छोटा पंडित, छोटू राजा, टुंडा भाई जैसे किरदारों में जान डालने वाले राजपाल यादव इस वक्त दिल्ली के तिहाड़ जेल में कैद हैं। राजपाल का जैसे ही नाम लोगों के सामने आता है तो उनके हंसते मुस्कुराते किरदारों लोगों के जहन में उतर कर आ जाते हैं। इन किरदारों ने हजारों लाखों लोगों मासूम चेहरे पर हंसी ला दी और अपने गम भुला दिए।
लोगों के चेहरे पर मुस्कान लाने वाला यह 54 साल का एक्टर कभी जेल में कैद होगा इसके बारे में उनके फैंस ने सोचा भी नहीं था। राजपाल यादव के तहार जेल में सरेंडर करने की जैसे ही खबर आई तो उनके फैंस का दिल ही टूट गया। यह हाल तब और ज्यादा बुरा हो गया जब उनका जेल जाने से पहले आखिरी इंटरव्यू वायरल हुआ जिसमें उन्होंने कहा था क्या करूं सर मेरे पास कोई और रास्ता नहीं है। लेकिन सवाल यह उठता है कि आखिर राजपाल यादव का यह हाल कैसे और क्यों हुआ?
इस मूवी को बनाने के लिए राजपाल ने अपने पास से 5 से ₹6 करोड़ खुद लगाए और ₹5 करोड़ दिल्ली की एक कंपनी मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से लिए। राजपाल को लगा कि फिल्म हिट हो जाएगी और वो सारा कर्जा पाट देंगे। लेकिन रियल में हुआ इसका ठीक उल्टा। इस फिल्म ने राजपाल की जिंदगी में ऐसा अंधेरा ला दिया जिसकी काल कोठरी में वह कई साल से जी रहे हैं। राजपाल ने पैसा चुकाने के लिए चेक दिया लेकिन वह चेक बाउंस हो गए। लिहाजा जिस कंपनी से राजपाल ने कर्जा लिया था उसने सात अलग-अलग मामलों में शिकायत दर्ज की। यह केस बीते 16 साल से चल रहा है।
राजपाल यादव ने फिल्म इंडस्ट्री में 1999 में आई दिल क्या करे फिल्म से डेब्यू किया था। यानी कि एक्टरों को फिल्म इंडस्ट्री में 27 साल हो गए हैं। इतने साल में राजपाल ने कई हिट फिल्मों के हिस्सा रहे और जमकर नोट छापे। कहा जाता है कि एक्टर की नेटवर्थ करीबन 50 से 80 करोड़ है और साथ ही मुंबई में फ्लैट और यूपी के शाहजहांपुर में पैतृक संपत्ति भी है। ऐसे में सवाल उठता है कि इतनी संपत्ति होने के बाद भी वह जेल क्यों गए? दरअसल मुरली प्राइवेट लिमिटेड के अलावा राज्यपाल सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की बांद्रा ब्रांच की किस्त भी चुका नहीं पाए थे।
ऐसे में मुरली प्राइवेट लिमिटेड तो कोर्ट पहुंचा ही साथ ही बैंक की किस्त ना चुका पाने के अपराध में उन्हें 2018 में 3 महीने के लिए जेल भेजा गया। इसके साथ ही साल 2024 में बैंक अधिकारियों ने अपने पैसे रिकवर करने के लिए एक्टर के होमटाउन की करोड़ों की संपत्ति को जब्त कर लिया। इस तरह से एक्टर दिवालिया हो गए। राजपाल भले ही 27 साल से लोगों के बीच उनका रुतबा है।
लेकिन यह बात 100% सही है कि वह ज्यादातर फिल्मों में साइड रोल में दिखे। ऐसे में अब आप समझ सकते हैं कि जहां लीड हीरो एक फिल्म से 100 200 करोड़ कमा लेते हैं तो साइड एक्टर्स की सैलरी चंद लाख में सिमट जाती है। राजपाल ने फिल्म हिट होने का एक पहलू तो देखा लेकिन अगर फिल्म फ्लॉप हुई तो उसे लेकर और कर्जा चुकाने को लेकर कोई प्लान क्यों नहीं बनाया?
अगर फिल्म बनानी ही थी तो कम सितारों और कम बजट के साथ उसे पूरा कर सकते थे। यानी कि बिना किसी प्लानिंग के प्रोड्यूसर के तौर पर उतरना वो भी बिना किसी बैकअप प्लान के वही मिस फायर उन्हीं पर लगा।
लिहाजा इतना जरूर कहा जा सकता है कि एक छोटी सी गलती ने राजपाल यादव का इतना बुरा हाल कर दिया कि वो जेल की सलाखों में कैद हैं।
