे में। तो मैंने कुछ लोगों को कह दिया कि नहीं मैं नमाज नहीं पढ़ता हूं क्योंकि मैं नास्तिक हूं। कह दिया कि हां मैं नास्तिक हूं। मैं नमाज नहीं पढ़ता। जेल का जो जवाबदार है वो कुछ समय बाद केआरके के पास आया और उसने केआरके को कहा कि आपको यहां पर पीटने की साजिश चल रही है।

तो केआरके ने उनसे पूछा कि क्यों क्योंकि आपने कहा कि मैं नास्तिक हूं और इसी वजह से अब वो लोग आपको पीटेंगे। आपको अगर नमाज नहीं पढ़नी है तो उसका कुछ और बहाना दो। पर यह मत कहो कि आप नास्तिक हो। जिसके बाद केआरके ने वापस कैदियों को यह कहना शुरू किया कि मैं नास्तिक नहीं हूं। मैं नमाज पांचों टाइम पढ़ता हूं।

लेकिन मैंने पिछले कुछ दिनों से पुराने ही कपड़े पहने हुए हैं। कपड़े बदले नहीं है। इसीलिए इन कपड़ों में मैं नमाज नहीं पढ़ता हूं। पिछले आठ दिन से मैंने यही कपड़े पहने हुए हैं। कपड़े गंदे हैं। बस यही वजह है कि मैं नमाज नहीं पढ़ रहा हूं। कुछ इस तरह से केआरके ने जेल के अंदर अपनी जान बचाई है। केआरके ने यह भी बताया कि यह जितने भी लोग जेल के अंदर कैद थे, यह सभी पेडलर्स थे।

यह जो मुस्लिम कैदी हैं, इनमें से ज्यादा लोग वो हैं जो बाहर माल का बिजनेस करते हैं। और ड्रग पेडलिंग के जुर्म में ही यह जेल में सजा काट रहे थे। इस्लाम पैडलिंग की इजाजत नहीं देता है। मुस्लिमों में माल के बारे में बात करना भी हराम है। जिस चीज की इस्लाम इजाजत नहीं देता है वो चीज इन्होंने की और इसी वजह से यह लोग जेल में हैं और अब वहां जाकर यह लोग नमाज पढ़ रहे हैं और धर्म का प्रचार कर रहे हैं।

बैरक में पांचों वक्त की नमाज पढ़ते हैं। यह तो बहुत ही अजीब बात है कि आरके ने यह जो किस्सा शेयर किया है, यह बहुत कुछ रिवील करता है कि जेलों के अंदर भी किस तरीके से अपने धर्म का प्रचार किया जा रहा है। फोर्सफुली उसे फॉलो करने के लिए कैदियों को प्रेशर किया जा रहा

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