अजीत पवार को आखरी वक्त में किसका फोन आया था? बड़े खुलासे से मचा बवाल।

तारीख थी 28 जनवरी 2026। दिन था बुधवार। यह दिन और तारीख महाराष्ट्र के लिए कयामत बनकर आई और महाराष्ट्र ने अपने दिग्गज नेता और डिप्टी सीएम अजीत पवार को खो दिया था। दर्दनाक प्लेन हादसे में अजीत पवार के साथ-साथ प्लेन में सवार सभी लोगों की इस हादसे में जान चली गई थी। लेकिन अजीत पवार के निधन के बाद से कई सवाल अभी भी हैं जिनके अभी तक जवाब नहीं मिल सके हैं।

हालांकि कई नेताओं ने इस हादसे पर सवाल उठाए जिससे कहीं ना कहीं इस हादसे के पीछे साजिश की बू आ रही है। तो वहीं अब एनसीपी नेता प्रमोद हिंदू राव ने अजीत पवार की मौत पर चौंकाने वाला बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अजीत दादा सड़क मार्ग से यात्रा करने वाले थे। लेकिन मंत्रालय में एक महत्वपूर्ण फाइल पर साइन के इंतजार में उन्होंने अपना प्लान बदल दिया।

उन्होंने बताया कि फाइल में देरी की वजह से ही अजीत पवार ने निजी विमान बुक किया था। इसके बाद ही वह दुखद हादसे का शिकार हो गए। इस खुलासे ने अजीत पवार की मौत को लेकर राजनीतिक गलियारों में एक नया सवाल भी अब खड़ा कर दिया है। अजीत पवार के निधन पर उनके करीबी रहे एनसीपी नेता प्रमोद हिंदुराव ने बयान देते हुए कहा कि अजीत पवार उस शाम सड़क मार्ग के जरिए पहले पुणे और फिर पुणे से बारामती जाने वाले थे। उन्होंने अपनी गाड़ी में बैग भी डलवा लिया था।

कौन वाई भी तैयार हो चुका था। लेकिन प्रफुल पटेल का उन्हें कॉल आया कि मंत्रालय में एक फाइल है जिस पर साइन चाहिए। इसके बाद ही अजीत दादा अपने मुंबई के बंगले पर ही रुक गए। फाइल का इंतजार करते और बाद में रोड से जाने का प्लान भी रद्द कर दिया और निजी विमान बुक करवाया। राज्य के उप मुख्यमंत्री अजीत पवार के अपघाती निधन के बाद उनकी मौत को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं।

इसी बीच कल्याण में आयोजित शोक सभा में राष्ट्रवादी के नेता प्रमोद हिंदू राव द्वारा दिए गए एक बयान ने पूरे मामले को अब एक नया मोड़ दे दिया है। हिंदूराव ने दावा किया कि अजीत दादा मूल रूप से बाय रोड यात्रा करने वाले थे। लेकिन मंत्रालय में लंबित एक फाइल पर हस्ताक्षर करने के कारण उनकी यात्रा योजना बदल दी गई और वह अगले दिन विमान से रवाना हुए थे।

इस बयान के सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा फिर से तेज हो चली है। इससे पहले आपको बता दें अजीत पवार गुट के विधायक अमोल मिटकरी और रोहित पवार भी इस मामले में सवाल उठा चुके हैं। हिंदू राव का एक पुराना वीडियो भी वायरल हो रहा है। इसमें पहले भी रोहित पवार ने भी अजीत पवार की मौत को लेकर सवाल उठाए थे।

लेकिन अब हिंदू राव के बयान से यह मामला फिर तूल पकड़ने लगा है और सवाल उठने लगे हैं कि आखिरकार ऐसा क्या हुआ जो अंतिम समय में उन्हें प्लेन से जाना पड़ा और फिर वो इस दर्दनाक हादसे का शिकार हो गए। वन अपना मिनट का करना है बता दो। हम सभी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के सभी कार्यकर्ता आज माननीय सीएम साहब की हमने मुलाकात की वो इसलिए ली कि 28 जनवरी को जिस तरीके से ढेर सार फ्लाइट जो नादुरुस्त थी जो किसी वीआईपी के लिए नहीं दी जाती उस फ्लाइट में बैठ के महाराष्ट्र राज्य के उप मुख्यमंत्री अजीत दादा का जो फ्लाइट क्रैश हुआ। उसके लिए हमने रिक्वेस्ट की है।

माननीय मुख्यमंत्री महोदय से कि उच्च स्तरीय इसकी जांच हो। उन्होंने सीआरडी जांच लगाई है। लेकिन अभी भी महाराष्ट्र सदमे में है। वो चाहता है कि सभी चीजों का जवाब उनको मिले। दादा कितने बजे वहां से निकले। दादा डिटेल इन्वेस्टिगेशन। डिटेल इन्वेस्टिगेशन फ्लाइट में दादा के साथ कौन-कौन था? छह लोग बैठे थे तो पांच लोग लोगों की डेड बॉडी कैसे मिली? यह जो इन्वेस्टिगेशन है वह उच्च स्तरीय चौकसी की हमने मांग इंक्वायरी की मांग की है और सीएम साहब खुद इतने भावुक थे क्योंकि उन्होंने उनका एक अच्छा दोस्त खोया महायुद्धि में सीएम साहब को सबसे बड़ा सहारा अजीत दादा थे और अजीत दादा का जाना उनके लिए भी उतनी ही भावुकता पूर्ण है।

इसलिए उन्होंने कहा कि आप कोई चिंता मत कीजिए। इसकी उच्च स्तरीय जांच जरूर होगी और हमने उनके धन्यवाद भी इसलिए दिए कि उन्होंने सुमित्रा बहनी के साथ जो भाई के जैसा उन्होंने एक खड़े रहने की एक जो कुछ उन्होंने संस्कार दिए हैं महाराष्ट्र को एक संस्कार प्रदर्शित हुए उसके लिए हमने उनके धन्यवाद भी व्यक्तित किए और हम चाहते हैं कि अजय दादा जैसे बड़े नेता का मृत्यु और वो रहस्य रहस्य ना रहे महाराष्ट्र के जनता के सामने आए कि क्या हुआ हालांकि यह जो ब्लैक बॉक्स है उसमें भी कुछ चीजें सामने आएंगी। पर उसके अलावा कुछ पॉलिटिकल एंगल के तहत भी जांच होनी चाहिए। आपको लगता है इसमें? सभी एंगल के तहत जांच होनी चाहिए। नॉट ओनली पॉलिटिकल एंगल बट मैं चाहता हूं कि सभी एंगल हो पिटिकल एंगल हो सकता है उसमें ब्लैक बॉक्स में क्या डाटा आएगा? वो कब मिलेगा? बाद में यानी हमें डाउट कैसा है कि वहां पे जिस तरीके से फ्लाइट लैंड किया गया। टेक ऑफ लेने के लिए चांस होने के बावजूद भी पायलट ने वो रिस्क क्यों नहीं ली एंड टेक ऑफ क्यों नहीं किया? हालांकि वो चाहता तो पांच सात मिनट में पुन एयरपोर्ट में पहुंच सकता था। और पायलट क्यों बदले गए क्रू पायलट और पायलट ये जो एंगल है इसके ये पॉलिटिकल भी एंगल हो सकते हैं। इसलिए हम चाहते हैं कि उसकी जांच निपक्ष जांच हो। अब वो उनप वो दो पार्टी पर निर्भर होता है। वो वो अगर मैं तय कर पाता तो मैं बोल देता।

वो मेरे हाथ में तो है नहीं। लेकिन आपने कहा दादा की कमी कली आप यहां आए थे दादा एक स्ट्रेट फॉरवर्ड बात करते थे उनके बारे में कुछ नहीं नहीं दादा जब से मतलब दादा 19 20 साल के थे तब से मेरे दोस्त दादा एक कार्यकर्ता के रूप में उन्होंने काम शुरू किया तो तब से मैं उनको जानता हूं तो तब उसके बारे में अभी कोई भी आदमी बड़ा हो जाता है तो उसके बारे में नहीं मेरी ऐसी दोस्ती थी ये बोलने का एक तरीका भी होता है वो वो तो बंदा है नहीं तो उसके बारे में ना बोले तो बेहतर है लेकिन जिन्होंने वो जिस तरह से शुरुआत की थी और जिस तरह से वो इस पद तक पहुंचे थे तो वो कमाल का जर्नी था उनका उसके लिए और वो बाकी का वो पॉलिटिकली क्या था वो छोड़ो मैं उसको हमेशा मिस करूंगा मेरा बहुत बेहतरीन दोस्त था छोटा भाई जैसे था मैं लेकिन बार-बार सवाल उठाए जा रहे हैं प्लेन हादसा को लेके नहीं नहीं सवाल उठाए जा रहे हैं तो उसका वो निराकर करण तो होना चाहिए। उसे जवाब भी मिल जाएंगे।

सवाल उठते हैं तो जवाब तो देने ही पड़ेंगे। मिल जाएंगे। मुख्यमंत्री ने भी कहा कि ब्लैक बॉक्स मिला है और अब उसकी इंक्वायरी हो रही है। सही तरीके से इंक्वायरी होगी। सच का सच जो भी है सामने आएगा। आप किस क्या कहेंगे? नहीं मुझे यार आप जो सवाल कर रहे हैं ना आपको लगता है कि मैं सर्वज्ञानी हूं। मैं कुछ नहीं मामूली इंसान हूं। मैं बिल्कुल मामूली उसके बारे में जो क्या होने वाला है वो होगा वो देख लेंगे हम। अब पवार फैमिली जो है वो उनका अंतर्गत सवाल है ना उनको जो करना है वो सिर्फ उनके दुख में मैं शामिल हूं। इतना ही मैं

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